जिले के कोचाधामन प्रखंड अंतर्गत बगलबाड़ी पंचायत में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के स्पष्ट प्रतिबंधों के बावजूद अवैध खनन का कारोबार खुलेआम जारी है। नदी की धार से सटे मौजा बड़ी पुल क्षेत्र की लाल कार्ड भूमि पर भारी पैमाने पर मिट्टी की खुदाई की जा रही है, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इस अवैध खनन में धारीवाल कंपनी की भूमिका सामने आ रही है। आरोप है कि कंपनी द्वारा जेसीबी और पोकलेन जैसी भारी मशीनों का इस्तेमाल कर दिन-रात मिट्टी की खुदाई कराई जा रही है। इस कारण लाल कार्ड की जमीन पूरी तरह गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि यह अवैध गतिविधि कोई नई बात नहीं है, बल्कि लंबे समय से जारी है। इसके बावजूद खनन विभाग और जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। क्षेत्र के जानकारों का दावा है कि अब तक कई एकड़ भूमि से अवैध रूप से मिट्टी निकालकर करोड़ों रुपये का कारोबार किया जा चुका है, जिससे सरकारी राजस्व को भी भारी नुकसान हुआ है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन से न केवल पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है, बल्कि नदी की धार प्रभावित होने से आसपास के इलाकों में कटाव और बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है। इसके अलावा, गहरे गड्ढों के कारण बच्चों और मवेशियों के लिए भी खतरा उत्पन्न हो गया है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए किशनगंज के जिला पदाधिकारी विशाल राज ने कहा कि अवैध खनन की जानकारी उनके संज्ञान में आई है। उन्होंने तत्काल पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं और आश्वासन दिया है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं के खिलाफ नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन के इस आश्वासन के बाद अब क्षेत्र के लोगों की निगाहें आने वाले दिनों में होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस बार प्रशासन अवैध खनन पर लगाम लगाएगा और NGT के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेगा।
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