किशनगंज रेल विकास: बिहार के सीमावर्ती जिले किशनगंज में रेल सुविधाओं के विस्तार और लंबित परियोजनाओं को गति देने की मांग तेज हो गई है। किशनगंज लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद ने क्षेत्र की प्रमुख रेल समस्याओं और यात्री सुविधाओं को लेकर केंद्रीय रेल मंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को जल्द पूरा करने और नई सुविधाओं के विस्तार की मांग रखी है।
सांसद डॉ. जावेद ने कहा कि किशनगंज क्षेत्र भौगोलिक और रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। यह इलाका पूर्वोत्तर भारत का प्रवेश द्वार माना जाता है और नेपाल तथा पश्चिम बंगाल की सीमाओं से जुड़ा हुआ है। ऐसे में यहां मजबूत रेल नेटवर्क और बेहतर यात्री सुविधाएं केवल आम लोगों की सुविधा के लिए ही नहीं, बल्कि व्यापार, विकास और सुरक्षा के लिहाज से भी काफी जरूरी हैं।
सांसद द्वारा रेल मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में किशनगंज शहर की सबसे बड़ी यातायात समस्याओं में शामिल रेलवे समपार फाटक संख्या SK-313 और SK-314 पर रेल ओवर ब्रिज यानी ROB निर्माण की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है।
डॉ. जावेद ने बताया कि इन दोनों रेलवे फाटकों पर प्रतिदिन भारी संख्या में वाहनों और लोगों की आवाजाही होती है। ट्रेन गुजरने के समय फाटक बंद होने से लंबा जाम लग जाता है। इस जाम के कारण स्कूली छात्रों, मरीजों, व्यापारियों और आम नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर रेल ओवर ब्रिज का निर्माण समय की जरूरत है। इसके लिए उन्होंने बिहार सरकार और रेलवे के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर परियोजना को जल्द मंजूरी देने और निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि ROB बनने से यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।
ज्ञापन में सांसद ने सीमावर्ती गलगलिया रेलवे स्टेशन के विकास का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने कहा कि गलगलिया रेलवे स्टेशन का महत्व केवल स्थानीय यात्रियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्रीय व्यापार और सीमावर्ती गतिविधियों के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है।
डॉ. जावेद ने गलगलिया स्टेशन पर कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव की मांग की है। उन्होंने ट्रेन संख्या 15723/15724 और 75705/75706 का ठहराव सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। उनका कहना है कि इससे स्थानीय यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और क्षेत्र के लोगों का आवागमन आसान होगा।
इसके साथ ही उन्होंने गलगलिया रेलवे स्टेशन पर लिंकिंग यार्ड के निर्माण और स्टेशन के आधुनिकीकरण की मांग भी रखी है। सांसद के अनुसार, नेपाल और पश्चिम बंगाल की सीमा के करीब स्थित होने के कारण गलगलिया स्टेशन का विकास क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा दे सकता है।
सांसद डॉ. जावेद ने किशनगंज और ठाकुरगंज रेलवे स्टेशनों के विकास का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि दोनों स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किया जा रहा है, लेकिन इन कार्यों को तय समय सीमा के अंदर पूरा करना जरूरी है।
उन्होंने रेलवे से मांग की कि स्टेशन विकास से जुड़े सभी कार्यों की नियमित निगरानी की जाए, ताकि यात्रियों को जल्द से जल्द आधुनिक सुविधाएं मिल सकें। इसके अलावा उन्होंने दोनों स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाने और उन्हें आरपीएफ नियंत्रण कक्ष से जोड़ने का सुझाव दिया।
सांसद ने कहा कि वर्तमान समय में रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से मजबूत करना बेहद जरूरी है। सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था बेहतर होने से यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।
ज्ञापन में सांसद ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्वीकृत परियोजनाओं की प्रगति और लागत से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने का भी आग्रह किया है। उनका कहना है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और नियमित निगरानी रहने से परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि जनता को यह जानकारी मिलनी चाहिए कि उनके क्षेत्र में स्वीकृत योजनाओं पर कितना काम हुआ है और उन्हें पूरा करने की समय सीमा क्या है। इससे विकास कार्यों में जवाबदेही बढ़ेगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
डॉ. मोहम्मद जावेद ने कहा कि किशनगंज क्षेत्र के विकास के लिए बेहतर रेल कनेक्टिविटी बेहद महत्वपूर्ण है। रेल नेटवर्क मजबूत होने से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने उम्मीद जताई कि रेल मंत्रालय क्षेत्र की मांगों पर सकारात्मक विचार करेगा और लंबित परियोजनाओं को जल्द पूरा करने की दिशा में कदम उठाएगा।
किशनगंज के लोगों की लंबे समय से मांग रही है कि क्षेत्र में रेल सुविधाओं का विस्तार किया जाए और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। सांसद द्वारा उठाए गए इन मुद्दों के बाद अब लोगों की नजर केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय के अगले कदम पर है।
यदि इन परियोजनाओं को मंजूरी मिलती है और समय पर पूरा किया जाता है, तो किशनगंज में यातायात व्यवस्था, स्टेशन सुविधाओं और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिल सकती है।










