बिहार के किशनगंज जिले के बहादुरगंज थाना क्षेत्र में एक अनोखी घटना ने इलाके में चर्चाओं का माहौल बना दिया है। सरण्डा गांव में बुधवार को खेत की खुदाई के दौरान ट्रैक्टर चालक शेखर कुमार को जमीन के अंदर भगवान विष्णु की प्राचीन प्रतिमा मिली।

जानकारी के अनुसार, शेखर कुमार अपने खेत में मिट्टी की जुताई कर रहे थे, तभी उन्हें यह मिट्टी के नीचे दबी हुई प्रतिमा दिखाई दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह प्रतिमा अत्यंत प्राचीन और हजारों साल पुरानी हो सकती है।
प्रतिमा मिलने की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग शेखर कुमार के घर रामचर भौरादह पहुंच गए। प्रतिमा देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और ग्रामीण इसे देखने और पूजा-अर्चना करने के लिए उत्सुक दिखाई दिए।
शेखर कुमार ने प्रतिमा को अपने घर ले जाकर विधिवत पूजा-अर्चना के साथ स्थापित किया। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा उनके लिए ईश्वर का आशीर्वाद है और उन्होंने इसे घर में ही एक छोटा मंदिर बनाकर नियमित रूप से पूजा करने का निर्णय लिया है।

स्थानीय लोग इसे धार्मिक चमत्कार मान रहे हैं, वहीं कुछ इतिहासकार और ग्रामीण इसे किसी प्राचीन मंदिर या प्राचीन सभ्यता के अवशेष के रूप में देख रहे हैं।
प्रतिमा की खोज से न केवल स्थानीय लोगों में कौतूहल बढ़ा है, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शेखर कुमार ने यह भी बताया कि वे इस प्रतिमा की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखेंगे और भविष्य में इसे श्रद्धालुओं के लिए खुले तौर पर दिखाने की योजना बना रहे हैं।
इस घटना ने किशनगंज जिले में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक महत्व को लेकर नई चर्चा को जन्म दिया है और लोग इसे ईश्वर का विशेष आशीर्वाद मानकर श्रद्धा के साथ देख रहे हैं।











