किशनगंज जिले के बहादुरगंज विधानसभा क्षेत्र में खाद की बिक्री और किसानों से कथित तौर पर अधिक कीमत वसूले जाने को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। बहादुरगंज के विधायक तौसीफ आलम ने खाद विक्रेताओं को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि किसानों से निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विधायक ने शनिवार को एक वीडियो संदेश जारी कर खाद दुकानदारों से सरकार द्वारा निर्धारित दर पर ही यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरकों की बिक्री करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर कोई दुकानदार किसानों से तय कीमत से ज्यादा पैसे लेते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है और लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।
खाद की कीमत और उपलब्धता किसानों के लिए इस समय बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा है। खेती के मौसम में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध होना जरूरी होता है। ऐसे में अगर खाद की कीमत निर्धारित दर से ज्यादा हो जाए या किसानों को खाद लेने के लिए अतिरिक्त रकम देनी पड़े, तो इसका सीधा असर खेती की लागत पर पड़ता है।
इसी मुद्दे को लेकर विधायक तौसीफ आलम ने खाद विक्रेताओं को अपनी जिम्मेदारी निभाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि किसानों को सरकार द्वारा तय कीमत पर ही खाद उपलब्ध कराई जानी चाहिए और किसी भी तरह की कालाबाजारी या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विधायक के मुताबिक, यूरिया की कीमत 266 रुपये और डीएपी की कीमत 1350 रुपये बताई गई है। उन्होंने खाद दुकानदारों से कहा कि निर्धारित दरों का पालन किया जाए और किसानों से अतिरिक्त रकम की मांग न की जाए।
विधायक ने अपने संदेश में किसानों से भी जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर किसी दुकान पर खाद के लिए निर्धारित कीमत से ज्यादा पैसे मांगे जाते हैं, तो किसान इसकी शिकायत संबंधित विभाग या प्रशासन से कर सकते हैं।
उन्होंने किसानों से यह भी कहा कि अगर कोई दुकानदार तय कीमत पर खाद देने से इनकार करता है या अतिरिक्त राशि की मांग करता है, तो ऐसी स्थिति को नजरअंदाज न किया जाए। शिकायत संबंधित कृषि विभाग, स्थानीय प्रशासन या विधायक के कार्यालय तक पहुंचाई जा सकती है।
तौसीफ आलम ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उन्हें खाद के लिए परेशान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा।
खाद की कालाबाजारी का मुद्दा केवल कीमतों तक सीमित नहीं है। किसानों के लिए खाद की उपलब्धता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। खेती के समय अगर बाजार में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध नहीं होता है, तो किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कई बार इसी तरह की परिस्थितियों में खाद की मांग बढ़ने के साथ कीमतों को लेकर शिकायतें भी सामने आती हैं।
ऐसे में विधायक की चेतावनी के बाद अब खाद विक्रेताओं की निगरानी और बिक्री व्यवस्था पर भी ध्यान बढ़ने की उम्मीद है। अगर प्रशासन की ओर से जांच या निरीक्षण अभियान चलाया जाता है, तो दुकानों पर खाद की उपलब्धता, स्टॉक और बिक्री दर से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है।
विधायक ने खास तौर पर इस बात पर जोर दिया है कि किसानों से सरकार द्वारा निर्धारित कीमत से ज्यादा राशि नहीं ली जानी चाहिए। उनका कहना है कि किसान पहले से ही खेती की बढ़ती लागत का सामना कर रहे हैं। ऐसे में खाद के नाम पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना किसानों के हित में नहीं है।
बहादुरगंज क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग कृषि पर निर्भर हैं। ऐसे में खाद की कीमत और उपलब्धता का मुद्दा स्थानीय स्तर पर काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। किसान अपनी फसल के लिए समय पर उर्वरक चाहते हैं, जबकि प्रशासन के सामने यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होती है कि बाजार में खाद की बिक्री निर्धारित नियमों के अनुसार हो।
इस पूरे मामले में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विधायक की चेतावनी के बाद संबंधित विभाग किस तरह की निगरानी करता है। क्या खाद दुकानों का निरीक्षण किया जाएगा, क्या स्टॉक और बिक्री दरों की जांच होगी और शिकायत मिलने पर किस स्तर की कार्रवाई की जाएगी—इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आ सकते हैं।
विधायक ने दुकानदारों को यह भी संदेश दिया है कि किसानों को खाद उपलब्ध कराने में किसी तरह की मनमानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान अगर अपनी समस्या लेकर सामने आते हैं, तो उनकी शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, किसानों के लिए भी जरूरी है कि वे खाद खरीदते समय निर्धारित कीमत की जानकारी रखें और खरीदारी से जुड़े दस्तावेज या रसीद संभालकर रखें। अगर उनसे अतिरिक्त कीमत वसूली जाती है, तो शिकायत करते समय संबंधित जानकारी और प्रमाण प्रशासन के लिए कार्रवाई में मददगार हो सकते हैं।
खाद की बिक्री को लेकर विधायक का यह वीडियो संदेश ऐसे समय सामने आया है, जब किसानों के बीच उर्वरक की उपलब्धता और कीमत को लेकर चिंता बनी रहती है। ऐसे में विधायक की ओर से दी गई सख्त चेतावनी को किसानों के हित से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि, किसी भी दुकानदार के खिलाफ वास्तविक कार्रवाई तभी की जाएगी जब निर्धारित नियमों के उल्लंघन की पुष्टि संबंधित जांच या सक्षम विभाग की कार्रवाई के माध्यम से हो। फिलहाल विधायक ने अपने स्तर से खाद विक्रेताओं को चेतावनी दी है और किसानों से शिकायत सामने लाने की अपील की है।
कुल मिलाकर, बहादुरगंज विधानसभा क्षेत्र में खाद की कीमत और बिक्री को लेकर विधायक तौसीफ आलम ने दुकानदारों को स्पष्ट संदेश दिया है। किसानों से निर्धारित दर से अधिक पैसे लेने या खाद देने में मनमानी करने की शिकायतों को गंभीरता से लेने की बात कही गई है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि विधायक की चेतावनी के बाद कृषि विभाग और स्थानीय प्रशासन खाद दुकानों की निगरानी को लेकर क्या कदम उठाते हैं। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि किसानों की शिकायतों पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है।
फिलहाल विधायक का संदेश साफ है—किसानों को तय कीमत पर खाद मिले, उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए और अगर किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।










