किशनगंज हेरोइन तस्करी: किशनगंज जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की संयुक्त कार्रवाई ने एक बड़ा खुलासा किया है। कुर्लीकोट थाना क्षेत्र के धर्मकाटा चौक स्थित हजरत अली के कबाड़खाने में छापेमारी के दौरान 362.8 ग्राम हेरोइन के साथ सात लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई से इलाके में हेरोइन की तस्करी की गहरी जड़ें उजागर हुई हैं।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर की गई इस छापेमारी की जानकारी गुप्त सूत्रों से मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने कबाड़खाने की निगरानी शुरू की और यह सुनिश्चित किया कि तस्करों को मौके पर ही गिरफ्तार किया जाए। छापेमारी के दौरान न केवल हेरोइन जब्त की गई बल्कि आरोपी अपने वाहन और अन्य आपत्तिजनक सामान के साथ पकड़े गए।

जब्त सामग्री और वाहन
पुलिस ने छापेमारी में 362.8 ग्राम हेरोइन, 10 मोबाइल फोन, एक लाल रंग की हुंडई आई-10 कार (BR11U8677) और एक पल्सर मोटरसाइकिल (BR37AD3915) जब्त किया। यह माल पुलिस के अनुसार बाजार मूल्य में लाखों रुपये का था। हेरोइन की इतनी बड़ी मात्रा से यह स्पष्ट होता है कि यह गिरोह न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राज्य और पड़ोसी राज्यों में भी तस्करी कर रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची
इस मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें कबाड़खाने के मालिक हजरत अली (52) और उनकी पत्नी तुमिना बीबी खातून (38) प्रमुख हैं। अन्य गिरफ्तार आरोपियों में नाजीमुल हुसैन (32), मो. साकिर (32), वसीम अख्तर उर्फ राहुल शेख (19), बब्लू शेख (52), और नेपाल निवासी नुरज आलम (40) शामिल हैं। अधिकांश आरोपियों का संबंध उत्तर दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल से है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने कबाड़खाने को हेरोइन के भंडारण और बिक्री के लिए इस्तेमाल किया। उनका यह नेटवर्क व्यवस्थित था और लंबे समय से काम कर रहा था। छापेमारी से यह भी पता चला कि आरोपी न केवल हेरोइन बेचते थे बल्कि इसे बड़ी मात्रा में खरीदकर पूरे क्षेत्र में वितरित करते थे।

पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कबाड़खाने में हेरोइन भंडारण और बिक्री की बात स्वीकार की है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और हेरोइन के स्रोत का पता लगा रही है। इसके साथ ही तस्करी में शामिल अपराधियों की अवैध संपत्ति जब्त करने की भी कार्रवाई की जाएगी।
कुर्लीकोट थाना में इस संबंध में 9 जून 2026 को एनडीपीएस एक्ट, 1985 की धारा 8(c)/21(c)/25/29 के तहत कांड संख्या 42/26 दर्ज की गई है। किशनगंज पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए यह कहा है कि मादक पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की तस्करी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हेरोइन तस्करी की बढ़ती चुनौती
किशनगंज जिले में हेरोइन तस्करी की घटनाएं पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ रही हैं। सीमावर्ती इलाकों और पड़ोसी राज्यों से आने वाले मादक पदार्थों की वजह से स्थानीय पुलिस के लिए यह चुनौती और गंभीर हो गई है। इस प्रकार की तस्करी न केवल युवाओं को प्रभावित करती है बल्कि समाज में अपराध और असामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किशनगंज और आसपास के क्षेत्रों में तस्करी की घटनाओं की जांच और निगरानी के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल जरूरी है। पुलिस और सशस्त्र बल के संयुक्त अभियान ही ऐसे मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कर सकते हैं।
समुदाय और स्थानीय प्रशासन की भूमिका
स्थानीय प्रशासन और समुदाय की जागरूकता भी मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। नागरिकों को चाहिए कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। किशनगंज पुलिस ने भी जनता से अपील की है कि वे मादक पदार्थों की तस्करी रोकने में सहयोग करें।
निष्कर्ष
किशनगंज में हेरोइन तस्करी का यह खुलासा यह दिखाता है कि मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी है। सात तस्करों की गिरफ्तारी और 362.8 ग्राम हेरोइन, साथ ही वाहनों और मोबाइल फोन की जब्ती, स्थानीय प्रशासन और पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है। किशनगंज पुलिस का यह कदम न केवल मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने में सहायक है बल्कि युवाओं और समाज को सुरक्षित रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।
हेरोइन और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में जागरूकता, सहयोग और सख्त कानूनी कार्रवाई ही सबसे प्रभावी उपाय हैं। किशनगंज में यह अभियान एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में सामने आया है।










