पूर्णिया सड़क हादसा: पूर्णिया जिले के बायसी थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। देर रात हुए इस भीषण हादसे में एक सरकारी स्कूल शिक्षक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक शिक्षक की पहचान डगरुआ थाना क्षेत्र के दरियापुर निवासी मो. तारिक अनवर के रूप में हुई है। वे स्थानीय प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे और अपने सरल व्यवहार, ईमानदारी तथा विद्यार्थियों के प्रति समर्पण के लिए क्षेत्र में काफी सम्मानित माने जाते थे।
जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना उस समय हुई जब मो. तारिक अनवर अपने काम से लौटकर घर जा रहे थे। वे अमौर क्षेत्र से अपनी मोटरसाइकिल से दरियापुर स्थित अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान बायसी थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार शिक्षक सड़क पर काफी दूर जा गिरे। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं और उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद लोगों ने दुर्घटना की जानकारी पुलिस और स्थानीय प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही बायसी थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पूर्णिया स्थित जीएमसीएच भेज दिया। वहीं, दुर्घटनाग्रस्त मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर मारने वाला वाहन काफी तेज गति में था। हादसे के बाद चालक ने रुकने के बजाय वाहन समेत घटनास्थल से फरार होना बेहतर समझा। पुलिस अब फरार वाहन और उसके चालक की तलाश में जुटी हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि वाहन की पहचान की जा सके और आरोपी चालक को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
परिजनों के मुताबिक, मो. तारिक अनवर परिवार के जिम्मेदार सदस्य होने के साथ-साथ एक समर्पित शिक्षक भी थे। वे नियमित रूप से अपने विद्यालय जाते थे और बच्चों की पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर रहते थे। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
स्कूल में भी शिक्षक की मौत की खबर पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। सहकर्मी शिक्षकों और विद्यार्थियों ने बताया कि तारिक अनवर का व्यवहार सभी के प्रति बेहद अच्छा था। वे बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए हमेशा प्रयासरत रहते थे। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने कार्य और व्यवहार से लोगों के बीच एक अलग पहचान बनाई थी। उनकी असामयिक मौत से शिक्षा जगत को भी बड़ी क्षति हुई है।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों के कारण सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए यातायात व्यवस्था को मजबूत किया जाए और तेज गति से वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
घटना के बाद ग्रामीणों और मृतक के परिजनों ने प्रशासन से कई मांगें रखी हैं। उन्होंने पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि परिवार को इस कठिन समय में कुछ राहत मिल सके। इसके अलावा उन्होंने हादसे के जिम्मेदार चालक की जल्द गिरफ्तारी और उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है और फरार चालक तक पहुंचने के लिए सभी संभावित सुरागों की जांच की जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि जल्द से जल्द आरोपी वाहन चालक की पहचान कर उसे कानून के शिकंजे में लाया जाए।

यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण आए दिन लोगों की जान जा रही है। प्रशासन के साथ-साथ वाहन चालकों को भी सड़क नियमों का पालन करने की आवश्यकता है, ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
मो. तारिक अनवर की मौत ने उनके परिवार, विद्यालय और पूरे गांव को गहरे दुख में डाल दिया है। एक शिक्षक, जो बच्चों के भविष्य को संवारने में अपना योगदान दे रहे थे, उनका इस तरह अचानक चले जाना सभी के लिए बेहद दुखद है। अब सभी की नजर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है, ताकि हादसे के दोषी चालक को जल्द पकड़ा जा सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।










