किशनगंज: जिले के बहादुरगंज क्षेत्र में अहमद कंपनी से जुड़े कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की विशेष टीम की छापेमारी लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। पटना से पहुंची यह टीम किशनगंज, बहादुरगंज और अररिया जिलों में कंपनी के गोदामों, शोरूम और अन्य कारोबारी स्थलों पर एक साथ व्यापक सर्च ऑपरेशन चला रही है।

सूत्रों के मुताबिक, इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य टैक्स चोरी, इनपुट टैक्स क्रेडिट के दुरुपयोग और बड़े पैमाने पर फर्जी बिलिंग की आशंका का पता लगाना है। बहादुरगंज में कार्रवाई का केंद्रबिंदु रहा, जहां कंपनी से जुड़े चमड़ा, लोहा, सीमेंट, सरिया (TMT बार), बाइक शोरूम और दो पेट्रोल पंप सहित अन्य बड़े कारोबारों की गहन जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, बहादुरगंज में कम से कम 12 वाहनों के जरिए 45 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी इस अभियान में लगे हुए हैं। शनिवार दोपहर से शुरू हुई यह कार्रवाई अब तक जारी है और इसमें कंपनी के सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज, लेखा-जोखा, बिल और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड्स की बारीकी से जांच की जा रही है।

जांच टीम संवेदकों को दिए गए बिलों का स्टॉक और खरीद के रिकॉर्ड से मिलान कर रही है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी और फर्जीवाड़े का पता लगाया जा सके। सूत्रों का कहना है कि इस कार्रवाई में कई बड़े खुलासे होने की संभावना है। खास तौर पर सीमेंट कारोबार में बड़े स्तर पर फर्जी बिलिंग और इनपुट टैक्स क्रेडिट के गलत इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुँचाने का आरोप है।
हालांकि, अभी तक DGGI या जीएसटी विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। वहीं, स्थानीय व्यापार जगत में इस छापेमारी को लेकर गंभीर चर्चा हो रही है, और यह कार्रवाई क्षेत्र के अन्य व्यवसायियों के लिए चेतावनी के रूप में देखी जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर फर्जीवाड़े की पुष्टि होती है, तो यह कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ एक बड़ा उदाहरण बनेगी और राज्य में टैक्स अनुपालन को मजबूती देने में मदद करेगी।
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