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पूर्णिया प्रेम विवाह: प्रेम विवाह से नाराज परिवार ने बेटी का पुतला बनाकर निकाली शवयात्रा, पिता ने दी मुखाग्नि

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पूर्णिया प्रेम विवाह: पूर्णिया के के नगर थाना क्षेत्र से प्रेम विवाह को लेकर परिवार और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया का एक मामला सामने आया है। यहां 18 वर्षीय रिया ने परिवार की इच्छा के खिलाफ अपनी पसंद के युवक से शादी कर ली। इसके बाद नाराज परिजनों और कुछ ग्रामीणों ने बेटी का पुतला तैयार कर उसकी प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली। इस दौरान बस्ती में ‘राम नाम सत्य है’ के नारे लगाए गए और बाद में रिया के पिता मनोज कुमार गोस्वामी ने पुतले को मुखाग्नि दी।

इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। परिवार की ओर से बेटी के प्रेम विवाह के फैसले को स्वीकार नहीं किए जाने और उसके बाद प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किए जाने को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

पूर्णिया प्रेम विवाह
पूर्णिया प्रेम विवाह

परिवार की मर्जी के खिलाफ की शादी

बताया जा रहा है कि रिया का गांव के ही 24 वर्षीय मिलन कुमार के साथ करीब तीन साल से संबंध था। दोनों के घर एक-दूसरे से करीब 100 मीटर की दूरी पर बताए जा रहे हैं। परिवार और ग्रामीणों के मुताबिक, कॉलेज आने-जाने के दौरान दोनों की मुलाकात होती थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे।

परिजनों को जब दोनों के रिश्ते की जानकारी हुई तो उन्होंने इस रिश्ते को लेकर अपनी असहमति जताई। परिवार का कहना है कि उन्होंने रिया की शादी अपनी पसंद से तय कर दी थी।

परिवार के मुताबिक, रिया का रिश्ता भागलपुर के एक सरकारी शिक्षक से तय किया गया था। शादी नवंबर में होनी थी और इसके लिए परिवार की ओर से तैयारियां भी शुरू कर दी गई थीं।

8 सितंबर को घर से चली गई थी रिया

परिजनों के अनुसार, 8 सितंबर को रिया घर से चली गई। इसके बाद उसने अपनी पसंद के युवक मिलन कुमार के साथ शादी कर ली। शादी करने के बाद रिया ने फोन के माध्यम से अपने परिवार को भी इसकी जानकारी दी और बताया कि उसने अपनी मर्जी से शादी की है।

बेटी के इस फैसले की जानकारी मिलने के बाद परिवार नाराज हो गया। परिजनों ने उसके फैसले को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और उससे संबंध खत्म करने की बात कही।

परिवार की ओर से कहा गया कि रिया ने उनकी इच्छा के खिलाफ जाकर शादी की है। इसी नाराजगी के बीच परिवार और कुछ ग्रामीणों ने उसका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार करने का फैसला किया।

पूर्णिया प्रेम विवाह
पूर्णिया प्रेम विवाह

पुतले पर लगाई रिया की तस्वीर

परिवार और ग्रामीणों ने रिया का एक पुतला तैयार किया। इस पुतले पर रिया की तस्वीर लगाई गई। इसके बाद बस्ती में पुतले की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली गई।

शवयात्रा के दौरान धार्मिक नारे भी लगाए गए। इसके बाद रिया के पिता मनोज कुमार गोस्वामी ने पुतले को मुखाग्नि दी।

परिवार की ओर से इस कार्रवाई को बेटी के प्रेम विवाह के फैसले के विरोध के रूप में देखा जा रहा है। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी ने परिवार की सहमति के बिना शादी की है और अब वह उनके लिए मृत समान है।

पहले गांव में हुई थी बैठक

ग्रामीण अवधेश कुमार के मुताबिक, प्रेम संबंध और शादी को लेकर गांव में पहले बैठक भी आयोजित की गई थी। बैठक में दोनों पक्षों को बुलाया गया था और मामले को आपसी सहमति से सुलझाने की कोशिश की गई थी।

ग्रामीणों के अनुसार, बैठक में दोनों से पहले की तरह परिवार और समाज के बीच रहने की बात कही गई थी। हालांकि, रिया और मिलन ने अपने रिश्ते को खत्म करने के बजाय शादी करने का फैसला किया।

इसके बाद परिवार की नाराजगी और बढ़ गई। कुछ ग्रामीणों की मौजूदगी में रिया के पुतले की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकालने का निर्णय लिया गया।

परिवार ने शादी का किया था इंतजाम

रिया के पिता मनोज कुमार गोस्वामी का कहना है कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी पहले से तय कर रखी थी। परिवार के मुताबिक, रिश्ता भागलपुर के एक सरकारी शिक्षक से तय किया गया था।

परिवार का दावा है कि शादी नवंबर में होनी थी और शादी की तैयारियां भी शुरू की जा चुकी थीं। ऐसे में रिया के अचानक घर से जाने और अपनी पसंद के युवक से शादी करने के फैसले से परिवार को बड़ा झटका लगा।

परिजनों के मुताबिक, उन्होंने बेटी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए रिश्ता तय किया था। लेकिन रिया ने परिवार की पसंद को स्वीकार नहीं किया और अपने रिश्ते को लेकर खुद फैसला लिया।

पूर्णिया प्रेम विवाह
पूर्णिया प्रेम विवाह

बेटी को मृत समान मानने की बात

प्रेम विवाह के बाद परिवार ने रिया से संबंध खत्म करने की बात कही है। परिजनों का कहना है कि अब रिया उनके लिए मृत समान है।

इसी भाव को प्रतीकात्मक रूप देने के लिए परिवार ने पुतला बनाकर अंतिम यात्रा निकाली और पिता ने मुखाग्नि दी। परिवार की इस कार्रवाई के बाद गांव में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रतीकात्मक शवयात्रा के जरिए समाज में संदेश देने की कोशिश की गई कि परिवार की इच्छा के खिलाफ शादी करने के फैसले को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

तीन साल से चल रहा था रिश्ता

ग्रामीणों के अनुसार, रिया और मिलन एक-दूसरे को करीब तीन साल से जानते थे। दोनों के घर पास-पास होने के कारण उनकी मुलाकात होती रहती थी। कॉलेज जाने के दौरान दोनों की बातचीत शुरू हुई और बाद में यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया।

परिवार की ओर से इस रिश्ते को स्वीकार नहीं किए जाने के बावजूद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया। आखिरकार 8 सितंबर को रिया घर से चली गई और मिलन के साथ शादी कर ली।

शादी के बाद रिया ने फोन करके परिवार को अपने फैसले की जानकारी दी। इसके बाद परिवार ने अपनी नाराजगी जाहिर की और उससे संबंध खत्म करने की बात कही।

इलाके में चर्चा का विषय बना मामला

पूर्णिया के के नगर थाना क्षेत्र में सामने आया यह मामला अब इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ परिवार अपनी बेटी के फैसले से नाराज है, वहीं दूसरी ओर प्रेमी जोड़े ने अपनी पसंद से शादी करने का फैसला लिया है।

मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, परिवार ने बेटी के फैसले के विरोध में प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली है। इस दौरान पुतले पर रिया की तस्वीर लगाई गई और बाद में उसके पिता ने मुखाग्नि दी।

हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सभी पक्षों की स्थिति और आगे की कार्रवाई की जानकारी सामने आना बाकी है। फिलहाल प्रेम विवाह के बाद परिवार की ओर से की गई यह प्रतीकात्मक कार्रवाई स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है।

यह मामला एक बार फिर प्रेम विवाह, पारिवारिक सहमति और सामाजिक दबाव से जुड़े सवालों को सामने लाता है। रिया और मिलन ने अपनी पसंद से शादी करने का फैसला लिया, जबकि परिवार का कहना है कि उनकी बेटी की शादी पहले से तय थी। दोनों पक्षों के फैसलों के बीच पैदा हुआ यह विवाद अब इलाके में लोगों के बीच चर्चा का कारण बना हुआ है।

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