पूर्णिया साइक्लिंग चैंपियनशिप: बिहार के पूर्णिया में खेल प्रतिभाओं के लिए दो दिनों तक चलने वाले बड़े आयोजन की शुरुआत हो गई है। बेलौरी चौक के पास 9वीं जिलास्तरीय रोड साइक्लिंग चैंपियनशिप 2026 का आगाज हुआ। प्रतियोगिता में जिले के अलग-अलग इलाकों से 300 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। दो दिवसीय इस चैंपियनशिप में खिलाड़ी अपनी रफ्तार, फिटनेस और खेल कौशल का प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रतियोगिता का आयोजन 3 और 4 अक्टूबर को किया जा रहा है। पहले दिन शनिवार को ट्रायल और क्वालिफिकेशन राउंड आयोजित किया गया, जबकि रविवार को फाइनल रेस होगी। पहले दिन खिलाड़ियों ने निर्धारित रूट पर साइकिलिंग करते हुए फाइनल मुकाबले में जगह बनाने के लिए अपना प्रदर्शन किया।
इस चैंपियनशिप का आयोजन साइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ बिहार के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। प्रतियोगिता का उद्देश्य जिले में साइक्लिंग को बढ़ावा देना और स्थानीय स्तर पर उभर रही खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देना है। बड़ी संख्या में बच्चों और युवाओं की भागीदारी से आयोजन स्थल पर खेल का उत्साह भी देखने को मिला।

इस प्रतियोगिता को खिलाड़ियों की उम्र के आधार पर छह अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें कैडेट-1, कैडेट-2, यूथ, सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर कैटेगरी शामिल हैं। हर आयु वर्ग के खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग स्तर की प्रतिस्पर्धा रखी गई है, ताकि प्रतिभागी अपनी उम्र और क्षमता के अनुरूप मुकाबले में हिस्सा ले सकें।
सबसे कम उम्र के खिलाड़ियों के लिए कैडेट-1 वर्ग रखा गया है। इसमें 10 वर्ष तक के बच्चे हिस्सा ले रहे हैं। इसके बाद कैडेट-2 कैटेगरी में 11 से 12 वर्ष की उम्र के प्रतिभागी शामिल हैं। इन छोटे खिलाड़ियों के लिए रेस की दूरी भी अपेक्षाकृत कम रखी गई है, ताकि वे सुरक्षित तरीके से प्रतियोगिता में अपना प्रदर्शन कर सकें।
यूथ कैटेगरी में 13 से 14 वर्ष के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। वहीं, 15 से 16 वर्ष की उम्र के प्रतिभागियों को सब-जूनियर वर्ग में शामिल किया गया है। इसके बाद 17 से 18 वर्ष के खिलाड़ियों के लिए जूनियर कैटेगरी निर्धारित की गई है।
सीनियर वर्ग में 18 वर्ष से अधिक आयु के प्रतिभागियों के लिए ओपन टू ऑल प्रतियोगिता रखी गई है। इस तरह प्रतियोगिता में बच्चों से लेकर युवा और वरिष्ठ आयु वर्ग के खिलाड़ियों तक को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल रहा है।

प्रतियोगिता में रेस की दूरी भी खिलाड़ियों की कैटेगरी के अनुसार निर्धारित की गई है। डिस्ट्रिक्ट साइक्लिंग एसोसिएशन के उपाध्यक्ष शशांक शेखर सिंह ने बताया कि कैडेट-1 और कैडेट-2 वर्ग के छोटे खिलाड़ियों के लिए दो किलोमीटर का रूट तय किया गया है। खिलाड़ियों को एक किलोमीटर आगे जाकर फिर वापस लौटना होगा।
वहीं, यूथ, सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग के प्रतिभागियों के लिए पांच किलोमीटर की दूरी निर्धारित की गई है। इन खिलाड़ियों को ढाई किलोमीटर आगे जाने के बाद ढाई किलोमीटर वापस लौटना होगा। इस दौरान खिलाड़ियों की गति, संतुलन और निर्धारित रूट को पूरा करने की क्षमता पर नजर रखी जा रही है।
शनिवार को आयोजित क्वालिफिकेशन राउंड प्रतियोगिता का महत्वपूर्ण चरण रहा। इस राउंड में खिलाड़ियों ने अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन किया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन रविवार को होने वाली फाइनल रेस के लिए किया जाएगा।
फाइनल मुकाबले में खिलाड़ी अपने-अपने आयु वर्ग में पदक और बेहतर स्थान हासिल करने के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। ऐसे में पहले दिन के क्वालिफिकेशन राउंड के बाद खिलाड़ियों के बीच उत्साह और बढ़ गया है। फाइनल में जगह बनाने वाले प्रतिभागी अब अगले दिन अपनी पूरी तैयारी के साथ ट्रैक पर उतरेंगे।

रोड साइक्लिंग जैसी प्रतियोगिताओं में केवल तेज गति ही महत्वपूर्ण नहीं होती, बल्कि खिलाड़ी के संतुलन, सहनशक्ति, तकनीक और लगातार प्रदर्शन करने की क्षमता भी अहम भूमिका निभाती है। यही वजह है कि प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों के लिए निर्धारित रूट और नियमों का पालन करना भी जरूरी है।
आयोजन को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। चूंकि प्रतियोगिता का रूट नेशनल हाईवे पर निर्धारित किया गया है, इसलिए खिलाड़ियों की सुरक्षा के साथ-साथ सड़क पर यातायात को व्यवस्थित रखना भी चुनौतीपूर्ण है।
इसी को ध्यान में रखते हुए स्थानीय पुलिस और यातायात पुलिस की टीम मौके पर तैनात रही। अधिकारियों और आयोजन से जुड़े लोगों की ओर से रेस के दौरान खिलाड़ियों की सुरक्षा और ट्रैक की व्यवस्था पर नजर रखी गई।
इसके अलावा एनसीसी कैडेट्स भी आयोजन स्थल पर व्यवस्था संभालते हुए नजर आए। खिलाड़ियों को निर्धारित रूट के बारे में जानकारी देने, मार्गदर्शन करने और रेस के दौरान ट्रैक पर व्यवस्था बनाए रखने में एनसीसी कैडेट्स की भूमिका रही।
चैंपियनशिप में 300 से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी पूर्णिया में साइक्लिंग के प्रति बढ़ती रुचि को भी दिखाती है। खास बात यह है कि प्रतियोगिता में कम उम्र के बच्चों से लेकर सीनियर वर्ग तक के खिलाड़ी शामिल हैं। इससे नए खिलाड़ियों को अनुभवी प्रतिभागियों से सीखने और प्रतियोगी माहौल में खुद को परखने का अवसर मिल रहा है।
आयोजन से जुड़े लोगों का फोकस खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा के लिए मंच उपलब्ध कराने के साथ-साथ जिले में साइक्लिंग की संस्कृति को मजबूत करने पर भी है। जिला स्तर पर होने वाली ऐसी प्रतियोगिताओं से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और आगे बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी करने का मौका मिलता है।
पहले दिन के क्वालिफिकेशन राउंड के बाद अब सभी की नजर रविवार को होने वाली फाइनल रेस पर है। अलग-अलग आयु वर्ग के चयनित खिलाड़ी पदक के लिए एक-दूसरे को चुनौती देंगे। दो किलोमीटर और पांच किलोमीटर के निर्धारित रूट पर खिलाड़ियों की रफ्तार और प्रदर्शन का फैसला होगा।
कुल मिलाकर पूर्णिया में 9वीं जिलास्तरीय रोड साइक्लिंग चैंपियनशिप 2026 ने जिले के खेल माहौल में उत्साह बढ़ा दिया है। 300 से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी, छह आयु वर्गों में मुकाबले और दो दिनों तक चलने वाली प्रतियोगिता इसे जिले के प्रमुख खेल आयोजनों में शामिल करती है।
अब देखना होगा कि रविवार की फाइनल रेस में कौन से खिलाड़ी अपने प्रदर्शन के दम पर पदक हासिल करते हैं और कौन अपनी कैटेगरी में बेहतर स्थान बनाकर आगे की प्रतियोगिताओं के लिए मजबूत दावेदारी पेश करते हैं। फिलहाल बेलौरी चौक के पास प्रतियोगिता स्थल पर खिलाड़ियों, आयोजकों और खेल प्रेमियों की नजरें फाइनल मुकाबले पर टिकी हुई हैं।










