शराब तस्करी किशनगंज: बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी के बावजूद राज्य के सीमावर्ती इलाकों में अवैध शराब तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला किशनगंज जिले के पौआखाली थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां राष्ट्रीय राजमार्ग-327E पर विदेशी शराब से लदी एक पिकअप वैन दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस घटना ने एक बार फिर शराब तस्करी के सक्रिय नेटवर्क और उसकी कार्यप्रणाली को उजागर कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना देर रात की है, जब एक पिकअप वैन तेज रफ्तार से पश्चिम बंगाल की ओर से बिहार में प्रवेश कर रही थी। वाहन में बड़ी मात्रा में विदेशी शराब के कार्टून लदे हुए थे, जिन्हें कथित तौर पर बिहार में अवैध रूप से सप्लाई किया जाना था। जैसे ही पिकअप वैन पौआखाली क्षेत्र के पास पहुंची, चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और गाड़ी सीधे सड़क के डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन पलटकर सड़क के बीचों-बीच गिर गया।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। सड़क पर पलटी पिकअप और उसमें बिखरे शराब के कार्टून देखकर लोग हैरान रह गए। कुछ ही देर में यह जानकारी पूरे इलाके में फैल गई और बड़ी संख्या में लोग वहां इकट्ठा हो गए।
घटना की सूचना स्थानीय लोगों ने तुरंत पौआखाली थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम बिना देरी किए मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने सबसे पहले इलाके को सुरक्षित किया और भीड़ को वहां से हटाया। इसके बाद पलटी हुई पिकअप वैन की तलाशी ली गई, जिसमें भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि शराब की यह खेप पश्चिम बंगाल से बिहार में अवैध रूप से लाई जा रही थी। बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के कारण शराब की सप्लाई पूरी तरह प्रतिबंधित है, लेकिन इसके बावजूद सीमावर्ती जिलों में तस्कर नए-नए तरीकों से शराब की तस्करी करने की कोशिश करते हैं।
घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया, जिससे यह मामला और भी संदिग्ध हो गया है। पुलिस ने आशंका जताई है कि चालक को पहले से ही पता था कि वह अवैध शराब की खेप ले जा रहा है और दुर्घटना के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए वह मौके से भाग निकला।
पुलिस ने पिकअप वैन को अपने कब्जे में ले लिया है और उसमें मिली शराब की गिनती और मूल्यांकन की प्रक्रिया जारी है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, यह खेप बड़ी मात्रा में है, जिसकी बाजार कीमत लाखों रुपये तक हो सकती है। हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।

इस पूरे मामले में पुलिस अब वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर मालिक की पहचान करने में जुटी है। साथ ही फरार चालक की तलाश के लिए विशेष छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा और इसमें शामिल अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन ने भी इस घटना को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती इलाकों में शराब तस्करी पर रोक लगाने के लिए निगरानी और बढ़ाई जाएगी। साथ ही ऐसे मार्गों पर चेकिंग और गश्ती बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, जहां से तस्करी की संभावना अधिक रहती है।
गौरतलब है कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद शराब तस्करी के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। खासकर पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तर प्रदेश से सटे जिलों में तस्कर सक्रिय रहते हैं। ये लोग अलग-अलग तरीकों से शराब को बिहार में प्रवेश कराने की कोशिश करते हैं, जिसमें सड़क मार्ग सबसे आम तरीका माना जाता है।
इस तरह की घटनाएं न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं, बल्कि यह भी दिखाती हैं कि शराब तस्करी का नेटवर्क कितना संगठित और सक्रिय है। पुलिस और प्रशासन लगातार कार्रवाई का दावा करते हैं, लेकिन फिर भी ऐसे मामले समय-समय पर सामने आते रहते हैं।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चर्चा का माहौल है। लोग मानते हैं कि अगर समय रहते पुलिस गश्त और सख्ती बढ़ाई जाए, तो ऐसे हादसों और तस्करी की घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।










