एनएच-327ई सड़क हादसा: बिहार के किशनगंज जिले में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। ठाकुरगंज प्रखंड के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-327ई (NH-327E) पर सुखानी थाना क्षेत्र स्थित सालगुड़ी चौक के पास ओवरब्रिज पर एक ओवरलोड ट्रैक्टर और एक कार की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में कुल आठ लोग घायल हो गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब मक्का से लदा एक ट्रैक्टर तेज रफ्तार में सड़क से गुजर रहा था और सामने से आ रही सुजुकी सेलेरियो कार से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और वाहन में सवार सभी लोग घायल हो गए।
हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े। सूचना मिलते ही सुखानी थाना पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात व्यवस्था को बहाल कराया, जिससे कुछ समय तक बाधित रहा ट्रैफिक फिर से सामान्य हो सका। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार और ओवरलोड वाहनों के कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं।

सुखानी थाना प्रभारी मन्नू कुमारी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि कार अररिया की ओर से ठाकुरगंज जा रही थी। वाहन में कुल आठ लोग सवार थे, जिनमें तीन बच्चे, तीन पुरुष और दो महिलाएं शामिल थीं। हादसे में सभी लोग घायल हो गए, जबकि दो लोगों की स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए सिलीगुड़ी रेफर किया गया है।
बाकी घायलों का इलाज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में जारी है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए है। पुलिस ने बताया कि सभी घायलों की पहचान और उनके पते की पुष्टि की जा रही है, ताकि उनके परिजनों को सूचना दी जा सके।
हादसे के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि NH-327E पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही और तेज रफ्तार ड्राइविंग के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।

पुलिस ने दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि ट्रैक्टर ओवरलोड था और संभवतः तेज रफ्तार में था, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
प्रशासन ने अपील की है कि सड़क पर वाहन चलाते समय गति सीमा का पालन करें और विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों पर सतर्कता बरतें। एनएचएआई की टीम ने भी मौके का निरीक्षण किया है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों पर विचार करने की बात कही है।

यह हादसा एक बार फिर से सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई और नियमित जांच से ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और घायलों के इलाज पर निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और सड़क सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।










