कटिहार हादसा: बिहार के कटिहार जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। हाजीपुर इलाके में रविवार दोपहर एक तेज रफ्तार मिक्सर मशीन की चपेट में आने से 10 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम और आक्रोश का माहौल बन गया। हादसे से गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया, जिससे करीब तीन घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे की है। कटिहार से कोढ़ा की ओर जा रही एक हाईवे मिक्सर मशीन हाजीपुर इलाके से गुजर रही थी। इसी दौरान मोहम्मद शहाबुद्दीन के 10 वर्षीय बेटे मो. नियामत इसकी चपेट में आ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना भीषण था कि बच्चे को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद आसपास के इलाके में चीख-पुकार मच गई। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर जमा हो गए और परिवार को घटना की जानकारी दी गई।

हादसे के बाद मिक्सर मशीन का चालक मौके से वाहन लेकर भागने की कोशिश करने लगा। स्थानीय लोगों ने जब चालक को भागते देखा तो उन्होंने उसका पीछा किया और उसे पकड़ लिया। घटना से आक्रोशित लोगों ने चालक को पकड़ने के बाद उसकी पिटाई भी कर दी।
हालात बिगड़ते देख तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ के बीच से चालक को सुरक्षित बाहर निकाला और उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल मिक्सर मशीन को भी अपने कब्जे में ले लिया है।
घटना के बाद मृतक बच्चे के परिजन और स्थानीय लोग काफी आक्रोशित हो गए। उन्होंने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों की मांग थी कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
सड़क जाम होने के कारण इलाके में वाहनों की लंबी कतार लग गई। आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने के बाद पुलिस और यातायात विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया।

अधिकारियों ने लोगों को आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और पीड़ित परिवार को नियमानुसार सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। काफी समझाने-बुझाने के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ और करीब तीन घंटे बाद सड़क जाम समाप्त किया गया।
इसके बाद इलाके में यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसा किस वजह से हुआ और इसमें चालक की कितनी लापरवाही थी।
हादसे के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की, लेकिन मृतक बच्चे के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। परिजनों का कहना था कि वे बच्चे के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते।
परिवार के लिए यह घटना बेहद दुखद और झकझोर देने वाली है। जिस बच्चे के भविष्य को लेकर परिवार ने सपने देखे थे, उसकी अचानक मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव और आसपास के लोग भी इस घटना से दुखी हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर तेज रफ्तार और भारी वाहनों की लापरवाही के कारण ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इलाके में बड़े वाहनों की आवाजाही और उनकी गति पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। चालक से पूछताछ की जा रही है और दुर्घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कटिहार के इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन और वाहन चालकों की सतर्कता से ही ऐसे हादसों को कम किया जा सकता है, ताकि किसी परिवार को इस तरह का दुख न झेलना पड़े।










