बेखौफ जुबां बे बाक अंदाज

बालिका जागरूकता कार्यक्रम: किशनगंज में 500 से अधिक छात्राओं ने निकाली प्रभात फेरी, ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का दिया संदेश

Share Now :

WhatsApp

बालिका जागरूकता कार्यक्रम: बेटियां पढ़ेंगी, आगे बढ़ेंगी और आत्मनिर्भर बनेंगी, तभी समाज और देश का भविष्य मजबूत होगा। इसी संदेश के साथ बिहार के किशनगंज में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के तहत 500 से अधिक छात्राओं ने प्रभात फेरी निकालकर समाज को ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का संदेश दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को उनके अधिकारों, शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करना था।

किशनगंज जिला प्रशासन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, छात्राओं, शिक्षकों और महिला सशक्तीकरण से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रभात फेरी के जरिए लोगों को यह संदेश देने की कोशिश की गई कि बेटियों को शिक्षा और समान अवसर देना केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है।

दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस बालिकाओं के अधिकारों, उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और समान अवसरों को लेकर जागरूकता बढ़ाने का अवसर है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए किशनगंज जिला प्रशासन ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया।

बालिका जागरूकता कार्यक्रम
बालिका जागरूकता कार्यक्रम

कार्यक्रम जिलाधिकारी नवीन कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इस दौरान उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार झा और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सह महिला एवं बाल विकास निगम की नोडल पदाधिकारी बंदना पांडेय ने हरी झंडी दिखाकर प्रभात फेरी को रवाना किया। प्रभात फेरी में 500 से अधिक छात्राओं ने भाग लिया और बालिका शिक्षा तथा महिला सशक्तीकरण के महत्व को लोगों तक पहुंचाने का संदेश दिया।

प्रभात फेरी का आयोजन केवल एक औपचारिक गतिविधि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से छात्राओं को समाज में अपनी भूमिका और अधिकारों के प्रति जागरूक करने का प्रयास भी किया गया। छात्राओं की भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष बनाया। इस तरह के आयोजन बालिकाओं को सार्वजनिक गतिविधियों में हिस्सा लेने, अपनी बात रखने और सामाजिक मुद्दों को समझने का अवसर देते हैं।

प्रभात फेरी निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ी। इसमें महिला थाना, वन स्टॉप सेंटर और जिला महिला सशक्तीकरण कार्यालय को शामिल किया गया। इसके बाद प्रभात फेरी बालिका उच्च विद्यालय, डुमरिया पहुंची, जहां जागरूकता कार्यक्रम के अगले चरण का आयोजन किया गया।

इस मार्ग का उद्देश्य छात्राओं को महिला सुरक्षा और सहायता से जुड़ी संस्थाओं के बारे में जानकारी देना भी था। महिला थाना, वन स्टॉप सेंटर और महिला सशक्तीकरण कार्यालय जैसी संस्थाएं महिलाओं तथा बालिकाओं को सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इन संस्थाओं के बारे में जानकारी होने से जरूरत पड़ने पर छात्राएं और उनके परिवार उचित सहायता प्राप्त करने के लिए संबंधित कार्यालयों तक पहुंच सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को महिला सुरक्षा, उनके अधिकारों और सरकार की ओर से उपलब्ध सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें जागरूक रहने, किसी भी परेशानी की स्थिति में मदद लेने और अपने अधिकारों को समझने के लिए प्रेरित किया गया।

बालिका जागरूकता कार्यक्रम
बालिका जागरूकता कार्यक्रम

बालिकाओं की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी शिक्षा और भविष्य को लेकर जागरूकता बढ़ाना भी इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य रहा। शिक्षा लड़कियों को अपने फैसले लेने, रोजगार के अवसरों तक पहुंचने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का आधार देती है। इसलिए बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना और उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।

प्रभात फेरी के बाद बालिका उच्च विद्यालय, डुमरिया में चित्रकला, भाषण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्राओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और बालिका शिक्षा, महिला सुरक्षा तथा सशक्तीकरण जैसे विषयों पर विचार व्यक्त करने का अवसर मिला।

चित्रकला प्रतियोगिता में छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता के जरिए सामाजिक जागरूकता से जुड़े संदेश प्रस्तुत किए। इस प्रतियोगिता में खुशी कुमारी ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि संजना कुमारी द्वितीय और रितिका कुमारी तृतीय स्थान पर रहीं।

वहीं, भाषण प्रतियोगिता में छात्राओं ने अपने विचारों और वक्तव्य के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा, अधिकारों और समाज में उनकी भूमिका जैसे विषयों पर अपनी बात रखी। इस प्रतियोगिता में अहाना परवीन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। खुशी कुमारी दूसरे और प्रीति कुमारी तीसरे स्थान पर रहीं।

प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के माध्यम से छात्राओं की प्रतिभा और प्रयासों को प्रोत्साहित किया गया। इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें सार्वजनिक मंच पर अपनी बात रखने के लिए भी प्रेरित करती हैं।

बालिका जागरूकता कार्यक्रम
बालिका जागरूकता कार्यक्रम

कार्यक्रम के दौरान जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सह महिला एवं बाल विकास निगम की नोडल पदाधिकारी बंदना पांडेय ने छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने उन्हें शिक्षा जारी रखने, अपने करियर को लेकर लक्ष्य निर्धारित करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

छात्राओं के लिए शिक्षा का महत्व केवल परीक्षा पास करने या डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं है। शिक्षा उन्हें अपने अधिकारों को समझने, सही निर्णय लेने और जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने की क्षमता प्रदान करती है। करियर के प्रति जागरूकता और आत्मनिर्भर बनने की सोच बालिकाओं को भविष्य में अपने पैरों पर खड़े होने के लिए तैयार करती है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी नवीन कुमार और उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार झा ने भी बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तीकरण को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने समाज से इस दिशा में सहयोग करने की अपील की।

बालिकाओं के बेहतर भविष्य के लिए परिवार, विद्यालय, प्रशासन और समाज के बीच सहयोग आवश्यक है। केवल सरकारी योजनाओं के माध्यम से ही नहीं, बल्कि सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव लाकर भी बेटियों के लिए बेहतर अवसर तैयार किए जा सकते हैं। लड़कियों को शिक्षा प्राप्त करने, अपनी पसंद के क्षेत्र में करियर बनाने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।

कार्यक्रम का संचालन महिला पर्यवेक्षिका प्रीति सिंह ने किया। वहीं, वन स्टॉप सेंटर सह महिला हेल्पलाइन की केंद्र प्रशासक रोशनी परवीन ने आयोजन में शामिल अतिथियों, छात्राओं, शिक्षकों और कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

किशनगंज में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। 500 से अधिक छात्राओं की भागीदारी ने बालिका शिक्षा और महिला सशक्तीकरण के मुद्दे को प्रमुखता से सामने रखा।

हालांकि, ऐसे कार्यक्रमों की सार्थकता तभी और अधिक बढ़ेगी, जब जागरूकता के साथ-साथ बालिकाओं को शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और करियर के क्षेत्र में लगातार सहयोग मिलता रहे। समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना और उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराना सामूहिक जिम्मेदारी है।

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर किशनगंज में निकाली गई प्रभात फेरी ने इसी सोच को आगे बढ़ाने का संदेश दिया कि बेटियों को पढ़ने, आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए। जब बालिकाएं शिक्षित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर होंगी, तभी समाज के विकास को नई दिशा मिल सकेगी।

 

6 Views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Other News

error: JEB News is copyright content