बेखौफ जुबां बे बाक अंदाज

किशनगंज तालाब हादसा: तालाब में डूबने से दो बच्चों की मौत, नहाने के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा; गांव में पसरा मातम

Share Now :

WhatsApp

किशनगंज तालाब हादसा: किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड से शनिवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। मटियारी पंचायत के वार्ड नंबर 10 में तालाब में नहाने के दौरान दो बच्चों की डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्चों को बचाने की कोशिश की, लेकिन दोनों की जान नहीं बचाई जा सकी।

बताया जा रहा है कि मृतक दोनों बच्चे एक ही परिवार से जुड़े थे। दोनों की उम्र करीब 10 और 12 वर्ष बताई जा रही है। इनमें एक वार्ड सदस्य मो. इजहार का भतीजा और दूसरा उनका भगिना था। दोनों बच्चे शनिवार को अपने घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित एक तालाब में नहाने के लिए गए थे।

किशनगंज तालाब हादसा
किशनगंज तालाब हादसा

नहाने के दौरान गहरे पानी में पहुंचे बच्चे

जानकारी के मुताबिक, दोनों बच्चे तालाब में नहा रहे थे। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन नहाने के दौरान दोनों तालाब के गहरे हिस्से की ओर चले गए। गहराई का अंदाजा नहीं लगने के कारण दोनों पानी में डूबने लगे।

घटना के समय आसपास मौजूद लोगों को जब बच्चों के डूबने की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत शोर मचाया। इसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तालाब में बच्चों की तलाश शुरू कर दी।

ग्रामीणों ने अपने स्तर पर काफी देर तक दोनों बच्चों को खोजने का प्रयास किया। तालाब में पानी अधिक होने के कारण बच्चों की तलाश में काफी परेशानी हुई। ग्रामीणों ने मिलकर तालाब के अलग-अलग हिस्सों में बच्चों को खोजा।

काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को तालाब से बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दोनों बच्चों की मौत हो चुकी थी।

परिवार में मचा कोहराम

दो बच्चों के डूबने की खबर जैसे ही उनके परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। एक साथ दो बच्चों की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव के लोग भी बड़ी संख्या में मृतक बच्चों के घर पहुंचने लगे। हर कोई परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहा था। लेकिन बच्चों की असमय मौत से पूरा गांव गमगीन नजर आया।

स्थानीय लोगों के मुताबिक दोनों बच्चे अक्सर दूसरे बच्चों के साथ तालाब में नहाने के लिए जाया करते थे। ग्रामीणों ने बताया कि बच्चों को तालाब में नहाने की आदत थी और इससे पहले भी वे वहां जाते रहे थे।

लेकिन शनिवार को नहाने के दौरान दोनों बच्चे तालाब के गहरे हिस्से में पहुंच गए और पानी में डूब गए। इस हादसे ने परिवार के साथ-साथ पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।

किशनगंज तालाब हादसा
किशनगंज तालाब हादसा

मुखिया प्रतिनिधि ने की घटना की पुष्टि

मटियारी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सफदर हुसैन अंसारी ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बच्चों के तालाब में डूबने की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे थे।

ग्रामीणों ने बच्चों को बचाने के लिए काफी प्रयास किया। उन्हें तालाब से बाहर निकालने की कोशिश की गई, लेकिन दोनों बच्चों को बचाया नहीं जा सका।

घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के हादसे परिवारों को जिंदगी भर का दर्द दे जाते हैं।

तालाबों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तालाबों और अन्य जलाशयों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में बड़ी संख्या में तालाब मौजूद हैं, जहां बच्चे अक्सर नहाने या खेलने के लिए पहुंच जाते हैं।

कई तालाबों में पानी की गहराई काफी ज्यादा होती है और किनारे से यह पता लगाना मुश्किल होता है कि कुछ दूरी पर पानी कितना गहरा है। ऐसे में बच्चों के लिए तालाब में नहाना खतरनाक साबित हो सकता है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों में मौजूद तालाबों और अन्य जलाशयों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए। खासकर ऐसे स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, जहां पानी अधिक गहरा है।

ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को भी जलाशयों में नहाने के खतरों के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए।

किशनगंज तालाब हादसा
किशनगंज तालाब हादसा

बच्चों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता जरूरी

तालाब, नदी और अन्य जलाशय ग्रामीण इलाकों में बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र होते हैं। गर्मी या छुट्टी के दिनों में बच्चे अक्सर दोस्तों के साथ इन स्थानों पर नहाने चले जाते हैं।

लेकिन पानी की गहराई, फिसलन और तैरने की क्षमता का सही अंदाजा नहीं होने के कारण हादसे का खतरा बना रहता है। कई बार बच्चे तालाब के सुरक्षित हिस्से से आगे निकल जाते हैं और फिर वापस आने में परेशानी होती है।

किशनगंज के टेढ़ागाछ में हुआ यह हादसा भी इसी तरह की एक दर्दनाक घटना के तौर पर सामने आया है। दो परिवारों ने अपने बच्चों को खो दिया और पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अभिभावकों को भी बच्चों पर नजर रखनी चाहिए और उन्हें बिना किसी बड़े की निगरानी के तालाब या नदी में जाने से रोकना चाहिए।

ग्रामीणों ने प्रशासन से की मांग

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तालाबों के आसपास सुरक्षा उपाय करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जलाशयों के पास चेतावनी बोर्ड लगाए जाने चाहिए और बच्चों को वहां जाने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए।

इसके अलावा ग्रामीणों ने जल सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की भी मांग की है। उनका कहना है कि यदि बच्चों और उनके परिवारों को गहरे पानी के खतरों के बारे में लगातार जागरूक किया जाए तो ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।

शनिवार को हुई इस घटना ने पूरे मटियारी पंचायत को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिस तालाब में बच्चे खुशी-खुशी नहाने के लिए गए थे, वहीं से उनकी जिंदगी खत्म होने की खबर सामने आई।

दोनों बच्चों की मौत के बाद उनके परिवारों के साथ-साथ पूरे गांव में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उन्हें सांत्वना दे रहे हैं।

किशनगंज के टेढ़ागाछ में हुआ यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि बच्चों को तालाब, नदी और अन्य जलाशयों में नहाने से पहले सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन जलाशयों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करे, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।

4 Views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Other News

error: JEB News is copyright content