स्वच्छता अभियान: पूर्णिया में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान की शुरुआत की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर शुरू हुआ यह अभियान जिले में करीब एक महीने तक चलाया जाएगा। अभियान के दौरान शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक अलग-अलग स्थानों पर स्वच्छता अभियान, जागरूकता कार्यक्रम और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई करना ही नहीं है, बल्कि आम लोगों को स्वच्छता को अपनी रोजमर्रा की जिम्मेदारी के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करना भी है। इसके साथ ही सफाई कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर कार्य परिस्थितियों पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

अंबेडकर सेवा सदन से हुआ अभियान का शुभारंभ
‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान की शुरुआत पूर्णिया के अंबेडकर सेवा सदन से हुई। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ की गई।
इस मौके पर पूर्णिया नगर निगम की महापौर विभा कुमारी, उप महापौर पल्लवी गुप्ता, नगर आयुक्त अनिरुद्ध पांडे और उप विकास आयुक्त राजीव समेत कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में नगर निगम के वार्ड पार्षदों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में सफाई कर्मियों ने भी हिस्सा लिया। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने सफाई कर्मियों के साथ मिलकर अभियान को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।
सफाई कर्मियों को बांटी गई सुरक्षा किट
अभियान के दौरान सफाई कर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण पहल की गई। नगर निगम परिसर में जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने सफाई कर्मियों के बीच स्वच्छता और सुरक्षा किट वितरित की।
सफाई कर्मी रोजाना शहर की सड़कों, नालियों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई करते हैं। ऐसे काम के दौरान उन्हें धूल, गंदगी और दूसरे जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में अभियान के दौरान सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल को जरूरी बताया गया।
सफाई अभियान में शामिल अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों ने भी ग्लव्स और मास्क पहनकर सफाई की। इसके जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि सफाई के साथ-साथ सफाई कर्मियों की व्यक्तिगत सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है।

मुख्य सड़क पर चला सफाई अभियान
कार्यक्रम के बाद अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सफाई कर्मियों ने मिलकर मुख्य सड़क पर सफाई अभियान चलाया।
इस दौरान सड़क और आसपास के सार्वजनिक स्थानों से कचरा हटाया गया। लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने और सार्वजनिक जगहों पर कचरा नहीं फेंकने के लिए जागरूक किया गया।
अभियान से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि केवल प्रशासन या नगर निकाय के प्रयास से शहर को पूरी तरह स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता। इसके लिए आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है।
जब लोग अपने आसपास सफाई रखने, कचरे को निर्धारित स्थान पर डालने और सार्वजनिक जगहों को गंदा नहीं करने की जिम्मेदारी समझेंगे, तभी स्वच्छता अभियान का स्थायी असर दिखाई देगा।
‘हरित पूर्णिया’ के लिए पौधरोपण
स्वच्छता अभियान के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
इसी क्रम में शहर के आरएन शाह चौक पर पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शहर में हरियाली बढ़ाने और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था।
नगर आयुक्त ने ‘हरित पूर्णिया’ का संकल्प लेते हुए शहरवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। उन्होंने पर्यावरण की सुरक्षा के लिए लोगों को अपनी भूमिका निभाने का संदेश दिया।
पौधरोपण कार्यक्रम के जरिए यह बताने की कोशिश की गई कि स्वच्छ शहर के साथ हरित शहर का निर्माण भी जरूरी है। साफ-सफाई और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे से जुड़े हुए विषय हैं।
एक महीने तक चलेंगे जागरूकता कार्यक्रम
जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने बताया कि 17 सितंबर से शुरू हुआ यह अभियान करीब एक महीने तक चलेगा। इस दौरान जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार स्वच्छता और जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
शहर के साथ ग्रामीण इलाकों में भी लोगों को अभियान से जोड़ने की योजना है। इसके लिए नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से मिलकर काम करने की अपील की गई है।
अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थानों की सफाई के अलावा लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने, पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने और सुरक्षित तरीके से सफाई करने पर भी जोर दिया जाएगा।

सफाई कर्मियों की सुरक्षा और सम्मान पर जोर
इस अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू सफाई कर्मियों की सुरक्षा और सम्मान है।
जिलाधिकारी ने सफाई कर्मियों के काम को महत्वपूर्ण बताते हुए उनकी गरिमा और सुरक्षित कार्य वातावरण की जरूरत पर जोर दिया। स्थानीय निकायों के अधिकारियों को सफाई कर्मियों के लिए जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इन उपकरणों में जूते, ग्लव्स और सुरक्षा जैकेट समेत अन्य आवश्यक सामान शामिल हैं।
दरअसल, सफाई कर्मी शहर की स्वच्छता व्यवस्था में रोजाना महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनके लिए सुरक्षित कामकाजी माहौल उपलब्ध कराना भी स्वच्छता व्यवस्था का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
अभियान में सुरक्षा उपकरणों के वितरण के जरिए यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता के काम में लगे लोगों की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
लोगों की भागीदारी से पूरा होगा अभियान का उद्देश्य
‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के जरिए पूर्णिया में स्वच्छता को लेकर लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि सफाई अभियान केवल एक दिन या कुछ दिनों की गतिविधि नहीं होना चाहिए। सार्वजनिक स्थानों को साफ रखना, कचरा सही जगह डालना, प्लास्टिक और दूसरे कचरे का उचित निपटारा करना और आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
इसी तरह पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधे लगाना और उनकी देखभाल करना भी जरूरी है।
पूर्णिया में शुरू हुए इस अभियान में प्रशासन, नगर निकायों, जनप्रतिनिधियों, सफाई कर्मियों और आम लोगों को एक साथ जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर पूर्णिया में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान की शुरुआत सफाई, पर्यावरण संरक्षण और सफाई कर्मियों की सुरक्षा के संदेश के साथ हुई है।
अंबेडकर सेवा सदन से शुरू हुए अभियान में जहां मुख्य सड़क पर सफाई की गई, वहीं सफाई कर्मियों को सुरक्षा किट भी वितरित की गई। आरएन शाह चौक पर पौधरोपण कर ‘हरित पूर्णिया’ का संदेश दिया गया।
अब आने वाले दिनों में अभियान के तहत जिले के अलग-अलग हिस्सों में कितने लोग इससे जुड़ते हैं और स्वच्छता को लेकर जागरूकता किस तरह बढ़ती है, यह देखने वाली बात होगी।
अभियान का संदेश साफ है—स्वच्छ शहर केवल सफाई कर्मियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रशासन और आम नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। इसी सामूहिक भागीदारी से पूर्णिया को स्वच्छ, सुरक्षित और हराभरा बनाने की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है।










