किशनगंज धनतेरस कारोबार: बिहार के किशनगंज में धनतेरस के अवसर पर बाजारों में रौनक और खरीदारी का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही शहर के प्रमुख बाजारों, दुकानों और बड़े शोरूम में ग्राहकों की आवाजाही शुरू हो गई थी, जो देर रात तक जारी रही। सोने-चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी और महंगाई के बावजूद लोगों ने त्योहार की परंपरा निभाते हुए जमकर खरीदारी की। ऑटोमोबाइल से लेकर सर्राफा बाजार, इलेक्ट्रॉनिक्स, बर्तन, फर्नीचर और घरेलू सामान की दुकानों तक ग्राहकों की भीड़ दिखाई दी। व्यापारिक गतिविधियों को देखते हुए जिले में धनतेरस के दिन करीब 150 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार का अनुमान लगाया गया है।
धनतेरस को हिंदू धर्म में खरीदारी के लिए विशेष शुभ अवसर माना जाता है। इस दिन लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार सोना-चांदी, बर्तन, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और घर के उपयोग की दूसरी वस्तुएं खरीदते हैं। किशनगंज में भी इसी परंपरा का असर बाजारों में साफ दिखाई दिया। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक ग्राहकों की भीड़ रही। दुकानदारों ने भी ग्राहकों की मांग को देखते हुए अपनी दुकानों को विशेष रूप से सजाया था। बाजारों में रंग-बिरंगी लाइटों और आकर्षक सजावट ने त्योहार के माहौल को और खास बना दिया।

दोपहिया वाहनों की खरीदारी में दिखा खास उत्साह
इस बार धनतेरस पर किशनगंज के ऑटोमोबाइल सेक्टर में अच्छी बिक्री देखने को मिली। वाहन कारोबारियों से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में 1,400 से अधिक मोटरसाइकिल और स्कूटर की बिक्री हुई। धनतेरस के दिन बड़ी संख्या में लोग नए वाहन खरीदने शोरूम पहुंचे। कई ग्राहकों ने पहले से ही अपनी पसंद का वाहन बुक करा रखा था, जबकि कुछ लोगों ने मौके पर ही वाहन खरीदने का फैसला किया।
वाहनों की बिक्री के आंकड़ों पर नजर डालें तो हीरो कंपनी की करीब 400 मोटरसाइकिलों की बिलिंग हुई। वहीं, होंडा की लगभग 300 और बजाज की करीब 290 मोटरसाइकिलों की बिक्री दर्ज की गई। बहादुरगंज स्थित हीरो डीलर के यहां भी लगभग 100 मोटरसाइकिलें बिकीं। इसके अलावा जिले के अन्य डीलरों के माध्यम से करीब 400 दोपहिया वाहन बेचे गए।
दोपहिया वाहनों के साथ चारपहिया गाड़ियों की खरीदारी में भी लोगों ने दिलचस्पी दिखाई। जानकारी के अनुसार, मारुति के शोरूम से करीब 20 कारों की बिक्री हुई। अन्य चारपहिया वाहन शोरूमों में भी ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। कई परिवार धनतेरस के अवसर पर नई कार खरीदने और अपने घर नई गाड़ी लाने की योजना के साथ शोरूम पहुंचे।
ऑटोमोबाइल कारोबारियों के लिए धनतेरस का दिन अच्छा रहा। वाहनों की बिक्री के आंकड़े बताते हैं कि त्योहार के अवसर पर लोगों ने अपनी जरूरत और बजट के अनुसार खरीदारी की। खास बात यह रही कि दोपहिया वाहनों की मांग विभिन्न कंपनियों के शोरूम में बनी रही।
महंगे सोने-चांदी के बावजूद सर्राफा बाजार में खरीदारी
धनतेरस पर किशनगंज के सर्राफा बाजार में भी रौनक देखने को मिली। इस बार सोने और चांदी की कीमतें काफी ऊंचे स्तर पर होने के बावजूद ग्राहकों का उत्साह कम नहीं हुआ। लोगों ने अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार सोने-चांदी के सिक्के, गिन्नी, आभूषण और अन्य कीमती वस्तुओं की खरीदारी की।
बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1 लाख 45 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम बताई गई, जबकि 22 कैरेट सोने का भाव लगभग 1 लाख 31 हजार 500 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। वहीं, चांदी करीब 1 लाख 95 हजार रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बिकी।
कीमती धातुओं के दाम बढ़ने के कारण कई ग्राहकों ने भारी आभूषणों के बजाय छोटे आभूषणों और सोने-चांदी के सिक्कों को प्राथमिकता दी। वहीं, कुछ लोगों ने परंपरा के अनुसार चांदी के बर्तन और पूजा में इस्तेमाल होने वाली वस्तुएं भी खरीदीं।
सर्राफा दुकानों पर ग्राहकों की मौजूदगी से व्यापारियों को त्योहार के दौरान अच्छे कारोबार की उम्मीद रही। धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने की परंपरा के चलते बाजार में दिनभर चहल-पहल बनी रही।

बर्तन और पूजा सामग्री की दुकानों पर भीड़
धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा का असर किशनगंज के बाजारों में भी दिखाई दिया। पीतल, तांबे और स्टील के बर्तनों की दुकानों पर बड़ी संख्या में ग्राहक पहुंचे। लोगों ने घरों के इस्तेमाल के लिए नए बर्तन खरीदे। इसके अलावा पूजा की थालियां, दीपक और अन्य धार्मिक उपयोग की वस्तुओं की भी अच्छी मांग रही।
कई परिवारों ने धनतेरस के अवसर पर लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, झाड़ू और पूजा सामग्री खरीदी। दुकानों पर अलग-अलग डिजाइन और आकार की वस्तुएं उपलब्ध थीं। ग्राहकों ने अपनी पसंद और बजट के अनुसार खरीदारी की।
बाजारों में सजावट के सामान की दुकानों पर भी भीड़ देखने को मिली। दीपावली को ध्यान में रखते हुए लोगों ने रंग-बिरंगी लाइटें, मोमबत्तियां, सजावटी सामान और घर को आकर्षक बनाने वाली वस्तुएं खरीदीं। पूजन सामग्री की दुकानों पर भी ग्राहकों की आवाजाही लगातार बनी रही।
इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरणों की बिक्री में तेजी
धनतेरस के मौके पर इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरणों के शोरूम में भी ग्राहकों की अच्छी भीड़ रही। कई परिवारों ने त्योहार के अवसर पर घर के लिए नए इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने को प्राथमिकता दी। टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, एसी, माइक्रोवेव, मिक्सर और इंडक्शन चूल्हे जैसे उत्पादों की खरीदारी की गई।
इसके साथ ही मोबाइल फोन, लैपटॉप और कंप्यूटर की दुकानों पर भी ग्राहक पहुंचे। कुछ लोगों ने पुराने उपकरणों को बदलकर नए उत्पाद खरीदे, तो कई परिवारों ने घरेलू जरूरतों के हिसाब से इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीदारी की।
फर्नीचर के शोरूमों में भी लोगों की आवाजाही बनी रही। घरों को नए सिरे से सजाने और जरूरत के सामान खरीदने के लिए ग्राहक फर्नीचर दुकानों तक पहुंचे। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू सामान के कारोबार में भी त्योहार की रौनक देखने को मिली।

मिठाई, फल-फूल और सजावट के सामान की भी अच्छी मांग
धनतेरस और दीपावली के अवसर पर मिठाई, सूखे मेवे, फल-फूल और घर सजाने के सामान की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ रही। लोगों ने पूजा और त्योहार की तैयारियों के लिए मिठाइयां, मेवे और फल खरीदे। घरों में पूजा की व्यवस्था के लिए फूलों और अन्य पूजन सामग्री की मांग भी बनी रही।
इसके अलावा दीपावली के स्वागत के लिए लोगों ने घरों की सजावट पर भी ध्यान दिया। रंग-बिरंगी लाइटें, मोमबत्तियां और सजावटी वस्तुओं की खरीदारी ने बाजारों की रौनक बढ़ा दी। छोटे दुकानदारों के लिए भी त्योहार का यह अवसर कारोबार बढ़ाने वाला रहा।
150 करोड़ के कारोबार का अनुमान, व्यापारियों में उत्साह
किशनगंज में धनतेरस के दिन अलग-अलग व्यापारिक क्षेत्रों में हुई खरीदारी को देखते हुए जिले में कुल कारोबार 150 करोड़ रुपये के पार पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। ऑटोमोबाइल, सर्राफा, इलेक्ट्रॉनिक्स, बर्तन, फर्नीचर और घरेलू सामान जैसे क्षेत्रों में ग्राहकों की अच्छी मौजूदगी रही।
हालांकि सोने-चांदी के दामों में बढ़ोतरी और महंगाई का असर खरीदारी पर पड़ने की आशंका थी, लेकिन बाजारों में उमड़ी भीड़ ने त्योहार के उत्साह को कम नहीं होने दिया। लोगों ने अपनी जरूरत, पसंद और बजट के अनुसार खरीदारी की। वहीं, कारोबारियों को भी धनतेरस के दौरान अच्छी बिक्री की उम्मीद जगी।
कुल मिलाकर, किशनगंज में इस बार धनतेरस का त्योहार व्यापारिक गतिविधियों के लिहाज से उत्साहजनक रहा। 1,400 से अधिक दोपहिया वाहनों की बिक्री, कारों की खरीदारी और सर्राफा से लेकर घरेलू सामान तक बाजारों में दिखी चहल-पहल ने त्योहार की रौनक को और बढ़ा दिया। अब व्यापारियों की नजर दीपावली के बाकी दिनों में होने वाली खरीदारी पर है।









