बिहार के पूर्णिया जिले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ‘समृद्धि यात्रा’ के तीसरे चरण के तहत पहुंचे और जनता को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने पिछली सरकारों पर तीखी आलोचना करते हुए कहा कि साल 2005 में एनडीए की सरकार बनने के बाद ही बिहार में विकास के काम तेजी से शुरू हुए।

नीतीश कुमार ने कहा कि उसके पहले राज्य की स्थिति काफी खराब थी। शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई हुई थी, सड़कें बुरी तरह टूटी हुई थीं और कानून-व्यवस्था भी कमजोर थी। लोगों को शाम के समय घर से निकलने में डर लगता था। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने बिहार में कानून का राज स्थापित किया और राज्य में विकास की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।
सभा से पहले मंच पर राज्य सरकार की मंत्री लेसी सिंह लोगों को संबोधित कर रही थीं। अपने संबोधन के दौरान वे भावुक हो गईं और मंच पर ही रो पड़ीं। लेसी सिंह ने कहा कि जब भी उनके परिवार पर कोई संकट आया, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा ढाल बनकर उनके साथ खड़े रहे। उन्होंने आगे कहा कि जैसे भगवान कृष्ण ने कठिन समय में लोगों की रक्षा की, उसी तरह मुख्यमंत्री ने उन्हें मुश्किलों से बाहर निकालने में मदद की।

लेसी सिंह वर्तमान में नीतीश कुमार की कैबिनेट में मंत्री हैं और इससे पहले बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। वह पूर्णिया जिले के धमदाहा विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक चुनी जा चुकी हैं।
पूरे कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मंत्री लेसी सिंह के संबोधन के दौरान लोग विकास कार्यों की तारीफ करते दिखाई दिए। समृद्धि यात्रा के इस चरण का उद्देश्य जनता को सरकार की उपलब्धियों से अवगत कराना और आगामी विकास योजनाओं के बारे में जानकारी देना बताया गया।

इस दौरान राजनीतिक हलकों में चर्चा रही कि लेसी सिंह का भावुक होना और मुख्यमंत्री का उनके समर्थन में खड़ा रहना जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच एक सकारात्मक संदेश देने वाला रहा।
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