किशनगंज MSME मीट: कभी शिक्षा, रोजगार और विकास के क्षेत्र में कई चुनौतियों से जूझने वाले किशनगंज में अब युवाओं और स्थानीय लोगों के बीच कारोबार और स्वरोजगार को लेकर नई जागरूकता देखने को मिल रही है। इसी बदलती सोच की एक तस्वीर रविवार को किशनगंज जिले के सिंधिया चौक स्थित ऑक्सफोर्ड इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित MSME बिजनेस मीट 2026 के दौरान देखने को मिली।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय युवा, कारोबारी, नए उद्यमी और व्यवसाय शुरू करने की इच्छा रखने वाले लोग शामिल हुए। इस दौरान लोगों को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम यानी MSME से जुड़ी सरकारी योजनाओं, लोन, सब्सिडी, प्रशिक्षण, मार्केटिंग और कारोबार के विस्तार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर कारोबार को बढ़ावा देना और युवाओं को रोजगार की तलाश करने के बजाय रोजगार पैदा करने की दिशा में प्रेरित करना रहा। आयोजन के दौरान वक्ताओं ने बताया कि सरकारी योजनाओं की सही जानकारी और उचित मार्गदर्शन मिलने पर छोटे स्तर से शुरू किया गया कारोबार भी आगे चलकर बड़े व्यवसाय का रूप ले सकता है।

सरकारी योजनाओं और लोन की जानकारी पर जोर
MSME बिजनेस मीट के दौरान कारोबार शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने के लिए उपलब्ध विभिन्न सरकारी सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। लोगों को बताया गया कि सरकार की ओर से छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए कई प्रकार की वित्तीय सहायता, ऋण सुविधा, सब्सिडी, प्रशिक्षण और व्यवसाय विकास से जुड़ी योजनाएं संचालित की जाती हैं।
कार्यक्रम में खास तौर पर उन लोगों की रुचि देखने को मिली, जो अपना नया कारोबार शुरू करना चाहते हैं। वहीं पहले से कारोबार कर रहे लोगों ने भी व्यवसाय के विस्तार, वित्तीय प्रबंधन, मार्केटिंग और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से जुड़े सवाल पूछे।
आयोजकों का कहना था कि किसी भी कारोबार को सफल बनाने के लिए केवल पूंजी ही पर्याप्त नहीं होती। कारोबारी को बाजार की समझ, सही वित्तीय योजना, टैक्स व्यवस्था, मार्केटिंग और सरकारी सुविधाओं की जानकारी भी होनी चाहिए।

युवाओं को नौकरी से आगे कारोबार की ओर बढ़ने का संदेश
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में AIMIM बिहार के प्रदेश अध्यक्ष सह अमौर विधायक अख्तरुल ईमान शामिल हुए। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अगर सरकारी योजनाओं और उनके लाभ की सही जानकारी आम लोगों तक पहुंचे, तो युवा केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी भी बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि किसी क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए स्थानीय स्तर पर छोटे कारोबार और उद्यमिता को मजबूत करना बेहद जरूरी है। युवाओं में कारोबार करने की क्षमता और इच्छा मौजूद है, जरूरत केवल उन्हें सही जानकारी, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की है।
अख्तरुल ईमान ने इस तरह के आयोजनों को स्थानीय लोगों के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे लोगों को अपने कारोबार को लेकर नई संभावनाओं की जानकारी मिलती है।
जागरूकता और मार्गदर्शन को बताया जरूरी
कार्यक्रम की अध्यक्षता ऑक्सफोर्ड इंटरनेशनल स्कूल के डायरेक्टर ताफीमुर रहमान और MSME कंसल्टेंट कैफी अनवर ने की।
ताफीमुर रहमान ने कहा कि किशनगंज के युवाओं और कारोबारियों को आगे बढ़ाने के लिए जागरूकता और सही मार्गदर्शन बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर युवाओं को समय पर सही जानकारी मिले तो वे अपने हुनर और मेहनत के दम पर स्थानीय स्तर पर नए व्यवसाय खड़े कर सकते हैं।
MSME कंसल्टेंट कैफी अनवर ने कारोबारियों को सरकारी योजनाओं की जानकारी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कई बार कारोबारी अच्छी क्षमता रखने के बावजूद सरकारी सुविधाओं और वित्तीय योजनाओं की जानकारी के अभाव में अपने कारोबार को आगे नहीं बढ़ा पाते। ऐसे आयोजनों के जरिए उन्हें योजनाओं और प्रक्रियाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जा सकती है।

कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी
MSME एवं उद्यमिता विकास विशेषज्ञ डॉ. राशिद हुसैन ने भी कार्यक्रम में कारोबार शुरू करने और सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी साझा की।
उन्होंने नए उद्यमियों को कारोबार शुरू करने से पहले उचित योजना बनाने, बाजार की मांग को समझने और वित्तीय प्रबंधन पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने यह भी बताया कि किसी भी व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए दस्तावेजी प्रक्रिया, वित्तीय अनुशासन और बाजार की समझ काफी महत्वपूर्ण होती है।
कार्यक्रम में मौजूद जिला परिषद प्रत्याशी मोहम्मद आसिफ ने भी इस तरह के आयोजनों को युवाओं और नए उद्यमियों के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को अगर कारोबार और स्वरोजगार से जुड़ी जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए, तो क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
GST और वित्तीय प्रबंधन पर भी हुई चर्चा
MSME बिजनेस मीट में केवल सरकारी लोन और सब्सिडी ही नहीं, बल्कि कारोबार से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई।
अरेबियन नाइट रेस्टोरेंट के डायरेक्टर गुफरान नाहिद ने अपने कारोबारी अनुभव साझा करते हुए व्यवसाय को आगे बढ़ाने से जुड़े सुझाव दिए। वहीं GST कंसल्टेंट सह चार्टर्ड अकाउंटेंट रमजान अली ने कारोबार में GST और वित्तीय प्रबंधन की भूमिका पर जानकारी दी।
पॉलिटिकल कंसल्टेंट फरहान ने भी व्यवसाय को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने और बदलते कारोबारी माहौल के अनुसार रणनीति बनाने से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
विशेषज्ञों ने बताया कि कारोबार शुरू करने के बाद उसकी नियमित निगरानी, खर्च और आमदनी का सही हिसाब, टैक्स से जुड़ी प्रक्रियाओं का पालन और ग्राहकों तक पहुंच बनाना व्यवसाय की सफलता के लिए महत्वपूर्ण है।

स्थानीय लोगों और सूरजापुरी समाज की बढ़ती भागीदारी
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय युवा और कारोबारी मौजूद रहे। खास तौर पर सूरजापुरी समाज के लोगों की कारोबार में बढ़ती भागीदारी भी चर्चा का विषय रही।
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि किशनगंज जैसे जिले में छोटे कारोबार और स्थानीय उद्यमिता के लिए काफी संभावनाएं हैं। जरूरत इस बात की है कि युवाओं को सही अवसर और मार्गदर्शन मिले।
लोगों का कहना था कि सरकारी योजनाओं, लोन सुविधा, सब्सिडी और प्रशिक्षण जैसी सुविधाओं की सही जानकारी मिलने से स्थानीय स्तर पर कई नए व्यवसाय शुरू किए जा सकते हैं। इससे न केवल कारोबारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
किशनगंज में बदलती आर्थिक सोच की तस्वीर
MSME बिजनेस मीट 2026 को लेकर आयोजकों और प्रतिभागियों में उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के अंत में आयोजनकर्ताओं के प्रति लोगों ने आभार जताया और भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की उम्मीद जताई।
कुल मिलाकर, किशनगंज में आयोजित यह बिजनेस मीट स्थानीय युवाओं और कारोबारियों के बीच बढ़ती उद्यमिता की सोच को सामने लाता है। कार्यक्रम में सरकारी योजनाओं की जानकारी से लेकर GST, वित्तीय प्रबंधन, मार्केटिंग और व्यवसाय विस्तार तक कई विषयों पर चर्चा हुई।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि सही जानकारी और बेहतर मार्गदर्शन लगातार उपलब्ध कराया जाए, तो किशनगंज में छोटे कारोबार को बड़े अवसरों में बदला जा सकता है। युवाओं की बढ़ती भागीदारी इस दिशा में एक सकारात्मक संकेत के तौर पर देखी जा रही है।










