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किशनगंज अतिक्रमण कार्रवाई: किशनगंज में सरकारी जमीन पर प्रशासन सख्त, DM विशाल राज ने अतिक्रमण हटाने और पुराने मामलों के जल्द निपटारे के दिए निर्देश

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किशनगंज अतिक्रमण कार्रवाई: बिहार के किशनगंज जिले में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। जिलाधिकारी Vishal Raj की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय वेश्म में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में सरकारी भूमि, लंबित मामलों और विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सरकारी जमीनों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में सबसे अधिक जोर सरकारी जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाने पर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन लोगों ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है, उन्हें नियमानुसार नोटिस जारी किया जाए और समयसीमा के भीतर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीन पर भी उसका असर दिखाई देना चाहिए।

किशनगंज अतिक्रमण कार्रवाई
किशनगंज अतिक्रमण कार्रवाई

डीएम विशाल राज ने यह भी निर्देश दिया कि जिन सरकारी जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा कर बिजली कनेक्शन लिए गए हैं, वहां संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई करे। बिजली विभाग को निर्देश दिया गया कि ऐसे सभी अवैध कनेक्शनों की पहचान कर उन्हें काटा जाए ताकि सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग रोका जा सके। प्रशासन का मानना है कि अवैध कब्जों को बढ़ावा देने में कई बार बिजली और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता भी एक बड़ा कारण बनती है।

समीक्षा बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक मामलों की भी गहन समीक्षा की गई। इनमें कर्म पुस्तिका, बायोमेट्रिक उपस्थिति, नीलाम पत्रवाद, न्यायालय वाद, लोक शिकायत, आपदा राहत, अनुशासनात्मक कार्रवाई, सूचना का अधिकार, लोकायुक्त और मानवाधिकार आयोग से जुड़े मामलों की प्रगति शामिल रही। अधिकारियों से पूछा गया कि कितने मामले लंबित हैं और उनके निष्पादन में देरी क्यों हो रही है।

मुख्यमंत्री डैशबोर्ड और सेवांत लाभ से जुड़े लंबित मामलों पर भी विशेष चर्चा हुई। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर लंबित आवेदनों की सूची तैयार कर अगली बैठक में प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मामलों में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और हर आवेदन का समय पर निष्पादन होना चाहिए।

किशनगंज अतिक्रमण कार्रवाई
किशनगंज अतिक्रमण कार्रवाई

बैठक में वर्ष 2007-08 से लंबित मामलों को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इतने पुराने मामलों का जल्द से जल्द निपटारा किया जाए। उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित मामलों के कारण आम लोगों को परेशानी होती है और प्रशासन की छवि भी प्रभावित होती है।

डीसीएलआर स्तर पर वर्ष 1999-2000 से लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। डीएम विशाल राज ने निर्देश दिया कि 20 साल से अधिक पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित किया जाए। उन्होंने कहा कि पुराने मामलों के लंबित रहने से विवाद बढ़ते हैं और आम जनता को न्याय मिलने में देरी होती है। इसलिए ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए जल्द निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

अंचल पदाधिकारियों को भी कड़े निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि प्रत्येक दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लंबित मामलों की समीक्षा की जाए और कार्रवाई की प्रगति की निगरानी की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समीक्षा केवल औपचारिकता न हो, बल्कि हर मामले में ठोस परिणाम दिखाई देना चाहिए।

प्रशासन की इस सख्ती को जिले में सरकारी जमीनों की सुरक्षा और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में किशनगंज जिले में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। कई मामलों में सरकारी जमीनों पर मकान, दुकान और अन्य निर्माण भी कर लिए गए थे। अब प्रशासन इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

बैठक में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कहा कि सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

किशनगंज अतिक्रमण कार्रवाई
किशनगंज अतिक्रमण कार्रवाई

इस दौरान आपदा राहत और लोक शिकायत से जुड़े मामलों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों से पूछा गया कि कितने लोगों की शिकायतों का समाधान किया गया और किन मामलों में अभी कार्रवाई बाकी है। डीएम ने निर्देश दिया कि लोक शिकायतों के निपटारे में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बरती जाए।

मानवाधिकार आयोग और लोकायुक्त से जुड़े मामलों पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए समयसीमा के भीतर जवाब और कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही प्रशासन के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।

बैठक में जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें एडीएम अमरेन्द्र कुमार पंकज, डीडीसी प्रदीप कुमार झा, जिला पंचायत राज पदाधिकारी जफर आलम, वरीय उपसमाहर्ता सुनीता कुमारी और जिला योजना पदाधिकारी सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कुंदन कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।

प्रशासन की इस पहल को लेकर जिले में चर्चा तेज हो गई है। आम लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन इसी तरह सख्ती से कार्रवाई करता रहा तो सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों को रोका जा सकेगा और लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान भी संभव हो पाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई केवल नोटिस जारी करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसके लिए लगातार निगरानी और सख्त अमल की जरूरत होती है। किशनगंज प्रशासन द्वारा की जा रही नियमित समीक्षा बैठकें इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही हैं।

अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना असर दिखाई देता है और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई कितनी तेजी से आगे बढ़ती है।

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