पूर्णिया स्मैक तस्करी: बिहार के पूर्णिया से नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है। यहां सदर थाना क्षेत्र में पुलिस ने कथित स्मैक तस्करी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से 16 ग्राम स्मैक और करीब 3 लाख 94 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा आरोपी के बैंक खाते में जमा लगभग 10 लाख 96 हजार 779 रुपये की संदिग्ध रकम को भी फ्रीज कराया गया है। पुलिस के मुताबिक, नकदी और बैंक खातों में जमा रकम को मिलाकर करीब 14 लाख 50 हजार रुपये की राशि पर कार्रवाई की गई है।
पुलिस अब इस मामले को केवल नशीले पदार्थ की बरामदगी तक सीमित नहीं रख रही है, बल्कि आरोपी की आर्थिक गतिविधियों, पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और नशे के कारोबार से जुड़े संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही है। इसके साथ ही अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति को जब्त या अटैच करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी भी की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, 3 नवंबर को पूर्णिया के सदर थाना क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी एक गुप्त सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना में इलाके में स्मैक के अवैध कारोबार से जुड़े एक व्यक्ति की गतिविधियों की जानकारी दी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्णिया के एसएसपी के निर्देश पर एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम को तत्काल कार्रवाई करने और सूचना की सत्यता की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इसके बाद पुलिस ने सदर थाना क्षेत्र के जीरो माइल कब्रिस्तान टोला में छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान मोहम्मद तनवीर आलम को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी की तलाशी ली तो उसके पास से 16 ग्राम स्मैक और 3 लाख 94 हजार 510 रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस का दावा है कि बरामद नकदी का संबंध कथित तौर पर नशे के अवैध कारोबार से हो सकता है। हालांकि, इस रकम के स्रोत और वास्तविक उपयोग की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रथम अभिनव पराशर ने बताया कि पुलिस को मादक पदार्थों की तस्करी के संबंध में गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद एसएसपी के निर्देश पर विशेष टीम बनाई गई और योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, शुरुआती तलाशी में नशीला पदार्थ और नकदी बरामद होने के बाद मामले की जांच को आगे बढ़ाया गया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन की भी जांच की। तकनीकी अनुसंधान के दौरान मोबाइल में उपलब्ध बैंक से जुड़े विवरणों की पड़ताल की गई। इसी प्रक्रिया में आरोपी के बैंक खाते में 10 लाख 96 हजार 779 रुपये जमा होने की जानकारी सामने आई। पुलिस को इस रकम के स्रोत और उससे जुड़े लेनदेन को लेकर संदेह हुआ। इसके बाद संबंधित बैंक को आधिकारिक पत्र भेजा गया और संदिग्ध रकम वाले खाते को फ्रीज कराने की कार्रवाई की गई।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में दो तरह से आर्थिक कार्रवाई की गई है। पहली कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से 3 लाख 94 हजार 510 रुपये नकद बरामद किए गए। दूसरी कार्रवाई में बैंक खाते में जमा 10 लाख 96 हजार 779 रुपये की राशि को फ्रीज कराया गया। इन दोनों रकम को मिलाने पर कुल राशि 14 लाख 91 हजार 289 रुपये होती है। यानी उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर नकदी और बैंक खाते की रकम मिलाकर करीब 14 लाख 91 हजार रुपये की राशि पर कार्रवाई हुई है। हालांकि, शुरुआती विवरण में इसे करीब 14 लाख 50 हजार रुपये बताया गया है। इसलिए अंतिम आधिकारिक आंकड़े की पुष्टि जरूरी होगी।

इस मामले में पुलिस की जांच का एक अहम पहलू आरोपी का आपराधिक इतिहास भी है। एसडीपीओ अभिनव पराशर के अनुसार, गिरफ्तार मोहम्मद तनवीर आलम का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस अब उसके पुराने मामलों की जानकारी जुटा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी पहले किन मामलों में शामिल रहा है और क्या उसका संबंध पहले से सक्रिय किसी नशा तस्करी गिरोह से है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद 16 ग्राम स्मैक कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपी अकेले इस कारोबार को संचालित कर रहा था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री में शामिल संभावित सप्लायर, स्थानीय संपर्कों और ग्राहकों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।
नशे के अवैध कारोबार में केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी ही नहीं, बल्कि उससे अर्जित धन का पता लगाना भी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण होता है। कई मामलों में तस्करी से होने वाली कमाई को बैंक खातों और अन्य वित्तीय माध्यमों के जरिए जमा किया जाता है। ऐसे में पुलिस की ओर से बैंक खाते की जांच और संदिग्ध रकम को फ्रीज कराने की कार्रवाई आर्थिक नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश का हिस्सा है।
इसी कड़ी में पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति को अटैच करने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। इसका उद्देश्य कथित नशा कारोबार से जुड़ी कमाई और संपत्ति की पहचान करना तथा कानून के अनुसार उसके खिलाफ कार्रवाई करना है। हालांकि, किसी संपत्ति को अवैध कमाई से जुड़ा साबित करने के लिए जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होता है।
पूर्णिया पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार से जुड़े दूसरे लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी के बैंक खाते में जमा रकम किन स्रोतों से आई और उसका संबंध कथित तस्करी से है या नहीं। मोबाइल फोन से मिले डिजिटल विवरणों और बैंक लेनदेन की जानकारी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
इस कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पुलिस इस गिरफ्तारी के जरिए स्मैक तस्करी के किसी बड़े नेटवर्क तक पहुंच पाएगी? क्या आरोपी के पुराने आपराधिक मामलों और बैंक लेनदेन से नशे के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान हो सकेगी? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में जांच के बाद ही सामने आएंगे।
फिलहाल पूर्णिया पुलिस ने मोहम्मद तनवीर आलम को गिरफ्तार कर 16 ग्राम स्मैक बरामद की है। उसके पास से मिली नकदी और बैंक खाते में जमा संदिग्ध रकम पर भी कार्रवाई की गई है। पुलिस का दावा है कि नशे के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और अवैध संपत्ति की पहचान के लिए जांच जारी है। मामले में आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों और बरामद रकम के स्रोत की अंतिम पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।










