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कटिहार महाष्टमी पूजा: कटिहार में महाष्टमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, 10 हजार महिलाओं ने भरा खोइछा; 3 क्विंटल दूध से बनेगी खीर

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कटिहार महाष्टमी पूजा: बिहार के कटिहार जिले में शारदीय नवरात्र की महाष्टमी के अवसर पर मां दुर्गा की आराधना के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। शहर के प्रमुख मंदिरों और दुर्गा पूजा पंडालों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। मंदिरों में मां दुर्गा के जयकारे गूंज रहे हैं और पूरा माहौल भक्तिमय बना हुआ है। इस पावन अवसर पर महिलाएं विशेष रूप से पूजा-अर्चना कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना कर रही हैं।

महाष्टमी के मौके पर कटिहार के मिर्चाइबाड़ी स्थित प्रसिद्ध सर्वमंगला सार्वजनिक दुर्गा स्थान में खास रौनक देखने को मिली। यहां सुबह से ही बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचने लगीं। मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ लगातार बढ़ती रही। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और माता रानी के सामने परिवार की मंगलकामना करते हुए अपनी श्रद्धा व्यक्त की।

इस मंदिर में महाष्टमी के अवसर पर पारंपरिक खोइछा भरने की विशेष धार्मिक परंपरा भी देखने को मिली। जानकारी के मुताबिक, करीब 10 हजार महिला श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के दरबार में खोइछा भरा। इस दौरान महिलाओं ने परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र के दौरान मां दुर्गा की पूजा और पारंपरिक रीति-रिवाजों का विशेष महत्व माना जाता है। इसी आस्था के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं मंदिर पहुंचीं और पूजा में हिस्सा लिया।

कटिहार महाष्टमी पूजा
कटिहार महाष्टमी पूजा

महाष्टमी के दिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी रही। महिलाएं पारंपरिक परिधानों में पूजा-अर्चना करती नजर आईं। कई श्रद्धालु अपने परिवार के साथ माता के दर्शन करने पहुंचे। मंदिर में पूजा के दौरान भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा। मां दुर्गा के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा और श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते हुए दर्शन करते रहे।

महाष्टमी के इस विशेष अवसर को देखते हुए मंदिर समिति की ओर से महाभोग की भी विशेष तैयारी की गई है। सर्वमंगला सार्वजनिक दुर्गा स्थान में श्रद्धालुओं के लिए करीब तीन क्विंटल दूध से खीर का प्रसाद तैयार किया जा रहा है। मंदिर समिति के अध्यक्ष रवि घोष और सचिव कृष्णा कुमार सिंह के मुताबिक, शाम को मां दुर्गा को महाभोग अर्पित किया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया जाएगा।

तीन क्विंटल दूध से तैयार होने वाली खीर महाभोग की तैयारियों का प्रमुख हिस्सा है। मंदिर समिति की ओर से प्रसाद वितरण को लेकर व्यवस्था की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर सकें। महाष्टमी पर विशेष भोग अर्पित करने की परंपरा धार्मिक उत्सव के महत्व को और बढ़ाती है। मंदिर पहुंचने वाले भक्तों के लिए यह पूजा-अर्चना के साथ प्रसाद ग्रहण करने का भी अवसर होगा।

उधर, मंदिर में उमड़ रही भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में महिला तथा पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा स्वयंसेवकों और सिविल डिफेंस के वॉलंटियर को भी व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई है। इनकी मदद से श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।

कटिहार महाष्टमी पूजा
कटिहार महाष्टमी पूजा

त्योहारों के दौरान प्रमुख धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से भीड़ प्रबंधन महत्वपूर्ण हो जाता है। ऐसे में पुलिसकर्मी और स्वयंसेवक श्रद्धालुओं को कतार में आगे बढ़ने, रास्तों को व्यवस्थित रखने और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने में मदद कर रहे हैं। प्रशासन का प्रयास है कि भक्तों को मां दुर्गा के दर्शन करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो और पूजा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो।

कटिहार जिले में महाष्टमी की रौनक केवल मिर्चाइबाड़ी स्थित सर्वमंगला सार्वजनिक दुर्गा स्थान तक सीमित नहीं है। जिले के अलग-अलग हिस्सों में भी दुर्गा पूजा की धूम देखने को मिल रही है। जानकारी के मुताबिक, पूरे जिले में करीब 700 स्थायी और अस्थायी दुर्गा मंदिरों में पूजा-अर्चना की जा रही है। इनमें नगर निगम क्षेत्र के 37 पूजा पंडाल भी शामिल हैं। इन धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन कर रहे हैं और नवरात्र के उत्सव में भाग ले रहे हैं।

जिला प्रशासन की ओर से प्रमुख पूजा स्थलों पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखना, सुरक्षा सुनिश्चित करना और धार्मिक कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी को देखते हुए संबंधित स्थानों पर व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।

शारदीय नवरात्र के दौरान महाष्टमी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां दुर्गा की पूजा करते हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हैं। कटिहार में भी इसी आस्था और विश्वास के साथ लोग मंदिरों में पहुंच रहे हैं। खासकर महिलाओं की बड़ी भागीदारी धार्मिक परंपराओं के प्रति उनकी आस्था को दर्शाती है।

मिर्चाइबाड़ी के सर्वमंगला सार्वजनिक दुर्गा स्थान में करीब 10 हजार महिलाओं द्वारा खोइछा भरने की जानकारी इस आयोजन की व्यापकता को दिखाती है। वहीं, तीन क्विंटल दूध से खीर तैयार करने की व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए महाभोग के विशेष आयोजन का हिस्सा है। पूजा, खोइछा और प्रसाद वितरण के बीच मंदिर परिसर में पूरे दिन धार्मिक गतिविधियां जारी हैं।

कटिहार महाष्टमी पूजा
कटिहार महाष्टमी पूजा

महाष्टमी के अवसर पर कटिहार में आस्था, भक्ति और उत्साह का माहौल बना हुआ है। मंदिरों में मां दुर्गा के जयकारे गूंज रहे हैं और श्रद्धालु पूरे विश्वास के साथ पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मंदिर समिति और प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं का उद्देश्य है कि बड़ी संख्या में पहुंचने वाले भक्त सुरक्षित तरीके से दर्शन कर सकें और धार्मिक आयोजन शांतिपूर्वक संपन्न हो।

फिलहाल, कटिहार में दुर्गा पूजा को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। मिर्चाइबाड़ी स्थित सर्वमंगला सार्वजनिक दुर्गा स्थान में महिलाओं की बड़ी भागीदारी, खोइछा की परंपरा और तीन क्विंटल दूध से तैयार होने वाला खीर का प्रसाद महाष्टमी के आयोजन को खास बना रहा है। पूरे जिले में मां दुर्गा की आराधना के साथ त्योहार का उल्लास छाया हुआ है।

 

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