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कटिहार अवैध घुसपैठ: महाकाल सेना की संकल्प सभा, अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर उठाई आवाज

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कटिहार अवैध घुसपैठ: भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ के अवसर पर कटिहार में महाकाल सेना की ओर से विरोध प्रदर्शन और संकल्प सभा का आयोजन किया गया। मनिहारी मोड़ स्थित जवान चौक पर आयोजित इस कार्यक्रम में संगठन के कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों, स्थानीय लोगों और युवाओं ने हिस्सा लिया। सभा के दौरान देश की आंतरिक सुरक्षा, सीमाओं की मजबूती और अवैध घुसपैठ से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।

कार्यक्रम में शामिल लोगों ने अवैध घुसपैठ को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की और इस विषय पर प्रशासन एवं सरकार से गंभीरता से ध्यान देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में विभिन्न संदेशों वाली तख्तियां लेकर अपनी बात रखी। इस दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी भी की और देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया।

कटिहार अवैध घुसपैठ
कटिहार अवैध घुसपैठ

जवान चौक पर आयोजित हुई संकल्प सभा

महाकाल सेना की ओर से आयोजित संकल्प सभा मनिहारी मोड़ स्थित जवान चौक पर हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष शिवानंद उर्फ पप्पू सिंह ने की। सभा में संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि देश की सुरक्षा केवल सीमाओं तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि आंतरिक सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और कानून-व्यवस्था को बेहतर रखना सभी के लिए जरूरी है।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों से जुड़े नारे लगाए। साथ ही लोगों के बीच यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर नागरिकों को भी जागरूक रहना चाहिए।

भारत छोड़ो आंदोलन के इतिहास को किया याद

संकल्प सभा के दौरान वक्ताओं ने भारत छोड़ो आंदोलन के ऐतिहासिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 8 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी ने मुंबई के ग्वालियर टैंक मैदान, जिसे अब अगस्त क्रांति मैदान के नाम से जाना जाता है, से ब्रिटिश शासन के खिलाफ भारत छोड़ो आंदोलन का आह्वान किया था।

इसके बाद 9 अगस्त 1942 से आंदोलन ने देश के विभिन्न हिस्सों में व्यापक रूप लिया। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में इस आंदोलन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभा में वक्ताओं ने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन देश की आजादी के संघर्ष और राष्ट्रीय एकजुटता का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।

महाकाल सेना के पदाधिकारियों ने कहा कि इसी ऐतिहासिक दिन की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से संगठन ने वर्तमान समय में देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को सामने रखने का प्रयास किया है।

अवैध घुसपैठ को लेकर संगठन ने जताई चिंता

महाकाल सेना के अध्यक्ष शिवानंद उर्फ पप्पू सिंह ने कहा कि संगठन देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाता रहा है। उन्होंने अवैध घुसपैठ को गंभीर चुनौती बताते हुए इस विषय पर व्यापक स्तर पर कार्रवाई और निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ आंतरिक व्यवस्था को मजबूत करना भी जरूरी है। संगठन की ओर से प्रशासन से मांग की गई कि अवैध प्रवेश या अन्य सुरक्षा संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाए और तथ्यों के आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

सभा में वक्ताओं ने यह भी कहा कि सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर भरोसा करने के बजाय संबंधित प्रशासन को सूचना देना चाहिए। कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है।

कटिहार अवैध घुसपैठ
कटिहार अवैध घुसपैठ

सीमाओं की सुरक्षा को बताया महत्वपूर्ण

कार्यक्रम के दौरान देश की सीमाओं की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि मजबूत सीमा सुरक्षा देश की संप्रभुता और आंतरिक स्थिरता के लिए आवश्यक है। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि नागरिकों को भी कानून और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करना चाहिए।

महाकाल सेना ने कहा कि देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को केवल किसी एक क्षेत्र या संगठन तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। इन विषयों पर व्यापक स्तर पर जागरूकता और चर्चा की आवश्यकता है।

स्थानीय लोगों और युवाओं की भागीदारी

संकल्प सभा में महाकाल सेना के कार्यकर्ताओं के अलावा स्थानीय नागरिकों और युवाओं ने भी हिस्सा लिया। युवाओं की भागीदारी को कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया। वक्ताओं ने युवाओं से राष्ट्रहित, सामाजिक जिम्मेदारी और कानून के प्रति सम्मान की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने की बात कही। साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर जागरूक रहने का संदेश दिया गया।

स्थानीय से राष्ट्रीय स्तर तक मुद्दा उठाने का संकल्प

महाकाल सेना ने कहा कि अवैध घुसपैठ और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विषयों को संगठन आगे भी उठाता रहेगा। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि इन मुद्दों को स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए भविष्य में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

अध्यक्ष शिवानंद उर्फ पप्पू सिंह ने कहा कि संगठन राष्ट्रहित से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाने के अपने प्रयास जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और सीमाओं की मजबूती को लेकर समाज के बीच जागरूकता पैदा करना जरूरी है।

कानून के दायरे में कार्रवाई पर जोर

सभा में वक्ताओं ने सुरक्षा से जुड़े मामलों में कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर नागरिकों को स्वयं कार्रवाई करने के बजाय पुलिस और प्रशासन को सूचना देनी चाहिए।

वक्ताओं ने कहा कि देश की आंतरिक शांति और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार नागरिक व्यवहार जरूरी है। प्रशासन की ओर से भी ऐसे मामलों की जांच तथ्यों और उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर किए जाने की आवश्यकता बताई गई।

राष्ट्रहित के मुद्दों पर आगे भी कार्यक्रम

महाकाल सेना ने संकल्प सभा के अंत में कहा कि संगठन राष्ट्रहित और देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगा। संगठन का कहना है कि स्थानीय स्तर पर उठने वाले सुरक्षा संबंधी विषयों को उचित मंच तक पहुंचाने का प्रयास जारी रहेगा।

कटिहार में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान भारत छोड़ो आंदोलन की ऐतिहासिक विरासत को याद किया गया और वर्तमान समय में आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। महाकाल सेना ने अवैध घुसपैठ को लेकर अपनी चिंता जाहिर करते हुए इसे आगे भी प्रमुखता से उठाने का संकल्प दोहराया।

कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं, स्थानीय नागरिकों और युवाओं की मौजूदगी रही। सभा के माध्यम से संगठन ने राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमाओं की मजबूती और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया।

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