किशनगंज दुष्कर्म मामला: किशनगंज में एक युवती ने कटिहार निवासी एक युवक पर दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और मोबाइल फोन के जरिए लगातार परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का आरोप है कि आरोपी ने उसे बहाने से होटल में बुलाया और वहां उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। पीड़िता के मुताबिक, घटना के दौरान आरोपी ने उसकी अश्लील तस्वीरें और वीडियो भी बना लिए और बाद में इन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसे डराता-धमकाता रहा।
मामले को लेकर पीड़िता ने पुलिस को लिखित शिकायत दी है। शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, घटनाक्रम और आरोपी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
पीड़िता के अनुसार, करीब दो साल पहले उसकी मोबाइल फोन के माध्यम से कटिहार निवासी राजीव कुमार चौरसिया से पहचान हुई थी। दोनों के बीच बातचीत होने लगी। युवती का आरोप है कि कुछ समय बाद आरोपी ने उससे मुलाकात करने के लिए संपर्क किया।

शिकायत के मुताबिक, 5 जनवरी 2025 को आरोपी ने युवती को किशनगंज रेलवे स्टेशन के पास बुलाया। आरोप है कि वहां से वह उसे एक होटल में ले गया। युवती का कहना है कि होटल में उसे डराया-धमकाया गया और उसकी इच्छा के खिलाफ उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
पीड़िता ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि इस दौरान आरोपी ने उसकी अश्लील तस्वीरें और वीडियो भी बना लिए। शिकायत के अनुसार, घटना के बाद जब युवती ने मामले की जानकारी देने या पुलिस में शिकायत करने की बात कही, तो आरोपी ने उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
युवती का आरोप है कि उसे धमकाया गया कि अगर उसने किसी को घटना के बारे में बताया या पुलिस से शिकायत की तो उसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएंगे। इसी डर की वजह से उसने शुरुआत में इस घटना की जानकारी अपने परिवार या अन्य लोगों को नहीं दी।
पीड़िता के मुताबिक, इसके बाद भी आरोपी का संपर्क उसके साथ बना रहा। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने अश्लील फोटो और वीडियो का इस्तेमाल युवती पर दबाव बनाने के लिए किया।
शिकायत में एक और गंभीर आरोप 5 जून 2025 की घटना को लेकर लगाया गया है। युवती का कहना है कि आरोपी ने फोटो और वीडियो डिलीट करने का बहाना बनाया और उसे दोबारा उसी होटल में बुलाया। आरोप है कि वहां एक बार फिर उसकी इच्छा के खिलाफ उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
युवती के अनुसार, दूसरी घटना के बाद उसने आरोपी से दूरी बनाने और संपर्क पूरी तरह खत्म करने की कोशिश की। लेकिन आरोप है कि इसके बाद उसे मोबाइल फोन के जरिए लगातार परेशान किया जाने लगा।

पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी लगातार कॉल करता था और अलग-अलग तरीकों से उसे मानसिक रूप से परेशान करता रहा। इसके अलावा उसने मोबाइल फोन हैक करने का भी आरोप लगाया है। युवती का कहना है कि फोन और नंबर के जरिए लगातार हो रही परेशानी से वह काफी परेशान हो गई थी।
शिकायत के मुताबिक, स्थिति से बचने के लिए युवती ने अब तक तीन बार अपना सिम कार्ड और मोबाइल नंबर तक बदल लिया। इसके बावजूद परेशानी खत्म नहीं हुई। लगातार संपर्क और कथित धमकियों से परेशान होकर आखिरकार युवती ने पुलिस से शिकायत करने का फैसला किया।
पीड़िता ने फांसीदेवा थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की। शिकायत में उसने अपने साथ हुई घटनाओं का विवरण देते हुए पुलिस से सुरक्षा और न्याय की मांग की है।
पुलिस के अनुसार, मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। जांच के दौरान पुलिस घटनास्थल, दोनों पक्षों के बीच संपर्क, मोबाइल फोन से संबंधित तथ्यों और कथित फोटो-वीडियो से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर सकती है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि शिकायत में बताए गए घटनाक्रम किस तरह हुए और आरोपों से जुड़े साक्ष्य क्या हैं। मामले की जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सदर थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब डिजिटल माध्यमों के जरिए अश्लील फोटो या वीडियो के नाम पर धमकी और ब्लैकमेलिंग की शिकायतें भी पुलिस के सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित व्यक्ति के लिए समय पर पुलिस को सूचना देना महत्वपूर्ण माना जाता है, ताकि डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जा सके और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा सके।
हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच का विषय है। आरोपी पक्ष की ओर से इस मामले में क्या प्रतिक्रिया सामने आती है, यह भी महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पीड़िता ने लंबे समय तक कथित धमकियों और प्रताड़ना के कारण शिकायत नहीं करने की बात कही है। बाद में लगातार मोबाइल कॉल, कथित ब्लैकमेलिंग और परेशान किए जाने के आरोपों के बीच उसने पुलिस का रुख किया।
अब पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में कौन-कौन से साक्ष्य उपलब्ध हैं। साथ ही कथित मोबाइल हैकिंग, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल सामग्री और दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत जैसे पहलुओं की जांच से मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
फिलहाल किशनगंज पुलिस ने मामले को दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। पुलिस की जांच और सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि घटनाक्रम में वास्तव में क्या हुआ था और आरोपों की पुष्टि किस स्तर तक होती है।










