जानकारी के मुताबिक, यह विशेष यातायात व्यवस्था 16 अक्टूबर से लागू की जाएगी। दुर्गापूजा के दौरान सप्तमी से ही पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगती है। अष्टमी, नवमी और विजयादशमी के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग पूजा-अर्चना के लिए घरों से निकलते हैं। ऐसे में प्रमुख सड़कों, बाजारों और पूजा पंडालों के आसपास वाहनों का दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने पहले से ही यातायात प्रबंधन की योजना तैयार की है।
इस बार शहर की यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए कुल 30 पुलिस पोस्ट बनाए गए हैं। इन पोस्ट पर 30 पुलिस पदाधिकारियों और 120 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। पुलिसकर्मी अलग-अलग स्थानों पर रहकर यातायात को नियंत्रित करेंगे और जरूरत के मुताबिक वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित बनाएंगे। इसका मकसद भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाम की स्थिति बनने से रोकना और आम लोगों की आवाजाही को आसान बनाना है।
शहरी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी यातायात पुलिस उपाधीक्षक को सौंपी गई है। वहीं, अन्य थाना क्षेत्रों में संबंधित थानाध्यक्ष, अंचल निरीक्षक और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में यातायात व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी। इस व्यवस्था के तहत पुलिस अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति का जायजा लेंगे और आवश्यकता पड़ने पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाएंगे।

दुर्गापूजा के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही भीड़ और जाम का एक बड़ा कारण बन सकती है। इसी वजह से किशनगंज शहरी क्षेत्र में सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक कई प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। पुलिस के निर्देश के मुताबिक, इस समयावधि में पिकअप वाहन, ट्रैक्टर, जुगाड़ गाड़ी, बस और ट्रक जैसे भारी वाहनों को शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। वाहन चालकों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना होगा।
इस प्रतिबंध का उद्देश्य शहर के भीतर यातायात का दबाव कम करना और पूजा पंडालों के आसपास लोगों की आवाजाही को आसान बनाना है। त्योहार के समय बाजारों और मुख्य सड़कों पर आमतौर पर लोगों की संख्या बढ़ जाती है। यदि इसी दौरान भारी वाहन भी शहर के व्यस्त हिस्सों में प्रवेश करते हैं, तो जाम की स्थिति पैदा हो सकती है। इसलिए पुलिस प्रशासन ने भारी वाहनों के लिए अलग मार्ग निर्धारित किए हैं, ताकि शहर के भीतर यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।
पुलिस की ओर से बस स्टैंड की तरफ से आने वाले भारी वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग तय किया गया है। ऐसे वाहनों को रामपुर चेक पोस्ट, बहादुरगंज मोड़, हलीम चौक और लहरा चौक के रास्ते अपने गंतव्य तक जाना होगा। वाहन चालकों से अपेक्षा की गई है कि वे निर्धारित मार्ग का पालन करें और शहर के प्रतिबंधित हिस्सों में प्रवेश करने से बचें।
इसी तरह, बहादुरगंज की ओर से किशनगंज आने वाले भारी वाहनों के लिए भी अलग रूट तय किया गया है। इन वाहनों को लहरा चौक, हलीम चौक और बहादुरगंज मोड़ से होते हुए रुईधासा फ्लाईओवर के नीचे पहुंचना होगा। वहां से यू-टर्न लेकर आगे बढ़ने की व्यवस्था बताई गई है। इसके बाद तौहिद एजुकेशन ट्रस्ट से पहले बने यू-टर्न के माध्यम से वाहन सिलीगुड़ी और किशनगंज बस स्टैंड की दिशा में जा सकेंगे।
इन वैकल्पिक रास्तों का उद्देश्य भारी वाहनों को शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रखना है। इससे पूजा पंडालों के आसपास यातायात का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, वाहन चालकों के लिए जरूरी होगा कि वे यात्रा शुरू करने से पहले निर्धारित मार्ग की जानकारी रखें और मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें।

दुर्गापूजा के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने में केवल पुलिस प्रशासन की भूमिका ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि आम नागरिकों का सहयोग भी जरूरी है। श्रद्धालुओं को चाहिए कि वे सड़क पर अनावश्यक रूप से वाहन खड़े न करें और जहां पार्किंग की व्यवस्था निर्धारित की गई हो, वहीं अपने वाहन पार्क करें। सड़क के किनारे बेतरतीब पार्किंग से रास्ता संकरा हो सकता है और भीड़ के समय जाम की समस्या बढ़ सकती है।
इसी तरह, पूजा पंडालों में जाने वाले लोगों को यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करना चाहिए। वन-वे व्यवस्था लागू होने की स्थिति में विपरीत दिशा से वाहन चलाने से बचना जरूरी है। नियमों का पालन करने से न केवल यातायात को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी, बल्कि पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी बेहतर बनी रह सकती है।
पुलिस प्रशासन की तैयारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा प्रमुख स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती भी है। 30 पोस्ट पर तैनात अधिकारी और जवान यातायात की स्थिति पर नजर रखेंगे। भीड़ बढ़ने पर वाहनों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने और जरूरत के अनुसार यातायात को नियंत्रित करने में उनकी भूमिका अहम होगी। इसके साथ ही संबंधित थाना क्षेत्रों के अधिकारी अपने इलाकों में व्यवस्था की निगरानी करेंगे।
दुर्गापूजा का त्योहार किशनगंज में धार्मिक आस्था और सामुदायिक उत्साह का महत्वपूर्ण अवसर है। इस दौरान परिवारों के साथ लोग पूजा पंडालों में दर्शन करने पहुंचते हैं। कई इलाकों में बाजारों और मुख्य मार्गों पर भी चहल-पहल बढ़ जाती है। ऐसे में यातायात की बेहतर व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए सुविधा पैदा कर सकती है और शहर में सामान्य गतिविधियों को भी सुचारु रखने में मदद कर सकती है।

पुलिस प्रशासन ने भीड़ को ध्यान में रखते हुए पहले से यातायात योजना तैयार की है, ताकि त्योहार के प्रमुख दिनों में अचानक जाम की समस्या न बढ़े। भारी वाहनों के प्रवेश पर समयबद्ध रोक और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था इसी तैयारी का हिस्सा है। अब इस व्यवस्था की प्रभावशीलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि वाहन चालक और आम नागरिक तय नियमों का कितना पालन करते हैं।
कुल मिलाकर, किशनगंज में दुर्गापूजा 2026 को लेकर यातायात व्यवस्था में किए गए बदलावों का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराना है। 16 अक्टूबर से लागू होने वाली व्यवस्था के तहत सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। शहर में 30 पुलिस पोस्ट बनाए गए हैं, जहां 30 पुलिस पदाधिकारी और 120 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। साथ ही, बस स्टैंड और बहादुरगंज की ओर से आने वाले भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट निर्धारित किए गए हैं।
ऐसे में यदि आप दुर्गापूजा के दौरान किशनगंज शहर में यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो निर्धारित यातायात मार्गों की जानकारी जरूर रखें। पुलिस के निर्देशों का पालन करें, वाहन निर्धारित स्थान पर पार्क करें और भीड़भाड़ वाले इलाकों में धैर्य बनाए रखें। प्रशासन और आम लोगों के सहयोग से ही त्योहार के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में मदद मिल सकती है।










