किशनगंज में चल रहे चार दिवसीय कदम रसूल उर्स के तीसरे दिन गुरुवार को आस्था का बड़ा जनसैलाब देखने को मिला। कदम रसूल स्थित दाता कमली शाह रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह पर हजारों की संख्या में अकीदतमंद पहुंचे और चादरपोशी कर अमन-चैन, भाईचारे और सलामती की दुआएं मांगीं।

सदियों पुरानी इस दरगाह पर आयोजित उर्स को सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल माना जाता है, जहां हर धर्म और समुदाय के लोग एक साथ आकर अपनी आस्था व्यक्त करते हैं। बिहार के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे और दरगाह पर हाजिरी दी।

श्रद्धालुओं ने चादर चढ़ाकर फातेहा पढ़ी और अपनी मन्नतें पूरी होने की कामना की। पूरे परिसर में दिनभर धार्मिक माहौल बना रहा और ‘अमन-चैन’ की दुआओं से वातावरण गूंजता रहा। इस अवसर पर हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों ने एक साथ दरगाह में पहुंचकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की, जिससे गंगा-जमुनी तहजीब की झलक साफ देखने को मिली।

उर्स के दौरान आयोजित मेले में भी भारी भीड़ उमड़ी। दूर-दराज से आए दुकानदारों ने अपनी दुकानें सजाईं, जिससे खरीदारी और चहल-पहल बढ़ गई। मेले में खाने-पीने से लेकर घरेलू सामान तक की कई दुकानें आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।
हालांकि, भारी भीड़ के कारण मस्तान चौक क्षेत्र में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और लोगों को जाम की समस्या का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन और उर्स कमेटी की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है, जबकि प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
उर्स के आगामी दिनों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
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