बुजुर्ग दंपती की मौ*त: बिहार के पूर्णिया जिले से एक बेहद सनसनीखेज और दर्दनाक मामला सामने आया है। केनगर थाना क्षेत्र के वार्ड-8 स्थित हेम कॉलोनी मुशहरी में एक बुजुर्ग दंपती के शव उनके ही घर के अंदर रस्सी के फंदे से लटके मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतकों की पहचान 65 वर्षीय गूलर ऋषि और उनकी 45 वर्षीय पत्नी मुनिया देवी के रूप में हुई है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि स्थानीय लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं।
मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब मृतक दंपती की बेटी चम्पा देवी ने अपने बड़े भाई मनोज ऋषि पर माता-पिता की हत्या कर शवों को फंदे से लटकाने का गंभीर आरोप लगाया। वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम तथा एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
रविवार सुबह सामने आया मामला
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह स्थानीय लोगों ने घर के अंदर बुजुर्ग दंपती के शव फंदे से लटके हुए देखे। सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जुट गए। घटना की खबर पुलिस को दी गई, जिसके बाद केनगर थाना की टीम मौके पर पहुंची और पूरे घर का निरीक्षण किया।
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटनास्थल से साक्ष्य भी जुटाए गए हैं ताकि मौत की असली वजह का पता लगाया जा सके।

कई दिनों से चल रहा था पारिवारिक विवाद
परिजनों के अनुसार, बुजुर्ग दंपती का अपने बड़े बेटे मनोज ऋषि के साथ पिछले कई दिनों से विवाद चल रहा था। मृतक के भतीजे तूजा ऋषि ने बताया कि मनोज अपने माता-पिता के साथ अच्छा व्यवहार नहीं करता था। उसने आरोप लगाया कि बेटा उन्हें समय पर खाना तक नहीं देता था और पिछले करीब 12 दिनों से घर में रोज किसी न किसी बात को लेकर झगड़ा हो रहा था।
शनिवार शाम भी विवाद इतना बढ़ गया कि गूलर ऋषि और मुनिया देवी ने बेटे से साफ कह दिया कि यह उनका घर है और यदि रहना है तो सम्मान के साथ रहो, अन्यथा घर छोड़ दो। विवाद के बाद दोनों दूसरे कमरे या घर की ओर चले गए। अगले ही दिन सुबह दोनों की मौत की खबर सामने आई।
बेटी ने लगाया हत्या का आरोप
मृतक की बेटी चम्पा देवी ने इस घटना को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए अपने बड़े भाई मनोज ऋषि और उसकी पत्नी फूल कुमारी देवी पर हत्या का आरोप लगाया है।
चम्पा देवी का कहना है कि मनोज और उसकी पत्नी लंबे समय से माता-पिता के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार करते थे। इसी कारण दोनों पिछले लगभग एक महीने से रात का भोजन उसके घर पर करते थे। उसने बताया कि जब वह अपने माता-पिता को अपने साथ रखने के लिए पहुंची थी, तब भी मनोज और उसके परिवार के लोगों ने गाली-गलौज और मारपीट की थी।
चम्पा का आरोप है कि उसी दौरान मनोज ने कहा था कि “इन दोनों को जान से मार देंगे, तब ले जाना।” बेटी का दावा है कि उसके भाई की नजर माता-पिता की जमीन पर थी और इसी लालच में उनकी हत्या कर शवों को फंदे से लटका दिया गया ताकि मामला आत्महत्या जैसा दिखाई दे।
भीख मांगकर गुजर-बसर कर रहे थे बुजुर्ग
परिवार के लोगों ने बताया कि गूलर ऋषि और उनकी पत्नी मुनिया देवी पिछले लगभग एक साल से बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन बिता रहे थे। उनका कहना है कि बेटा उनकी कोई देखभाल नहीं करता था, जिसके कारण दोनों को भीख मांगकर अपना गुजारा करना पड़ता था।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मनोज गांव के लोगों से कहता था कि कोई भी उसके माता-पिता को खाना या भीख न दे। इस वजह से बुजुर्ग दंपती को कई बार भूखे रहने की नौबत भी आ जाती थी।

छोटे बेटे ने सुनाई पूरी घटना
मृतक के छोटे बेटे संजय ऋषि ने बताया कि वह शनिवार रात बालू खाली करने के काम से बाहर गया हुआ था। रविवार सुबह जब वह वापस लौटा तो गांव वालों से उसे माता-पिता की मौत की जानकारी मिली।
संजय ने बताया कि घर पहुंचने पर उसने देखा कि दोनों मृत पड़े थे। उसने तुरंत अन्य परिजनों और पुलिस को सूचना दी। संजय ने कहा कि उसे भी इस घटना की निष्पक्ष जांच की उम्मीद है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
पुलिस हर पहलू से कर रही जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह आत्महत्या का मामला है या हत्या के बाद शवों को फंदे से लटकाया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य भी एकत्र किए हैं, जिनकी वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी।
जमीन विवाद बना जांच का प्रमुख बिंदु
परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद पुलिस अब जमीन विवाद के पहलू की भी गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यदि परिवार के भीतर संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था तो यह घटना के पीछे एक महत्वपूर्ण कारण हो सकता है।
पुलिस परिवार के सभी सदस्यों के बयान दर्ज कर रही है और पड़ोसियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।

इलाके में शोक और आक्रोश
इस घटना के बाद पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बुजुर्ग दंपती बेहद साधारण और शांत स्वभाव के थे। लोगों ने उनके साथ हुए कथित दुर्व्यवहार पर भी दुख जताया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पारिवारिक विवाद का समाधान हो जाता या बुजुर्गों की उचित देखभाल होती, तो शायद यह दुखद घटना नहीं होती।
पुलिस को रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। यदि हत्या की पुष्टि होती है तो आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला एक बार फिर बुजुर्गों की सुरक्षा, पारिवारिक विवाद और संपत्ति को लेकर बढ़ते अपराधों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है कि आखिर गूलर ऋषि और मुनिया देवी की मौत के पीछे की असली वजह क्या थी।









