अजीत सरकार शहादत दिवस पूर्णिया: पूर्णिया में पूर्व विधायक और वामपंथी नेता कॉमरेड अजीत सरकार की शहादत दिवस पर भव्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान पूरे शहर में लाल झंडों के साथ जुलूस निकाला गया, जो आरएन साह चौक तक पहुंचा।
यह जुलूस और श्रद्धांजलि कार्यक्रम कॉमरेड अजीत सरकार के विचारों, संघर्षों और उनके सामाजिक योगदान को याद करने के लिए आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान माहौल पूरी तरह से भावुक और विचारशील रहा, जहां कार्यकर्ताओं ने उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम की शुरुआत कॉमरेड अजीत सरकार की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने उनकी प्रतिमा के सामने खड़े होकर उन्हें नमन किया और उनके संघर्षपूर्ण जीवन को याद किया।

इस मौके पर केवल अजीत सरकार ही नहीं, बल्कि उनके साथ जुड़े अन्य वामपंथी नेताओं कॉमरेड अफाकुर रहमान और कॉमरेड हरेंद्र शर्मा को भी श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही अजीत सरकार की पत्नी और पूर्व विधायक माधवी सरकार की पुण्यतिथि पर भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
सभा में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यह दिन केवल स्मरण का नहीं, बल्कि संघर्ष को आगे बढ़ाने का दिन है। कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने कहा कि अजीत सरकार ने अपने जीवन में हमेशा गरीबों, मजदूरों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और उनकी यही विचारधारा आज भी प्रेरणा देती है।
सभा की अध्यक्षता माकपा जिला कमेटी के वरिष्ठ सदस्य ने की, जबकि संचालन की जिम्मेदारी जिला सचिव सह जिला पार्षद राजीव कुमार सिंह ने संभाली। कार्यक्रम का नेतृत्व पार्टी के केंद्रीय कमेटी सदस्य द्वारा किया गया, जिन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन की दिशा और भविष्य की रणनीति पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पार्षद राजीव कुमार सिंह ने कहा कि देश इस समय गंभीर सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक तनाव जैसी समस्याएं आम जनता को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे समय में कॉमरेड अजीत सरकार के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि अजीत सरकार ने अपने जीवन में जो संघर्ष किया, वह केवल राजनीतिक नहीं था बल्कि समाज के सबसे कमजोर वर्गों के अधिकारों की लड़ाई थी। उनके विचार आज भी लोगों को प्रेरित करते हैं और आगे भी करते रहेंगे।
सभा में नेताओं ने आरोप लगाया कि आज भी समाज के कमजोर वर्गों के साथ अन्याय हो रहा है। गरीबों को उनकी जमीन से बेदखल करने की कोशिशें की जा रही हैं, जिसका पार्टी पूरी तरह विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी प्रयास के खिलाफ संगठन मजबूती से खड़ा रहेगा।

कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने लाल झंडे के साथ नारेबाजी की और अजीत सरकार के विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। लोगों ने कहा कि उनका संघर्ष केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि समाज के हर वंचित और शोषित वर्ग की आवाज था।
सभा के अंत में सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मिलकर शपथ ली कि वे शहीद अजीत सरकार के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए लगातार संघर्ष करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई है, जिसे हर हाल में आगे बढ़ाया जाएगा।
पूरे कार्यक्रम में भावनात्मक माहौल रहा और उपस्थित लोगों ने अजीत सरकार को एक सच्चे जननेता के रूप में याद किया, जिन्होंने अपने जीवन को समाज के हित में समर्पित कर दिया था।










