किशनगंज शराब तस्करी: किशनगंज जिले में शराब तस्करी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक कार से करीब 170 लीटर विदेशी शराब बरामद की है। शराब को कार की सामान्य डिक्की में नहीं, बल्कि वाहन के अंदर बनाए गए कथित गुप्त तहखानों में छिपाकर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है और शराब तस्करी में इस्तेमाल की जा रही कार को भी जब्त कर लिया है।
यह कार्रवाई बुधवार सुबह महानंदा पुल पर चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के दौरान की गई। पुलिस के मुताबिक, टीम को पहले से सूचना मिली थी कि एक कार के जरिए बड़ी मात्रा में शराब को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने वाहनों की जांच तेज की और संदिग्ध कार को रोककर उसकी तलाशी ली।

गुप्त सूचना पर रोकी गई कार
पुलिस के अनुसार, महानंदा पुल के पास बुधवार सुबह विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस टीम को एक संदिग्ध कार के बारे में जानकारी मिली।
गुप्त सूचना के आधार पर BR01PC8280 नंबर की कार को जांच के लिए रोका गया। शुरुआत में पुलिस ने वाहन की सामान्य तरीके से जांच की। इसके बाद जब कार के अलग-अलग हिस्सों को बारीकी से देखा गया तो वाहन में कुछ ऐसे हिस्से मिले, जिन्हें कथित तौर पर शराब छिपाकर ले जाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
पुलिस ने कार की डिक्की और गेट में बनाए गए गुप्त तहखानों की तलाशी ली। इन जगहों से बड़ी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई।
169.890 लीटर विदेशी शराब बरामद
तलाशी के दौरान पुलिस को कुल 169.890 लीटर विदेशी शराब मिली। शराब को वाहन के अंदर इस तरह छिपाकर रखा गया था कि सामान्य जांच में उसे आसानी से देखा नहीं जा सके।
पुलिस के मुताबिक, शराब की मात्रा करीब 170 लीटर है। बरामद शराब की अनुमानित बाजार कीमत करीब ढाई से तीन लाख रुपये बताई जा रही है।
शराब बरामद होने के बाद पुलिस ने कार को अपने कब्जे में ले लिया। वाहन की तलाशी और बरामद शराब से संबंधित प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया।
अंशु कुमार गिरफ्तार
पुलिस ने मौके से अंशु कुमार नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान पुलिस ने उससे शराब की खेप, उसके स्रोत और गंतव्य के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश की।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि शराब पश्चिम बंगाल से मुंगेर ले जाई जा रही थी।
हालांकि, शराब की पूरी सप्लाई चेन और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में पुलिस अभी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब कहां से खरीदी गई थी, इसे किसके पास पहुंचाया जाना था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

कार में बनाया गया था गुप्त तहखाना
इस कार्रवाई में सबसे खास बात कार के अंदर बनाए गए गुप्त तहखाने का सामने आना है। पुलिस के मुताबिक, तस्करी के लिए इस्तेमाल की जा रही कार की डिक्की और गेट के हिस्से में ऐसी जगह बनाई गई थी, जहां शराब की बोतलों को छिपाया जा सके।
तस्करी के लिए वाहनों में इस तरह की छिपी हुई जगह बनाए जाने से पुलिस की सामान्य जांच को चकमा देने की कोशिश की जाती है। लेकिन इस मामले में मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कार की गहन तलाशी ली और शराब की खेप बरामद कर ली।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि वाहन में गुप्त तहखाना कब और किसके द्वारा तैयार कराया गया था।
इंस्पेक्टर एमडी हैदर अली के नेतृत्व में कार्रवाई
पूरी कार्रवाई इंस्पेक्टर एमडी हैदर अली के नेतृत्व में की गई। विशेष जांच अभियान के दौरान पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहन को रोका और उसकी तलाशी ली।
कार्रवाई में कांस्टेबल नितीश कुमार, छोटू कुमार, उमेश राम, नारायण और राम पासवान भी शामिल रहे।
पुलिस टीम ने शराब की बरामदगी के बाद वाहन और शराब को जब्त कर लिया। इसके साथ ही गिरफ्तार आरोपी को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए पुलिस कार्रवाई में शामिल किया गया।
पश्चिम बंगाल से मुंगेर ले जाने की बात
प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली है कि शराब की खेप पश्चिम बंगाल से मुंगेर ले जाई जा रही थी। इस जानकारी के आधार पर पुलिस अब शराब के स्रोत और उसके संभावित खरीदार तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
जांच में यह पता लगाया जाएगा कि आरोपी अकेले इस तस्करी में शामिल था या उसके साथ कोई और व्यक्ति भी काम कर रहा था।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इससे पहले इसी वाहन के जरिए कितनी बार शराब की तस्करी की गई और क्या इस नेटवर्क के तार दूसरे जिलों या राज्यों से जुड़े हुए हैं।
उत्पाद अधिनियम के तहत कार्रवाई
शराब बरामद होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस ने शराब के साथ तस्करी में इस्तेमाल की गई कार को भी जब्त किया है। बरामद शराब की मात्रा और वाहन से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
मामले में आगे की जांच के दौरान पुलिस आरोपी से पूछताछ कर शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी।

तस्करी नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस के लिए अब केवल गिरफ्तार आरोपी तक मामला सीमित नहीं है। जांच का फोकस उन लोगों तक पहुंचने पर भी है, जो शराब की सप्लाई, खरीद और डिलीवरी से जुड़े हो सकते हैं।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब पश्चिम बंगाल में कहां से हासिल की गई थी और मुंगेर में इसे किस व्यक्ति या समूह को पहुंचाया जाना था।
इसके अलावा कार में बनाए गए गुप्त तहखाने की भी जांच की जा रही है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि वाहन को विशेष रूप से शराब तस्करी के लिए तैयार किया गया था या पहले से मौजूद किसी वाहन में बाद में बदलाव किया गया।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
किशनगंज में हुई इस कार्रवाई से फिलहाल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी और करीब 170 लीटर विदेशी शराब की बरामदगी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, शराब को कार के अंदर बनाए गए गुप्त हिस्सों में छिपाकर ले जाया जा रहा था।
अब जांच आगे बढ़ने के साथ यह साफ होगा कि इस तस्करी के पीछे कितने लोग शामिल हैं और शराब की यह खेप कहां पहुंचाई जानी थी।
फिलहाल पुलिस ने शराब, वाहन और गिरफ्तार आरोपी को कार्रवाई के दायरे में लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की कार्रवाई जारी है।
किशनगंज में शराब के खिलाफ इस कार्रवाई में करीब 169.890 लीटर विदेशी शराब, एक कार और एक गिरफ्तार आरोपी सामने आया है। अब पुलिस की जांच का अगला चरण इस पूरी सप्लाई चेन की कड़ियों को जोड़ने पर केंद्रित है।










