किशनगंज भूतनाथ धाम: सावन की तीसरी सोमवारी के अवसर पर किशनगंज के प्रसिद्ध भूतनाथ धाम में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दराज के इलाकों से पहुंचे भक्तों ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए और विधि-विधान के साथ शिवलिंग पर जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। पूरे मंदिर परिसर में हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारे गूंजते रहे।
सावन की सोमवारी को भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इसी धार्मिक मान्यता के चलते भूतनाथ धाम में सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। भक्तों की लंबी कतारें मंदिर परिसर और आसपास के मार्गों तक दिखाई दीं। श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते हुए भगवान शिव के जयकारे लगाते नजर आए।

मंत्री दिलीप जायसवाल ने किया बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक
सावन की तीसरी सोमवारी पर बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल भी भूतनाथ धाम पहुंचे। मंदिर पहुंचने पर उन्होंने भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती का विधिवत दर्शन-पूजन किया।
मंत्री ने शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, फल और फूल अर्पित किए। इसके बाद उन्होंने विधि-विधान के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया। पूजा-अर्चना के दौरान उन्होंने प्रदेश और जिले के लोगों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मंदिर पहुंचने पर भूतनाथ मंदिर कमेटी के सदस्यों की ओर से मंत्री का स्वागत किया गया। इसके बाद मंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर भूतनाथ मेले का विधिवत शुभारंभ किया।
भोलेनाथ के जयकारों से गूंजता रहा मंदिर परिसर
तीसरी सोमवारी के कारण भूतनाथ धाम में सुबह से ही भक्तिमय माहौल बना रहा। मंदिर परिसर में भगवान शिव की पूजा के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती गई। भक्तों ने शिवलिंग पर जल, दूध और अन्य पूजन सामग्री चढ़ाकर अपनी मनोकामनाओं के लिए प्रार्थना की।
कई श्रद्धालु परिवार के साथ मंदिर पहुंचे तो बड़ी संख्या में कांवड़िया भी भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए आए। मंदिर के आसपास धार्मिक गतिविधियों और भजन-कीर्तन के कारण माहौल पूरी तरह शिवमय नजर आया।
सावन की सोमवारी पर भूतनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर कमेटी और प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएं की गई थीं। भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने पर भी जोर दिया गया।

ओदरा घाट से 15 किलोमीटर की पैदल यात्रा
भूतनाथ धाम सावन के महीने में श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बन जाता है। यहां की धार्मिक परंपरा के अनुसार बड़ी संख्या में भक्त ओदरा घाट से जल लेकर पैदल यात्रा शुरू करते हैं।
ओदरा घाट से करीब 15 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद श्रद्धालु भूतनाथ मंदिर पहुंचते हैं और बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। कई श्रद्धालु पूरी यात्रा धार्मिक उत्साह और भगवान शिव के जयकारों के साथ पूरी करते हैं।
सावन की प्रत्येक सोमवारी पर यहां विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं। इस दौरान आसपास के क्षेत्रों के अलावा दूसरे जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
इस वर्ष सरकारी सूची में शामिल हुआ भूतनाथ मेला
मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि सावन की तीसरी सोमवारी पर बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि भूतनाथ धाम लंबे समय से लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है।
मंत्री ने बताया कि बिहार सरकार ने इस वर्ष भूतनाथ मेले को अपनी सूची में शामिल किया है। इसके बाद मेले के विकास और यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि भूतनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए प्रशासन और सरकार की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर जोर
भूतनाथ धाम में सावन के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा महत्वपूर्ण विषय रहती है। बड़ी संख्या में लोगों के मंदिर पहुंचने के कारण पेयजल, साफ-सफाई, आवागमन और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं की जरूरत बढ़ जाती है।
मंत्री ने भरोसा दिलाया कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशासन और मंदिर कमेटी की ओर से भी मेले के दौरान व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सरकार द्वारा मेले को सूची में शामिल किए जाने के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में भूतनाथ धाम में बुनियादी सुविधाओं का और विस्तार होगा। इससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है।
कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
भूतनाथ धाम में आयोजित कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, मंदिर कमेटी के सदस्यों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी अनिकेत कुमार, अधिवक्ता शिशिर कुमार दास, मिक्की साहा और संजय पासवान समेत अन्य लोगों ने हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौके पर मौजूद रहे।
मंदिर परिसर में पूरे दिन धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा। भक्त भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए अपनी बारी का इंतजार करते रहे।

आस्था और परंपरा का संगम बना भूतनाथ धाम
सावन की तीसरी सोमवारी पर भूतनाथ धाम में उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर इस धार्मिक स्थल की लोकप्रियता और लोगों की गहरी आस्था को दर्शाया। ओदरा घाट से जल लेकर पैदल आने वाले श्रद्धालुओं से लेकर स्थानीय भक्तों तक, हर कोई भगवान भोलेनाथ की भक्ति में लीन नजर आया।
मंत्री दिलीप जायसवाल के जलाभिषेक और मेले के शुभारंभ के साथ इस वर्ष के धार्मिक आयोजन को भी औपचारिक रूप से गति मिली। सरकार की ओर से मेले को सूची में शामिल किए जाने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में उत्साह है।
भूतनाथ धाम में सावन की सोमवारी पर होने वाले धार्मिक आयोजन केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये क्षेत्र की धार्मिक परंपरा और सामाजिक सहभागिता का भी महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। आने वाले दिनों में यहां श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।










