अररिया दुर्गा पूजा उत्सव: बिहार के अररिया जिले में दुर्गा पूजा को लेकर श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। शहर के अलग-अलग इलाकों में सजे दुर्गा पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। कहीं मां दुर्गा की आराधना और धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं, तो कहीं डांडिया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए लोग त्योहार की खुशियां मना रहे हैं। रविवार की शाम से लेकर देर रात और सुबह तक शहर के विभिन्न पूजा स्थलों पर लोगों की भागीदारी देखने को मिली। भक्ति गीतों, पारंपरिक संगीत और लोक संस्कृति की प्रस्तुतियों ने पूरे शहर को उत्सव के रंग में रंग दिया।
दुर्गा पूजा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक मेलजोल और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का अवसर भी है। अररिया में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान इस परंपरा की झलक साफ दिखाई दी। परिवारों के साथ पूजा पंडालों में पहुंचे लोगों ने मां दुर्गा के दर्शन किए और सांस्कृतिक आयोजनों का आनंद लिया। शहर के अलग-अलग हिस्सों में सजे पंडालों ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
महादेव चौक स्थित एक परिसर में रविवार रात डांडिया कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रात करीब साढ़े 11 बजे शुरू हुए इस आयोजन में महिलाओं, युवतियों और युवकों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। पारंपरिक संगीत की धुन पर डांडिया करते लोगों ने त्योहार की खुशियां साझा कीं। कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों का उत्साह देर रात तक बना रहा। संगीत और डांडिया की ताल पर लोग झूमते नजर आए। आयोजन ने धार्मिक उत्सव के साथ-साथ मनोरंजन और सामुदायिक सहभागिता का भी माहौल तैयार किया।

डांडिया जैसे पारंपरिक नृत्य कार्यक्रम त्योहारों के दौरान लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने का अवसर देते हैं। इसमें अलग-अलग आयु वर्ग के लोग शामिल होकर अपनी सांस्कृतिक रुचि और उत्साह व्यक्त करते हैं। अररिया में भी डांडिया कार्यक्रम के दौरान विभिन्न इलाकों से पहुंचे लोगों की भागीदारी देखने को मिली। देर रात तक चले इस आयोजन ने पूजा के माहौल में उमंग और उल्लास भर दिया।
शहर के विभिन्न पूजा पंडालों में पूजा समितियों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में स्थानीय परंपराओं और लोक कला को प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया। एक स्थान पर सती बिहुला की लोक सांस्कृतिक प्रस्तुति ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। लोक कथाओं और पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिला।
सती बिहुला की प्रस्तुति ने धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के बीच एक खास स्थान बनाया। ऐसे कार्यक्रमों के जरिए स्थानीय लोक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलती है। त्योहारों के अवसर पर जब लोक कला को मंच मिलता है, तो कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी मिलता है और दर्शक अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित होते हैं। अररिया में आयोजित कार्यक्रमों में धार्मिक आस्था के साथ लोक संस्कृति का यह संगम देखने को मिला।
वहीं, अष्टमी पूजा के अवसर पर शहर के मंदिरों में देर रात तक धार्मिक अनुष्ठान जारी रहे। श्रद्धालु विधि-विधान के साथ मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करते नजर आए। अररिया कॉलेज के समीप स्थित नवदुर्गा कला मंदिर और ताली बाजार के अड़गड़ा दुर्गा मंदिर में रात करीब डेढ़ बजे मां दुर्गा को छागर की बलि दी गई। इस दौरान पूजा से जुड़े धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन किया गया। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के समक्ष परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलकामना के लिए प्रार्थना की।
अष्टमी के दिन मां दुर्गा की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। इस अवसर पर मंदिरों और पूजा स्थलों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। अररिया में भी देर रात तक पूजा-अर्चना जारी रहने से धार्मिक स्थलों पर चहल-पहल देखने को मिली। भक्तों ने श्रद्धा के साथ पूजा में हिस्सा लिया और त्योहार के दौरान अपने परिवार तथा समाज की खुशहाली की कामना की।

दुर्गा पूजा के दौरान लोगों की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए। शहर में आयोजित धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान कानून-व्यवस्था पर ध्यान दिया गया। जिला पुलिस के साथ मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग की टीम भी सक्रिय रही। त्योहार के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण रहता है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के पूजा-पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल हो सकें।
रेलवे स्टेशन परिसरों में भी सुरक्षा को लेकर तैयारियां की गईं। अररिया कोर्ट रेलवे स्टेशन और अररिया आरएस रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ के जवान तैनात दिखाई दिए। रेलवे स्टेशन परिसर में स्थापित दुर्गा पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।
आरपीएफ इंस्पेक्टर विजय कुमार विश्वास के मुताबिक, दोनों रेलवे स्टेशन परिसरों में स्थापित दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों पर त्योहार के दौरान यात्रियों और श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में सुरक्षा बलों की मौजूदगी व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है।
वहीं, श्याम कुमार मंडल ने बताया कि अररिया कोर्ट रेलवे स्टेशन स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में हर साल तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इसकी शुरुआत महा सप्तमी पूजा से होती है। यह आयोजन स्थानीय लोगों के लिए धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर भी प्रदान करता है। हर साल आयोजित होने वाले ऐसे कार्यक्रम त्योहार की परंपरा को बनाए रखने और लोगों की सहभागिता बढ़ाने में मदद करते हैं।
अररिया में दुर्गा पूजा के दौरान धार्मिक अनुष्ठान, डांडिया, लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सुरक्षा इंतजाम एक साथ देखने को मिल रहे हैं। शहर के पूजा पंडालों में जहां श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन कर रहे हैं, वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोग उत्साह के साथ हिस्सा ले रहे हैं। महादेव चौक पर आयोजित डांडिया कार्यक्रम से लेकर सती बिहुला की लोक प्रस्तुति और मंदिरों में देर रात तक चले अनुष्ठानों तक, हर आयोजन ने त्योहार के अलग-अलग रंग सामने रखे।
दुर्गा पूजा जैसे पर्व समाज में आपसी मेलजोल, सहयोग और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का अवसर देते हैं। अररिया में भी विभिन्न पूजा समितियों, स्थानीय लोगों और प्रशासन की भागीदारी के बीच उत्सव का माहौल बना हुआ है। धार्मिक आस्था के साथ लोक संस्कृति और पारंपरिक आयोजनों की मौजूदगी इस पर्व को खास बना रही है।

कुल मिलाकर, अररिया में दुर्गा पूजा के दौरान भक्ति, परंपरा और उत्सव का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना में जुटे हैं, तो वहीं डांडिया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए लोग त्योहार की खुशियां साझा कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और आरपीएफ की तैनाती के बीच शहर में पूजा का माहौल उत्साह और उमंग से सराबोर नजर आ रहा है।
फिलहाल, अररिया में दुर्गा पूजा का उत्साह लोगों के बीच छाया हुआ है और धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी त्योहार की रौनक बढ़ा रहे हैं।










