किशनगंज दवा दुकान चोरी: शहर के व्यस्त गांधी चौक इलाके में रविवार तड़के एक दवा दुकान में हुई चोरी की घटना ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जीवन ज्योति दवा दुकान को छह चोरों के गिरोह ने निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने बेहद शातिर तरीके से महज करीब दो मिनट में दुकान से 55 से 60 हजार रुपये की नकदी चोरी कर ली।
चोरी की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बदमाशों ने दुकान का शटर न तो तोड़ा और न ही उसे पूरी तरह खोला। चोरों ने शटर के नीचे महज करीब 5 से 6 इंच की जगह बनाकर एक व्यक्ति को दुकान के अंदर भेजा। इस दौरान गिरोह के अन्य सदस्य बाहर से चादर की आड़ बनाए रहे, ताकि सड़क से गुजरने वाले लोगों को अंदर चल रही गतिविधियों का पता न चल सके।

तड़के करीब 4 बजे दुकान को बनाया निशाना
जानकारी के अनुसार, वारदात रविवार सुबह करीब 4 बजे की है। इसी दौरान छह लोग जीवन ज्योति दवा दुकान के पास पहुंचे। गिरोह के चार सदस्यों ने दुकान के शटर के सामने चादर तान दी। चादर लगाने का उद्देश्य सड़क की तरफ से दुकान के आसपास हो रही गतिविधियों को छिपाना था।
इसके बाद शटर के नीचे करीब 5 से 6 इंच की जगह बनाई गई। इसी संकरे रास्ते से गिरोह का एक सदस्य दुकान के अंदर दाखिल हो गया। दुकान के अंदर पहुंचने के बाद उसने सीधे गल्ले को निशाना बनाया और उसमें रखी बिक्री की रकम निकाल ली।
बताया गया है कि गल्ले में शुक्रवार शाम से रात तक की बिक्री की नकदी रखी हुई थी। रकम निकालने के बाद चोर उसी छोटे रास्ते से दुकान के बाहर निकल आया। इसके बाद गिरोह के सभी सदस्य चादर की आड़ का इस्तेमाल करते हुए वहां से फरार हो गए।
सिर्फ दो मिनट में पूरी वारदात
पूरी घटना को अंजाम देने में चोरों को करीब दो मिनट का समय लगा। कम समय में चोरी को अंजाम देने के लिए गिरोह ने पहले से पूरी तैयारी कर रखी थी। एक तरफ कुछ सदस्य दुकान के सामने चादर लगाकर गतिविधियों को छिपा रहे थे, वहीं दूसरी तरफ एक सदस्य दुकान के अंदर जाकर नकदी निकाल रहा था।
गिरोह का एक अन्य सदस्य आसपास की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। उसका काम सड़क पर आने-जाने वाले लोगों और संभावित खतरे पर नजर रखना बताया जा रहा है। इस तरह गिरोह के सदस्यों ने अलग-अलग जिम्मेदारियां बांटकर वारदात को अंजाम दिया।
चोरी की इस घटना से साफ है कि बदमाशों ने दुकान को निशाना बनाने से पहले उसके आसपास की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी होगी। हालांकि, पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपियों ने घटना को अंजाम देने के लिए किस तरह की तैयारी की थी।

शटर तोड़े बिना चोरी ने बढ़ाई चिंता
आमतौर पर दुकानों में चोरी की घटनाओं में शटर तोड़ने या ताले काटने की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन इस मामले में बदमाशों ने बिना शटर खोले ही दुकान के अंदर प्रवेश कर लिया। शटर के नीचे बनाई गई छोटी जगह से अंदर घुसकर चोरी करने का तरीका स्थानीय लोगों के लिए भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
बाहर से देखने पर दुकान का शटर लगभग सामान्य दिखाई दे रहा था। इसी वजह से चोरी के दौरान किसी राहगीर को भी तुरंत घटना का अंदाजा नहीं हुआ।
चोरी की जानकारी सामने आने के बाद दुकान और आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जुटने लगी। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की।
गांधी चौक जैसे व्यस्त इलाके में वारदात
यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि गांधी चौक किशनगंज के प्रमुख और व्यस्त इलाकों में शामिल है। यहां लोगों की आवाजाही बनी रहती है। इसके साथ ही इलाके में पुलिस की नियमित मौजूदगी और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था भी बताई जा रही है।
दुकान के ठीक सामने भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा भी स्थित है। बैंक के कारण इलाके में सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त व्यवस्था रहती है। इसके बावजूद छह लोगों के गिरोह द्वारा इतनी कम अवधि में चोरी की घटना को अंजाम देना सुरक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शहर के प्रमुख और व्यस्त इलाके में इस तरह की वारदात हो सकती है, तो अन्य दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं।

सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की तलाश
चोरी की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद होने की बात सामने आई है। फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि वारदात में शामिल छह लोगों की पहचान क्या है और वे घटना के बाद किस दिशा में फरार हुए।
सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस आरोपियों के हुलिए, उनकी गतिविधियों और घटना के दौरान इस्तेमाल किए गए तरीके की जानकारी जुटा सकती है। इसके अलावा पुलिस आसपास के अन्य कैमरों की फुटेज भी खंगाल सकती है, ताकि आरोपियों के आने और जाने के रास्ते का पता लगाया जा सके।
दुकानदारों में भी बढ़ी चिंता
दवा दुकान में हुई इस चोरी के बाद गांधी चौक और आसपास के दुकानदारों में भी चिंता बढ़ गई है। व्यापारियों के लिए दुकान में रखी नकदी और सामान की सुरक्षा हमेशा महत्वपूर्ण रहती है। ऐसे में बिना शटर तोड़े दुकान के अंदर प्रवेश कर चोरी किए जाने की घटना ने सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।
व्यापारियों के बीच अब दुकानों की निगरानी, सीसीटीवी कैमरों और रात के समय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। खासकर उन दुकानों को लेकर चिंता है, जहां देर रात या सुबह के समय बड़ी मात्रा में नकदी मौजूद रहती है।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल से मिलने वाले अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती छह लोगों के इस गिरोह की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना है।
इस घटना ने किशनगंज के गांधी चौक जैसे व्यस्त इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब दो मिनट में 55 से 60 हजार रुपये की नकदी चोरी करने वाले गिरोह ने जिस तरीके से वारदात को अंजाम दिया, वह स्थानीय व्यापारियों के लिए भी चिंता का विषय है।
अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गिरोह ने इस दुकान को किस आधार पर निशाना बनाया था और क्या इसके पीछे पहले से की गई कोई योजना थी। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज सहित उपलब्ध सुरागों के आधार पर मामले की जांच में जुटी है।










