किशनगंज शिक्षक दुष्कर्म: बिहार के किशनगंज जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक शिक्षक पर युवती को शादी का भरोसा देकर उसके साथ दुष्कर्म करने, लंबे समय तक यौन शोषण करने और दो बार गर्भवती होने पर जबरन गर्भपात कराने का आरोप लगा है। पीड़िता ने यह भी दावा किया है कि जब उसने शादी की बात उठाई, तो आरोपी और उसके परिवार की ओर से शादी करने से इनकार कर दिया गया। इतना ही नहीं, शिकायत में शादी के बदले पांच लाख रुपये की मांग किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।
पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर किशनगंज महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, इस पूरे मामले में लगाए गए आरोपों की अभी जांच होनी बाकी है। आरोपी का पक्ष भी सामने नहीं आया है।
आइए, विस्तार से जानते हैं कि आखिर यह पूरा मामला क्या है और पीड़िता ने अपनी शिकायत में कौन-कौन से आरोप लगाए हैं।
दरअसल, यह मामला बिहार के किशनगंज जिले का है। शिकायत करने वाली युवती दिघलबैंक थाना क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही है। वहीं, शिकायत में जिस व्यक्ति को आरोपी बनाया गया है, उसकी पहचान जियापोखर थाना क्षेत्र के सोनामुनी गांव निवासी जेठा मुर्मू के रूप में बताई गई है। शिकायत के मुताबिक, आरोपी वर्तमान में उत्क्रमित मध्य विद्यालय गिल्हाबाड़ी में शिक्षक के पद पर कार्यरत है।

पीड़िता का कहना है कि उसकी पहचान आरोपी से पहले से थी। इसी परिचय के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर उससे शादी करने का वादा किया। युवती का आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती की और बाद में शादी करने का आश्वासन देकर संबंध बनाए रखे।
पीड़िता की शिकायत के अनुसार, इस मामले की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी। उस समय युवती किशनगंज में किराए के कमरे में रहती थी। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने उसे शादी का भरोसा दिया और उसके साथ जबरदस्ती की। पीड़िता का दावा है कि इसके बाद आरोपी ने नौकरी मिलने पर शादी करने की बात कही और इसी वादे के आधार पर उसका कथित तौर पर यौन शोषण करता रहा।
शिकायत में पीड़िता ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उसका कहना है कि इस दौरान वह दो बार गर्भवती हुई। पीड़िता के मुताबिक, दोनों ही बार उसका जबरन गर्भपात कराया गया। यह आरोप मामले को और गंभीर बनाता है। हालांकि, गर्भपात से जुड़े आरोपों और उनसे संबंधित परिस्थितियों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पीड़िता का दावा है कि आरोपी लंबे समय तक शादी का भरोसा देता रहा। उसे उम्मीद थी कि नौकरी मिलने के बाद आरोपी अपने वादे के मुताबिक उससे शादी करेगा। लेकिन समय बीतने के साथ जब शादी की बात आगे बढ़ाने की कोशिश हुई, तो विवाद की स्थिति पैदा होने लगी।
शिकायत में 3 जून 2023 की एक घटना का भी जिक्र किया गया है। पीड़िता के अनुसार, उस दिन आसपास के कुछ लोगों ने दोनों को कथित तौर पर आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसके बाद मामला परिवारों तक पहुंचा और दोनों पक्षों के परिजनों की मौजूदगी में पंचायत बुलाई गई।
पीड़िता का कहना है कि पंचायत के दौरान आरोपी के परिवार की ओर से आश्वासन दिया गया था कि नौकरी मिलने के बाद शादी करा दी जाएगी। शिकायत के मुताबिक, इस संबंध में एक समझौता पत्र भी तैयार किया गया था। युवती का दावा है कि उसे इस आश्वासन के आधार पर उम्मीद बनी रही कि उसकी शादी हो जाएगी और विवाद का समाधान निकल आएगा।
लेकिन पीड़िता के आरोपों के अनुसार, बाद में परिस्थितियां बदल गईं। जून 2025 में युवती के मायके पक्ष के लोग शादी की बात करने आरोपी के घर पहुंचे। शिकायत में कहा गया है कि इस दौरान आरोपी के परिवार ने शादी कराने से इनकार कर दिया।

पीड़िता का आरोप है कि शादी से इनकार किए जाने के बाद मामला और बिगड़ गया। उसने यह भी दावा किया है कि बाद में आरोपी ने शादी करने के बदले पांच लाख रुपये दहेज की मांग की। यह आरोप भी शिकायत का हिस्सा है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। फिलहाल, यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित मांग किन परिस्थितियों में की गई और इससे संबंधित कोई स्वतंत्र साक्ष्य सामने आता है या नहीं।
इस मामले में पीड़िता ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। शिकायत मिलने के बाद महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। महिला थानाध्यक्ष सुनीता कुमारी के मुताबिक, पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस इसकी जांच कर रही है।
पुलिस की जांच में शिकायत में बताए गए घटनाक्रम, कथित शादी के वादे, पंचायत और समझौता पत्र से जुड़े तथ्यों की पड़ताल महत्वपूर्ण हो सकती है। इसके साथ ही, दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मामले की परिस्थितियों को समझने की कोशिश की जाएगी। हालांकि, जांच में किन-किन बिंदुओं को शामिल किया गया है और अब तक क्या तथ्य सामने आए हैं, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
इस मामले में आरोपी शिक्षक का पक्ष जानने के लिए फोन के जरिए संपर्क करने की कोशिश भी की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। ऐसे में अभी आरोपी की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिहाज से आरोपी का पक्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण है, ताकि मामले के सभी पहलुओं को समझा जा सके।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि प्राथमिकी दर्ज होने का अर्थ आरोपों का साबित हो जाना नहीं है। फिलहाल, युवती की ओर से लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी व्यक्ति को दोषी घोषित करना उचित नहीं होगा।
फिलहाल, किशनगंज का यह मामला शादी के वादे, कथित यौन शोषण, जबरन गर्भपात और दहेज की मांग जैसे गंभीर आरोपों को लेकर चर्चा में है। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर है। जांच में सामने आने वाले तथ्य ही यह स्पष्ट करने में मदद करेंगे कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति क्या है और आगे किस तरह की कानूनी कार्रवाई की जाती है।
फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जैसे-जैसे इस मामले में आधिकारिक जानकारी सामने आएगी, उससे जुड़ी आगे की अपडेट आप तक पहुंचाई जाएगी।










