पूर्णिया कांवरिया सेवा शिविर: सावन के पवित्र महीने में भगवान भोलेनाथ के भक्तों की सेवा के लिए पूर्णिया जिले में एक विशेष पहल की शुरुआत की गई है। पूर्णिया के हरदा स्थित गुड मिल्की वार्ड संख्या-9 के शिव मंदिर परिसर में 42 दिवसीय निशुल्क कांवरिया सेवा शिविर का शुभारंभ किया गया है। इस शिविर का उद्देश्य बाबाधाम और अन्य शिवालयों की यात्रा पर निकलने वाले कांवरियों को राहत, सुविधा और सेवा उपलब्ध कराना है।
शिविर का उद्घाटन पूर्णिया की उप महापौर पल्लवी गुप्ता ने विधिवत रूप से किया। इस अवसर पर उप महापौर प्रतिनिधि भोला साह भी विशेष रूप से मौजूद रहे। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान भक्ति और सेवा का अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब उप महापौर पल्लवी गुप्ता ने स्वयं अपने हाथों से कांवरियों को भोजन परोसा और उनका स्वागत किया।
जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह सेवा कार्य में शामिल होने की श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने सराहना की। लोगों ने कहा कि कांवरियों की सेवा करना धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। सावन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु लंबी दूरी की पैदल यात्रा करते हैं, ऐसे में इस तरह के सेवा शिविर उनके लिए काफी मददगार साबित होते हैं।

आयोजकों के अनुसार, यह सेवा शिविर पूरे 42 दिनों तक लगातार संचालित किया जाएगा। इस दौरान यहां से गुजरने वाले सभी कांवरियों के लिए जरूरी सुविधाएं पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। शिविर में श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध और सात्विक भोजन की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा सुबह-शाम गर्म चाय, स्वच्छ पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
लंबी पैदल यात्रा के कारण कांवरियों को अक्सर थकान और परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए शिविर में आरामदायक विश्राम स्थल की व्यवस्था की गई है, जहां श्रद्धालु कुछ समय रुककर अपनी थकान मिटा सकते हैं। इसके साथ ही स्नान और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
शिविर के आयोजक गोपाल चंद्र दास और भोला मेहता ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी बाबा भोलेनाथ के भक्तों की सेवा के उद्देश्य से इस आयोजन को किया गया है। उन्होंने कहा कि यह सेवा किसी स्वार्थ के लिए नहीं बल्कि श्रद्धा और समर्पण की भावना से की जा रही है।
आयोजकों ने बताया कि सावन माह के दौरान हजारों की संख्या में कांवरिए विभिन्न शिव मंदिरों और बाबाधाम की ओर यात्रा करते हैं। ऐसे में रास्ते में उन्हें भोजन, पानी और विश्राम जैसी सुविधाओं की आवश्यकता होती है। इसी उद्देश्य से यह शिविर लगाया गया है, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को थोड़ी राहत मिल सके।

शिविर के शुरू होते ही कांवरियों का आगमन भी शुरू हो गया है। शिव मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की मौजूदगी से माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। चारों ओर ‘बोल बम’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय बाबा भोलेनाथ’ के जयघोष सुनाई दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के सेवा आयोजन समाज में सहयोग और भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं। कांवरियों के लिए की जा रही यह व्यवस्था न केवल उनकी यात्रा को आसान बनाती है, बल्कि लोगों को सेवा और समर्पण का संदेश भी देती है।
सावन के महीने में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ यात्रा निकालकर शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं। इस दौरान रास्ते में मिलने वाली सुविधाएं उनकी यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

पूर्णिया के हरदा में शुरू किया गया यह 42 दिवसीय कांवरिया सेवा शिविर इसी सेवा भावना का उदाहरण है। यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु का स्वागत पूरी श्रद्धा के साथ किया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि शिविर पूरे सावन भर इसी तरह चलता रहेगा और हर कांवरिया को बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया जाएगा।
यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ मानव सेवा का भी संदेश दे रहा है। श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पानी, विश्राम और अन्य सुविधाओं की निशुल्क व्यवस्था कर यह शिविर सावन के पावन महीने में सेवा और समर्पण का केंद्र बन गया है।










