बिहार के किशनगंज जिले के ठाकुरगंज विधानसभा क्षेत्र में जदयू विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी ने विवाद का रूप ले लिया है। 28 फरवरी 2026 को फेसबुक पर की गई इस पोस्ट में विधायक के खिलाफ अपमानजनक और भ्रामक बातें लिखी गई थीं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी रोष उत्पन्न हुआ।

स्थानीय निवासी इस बात से नाराज हैं कि ऐसी टिप्पणियां न केवल जनप्रतिनिधि की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं, बल्कि क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द और शांति-व्यवस्था को भी प्रभावित कर सकती हैं। इस पर प्रतिक्रिया स्वरूप कई ग्रामीण और नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन और मार्च निकाला। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और नारे लगाते हुए कहा कि असामाजिक तत्वों द्वारा जनप्रतिनिधि के खिलाफ इस प्रकार की टिप्पणियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

विरोध के मद्देनजर ठाकुरगंज के पूर्व नगर मुख्य पार्षद प्रमोद चौधरी, राजेश करनानी, बिमल सिंह, अरुण सिंह, कन्हैया महतो, स्वरूप गांगुली, जय शंकर भारती और अजय सहित अन्य प्रमुख नागरिकों ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) मंगलेश कुमार को लिखित आवेदन सौंपा। आवेदन में पोस्ट करने वाले व्यक्ति के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना सोशल मीडिया की जिम्मेदारी और जनप्रतिनिधियों के सम्मान के मुद्दे को लेकर एक बार फिर बहस की स्थिति पैदा कर रही है। स्थानीय लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भ्रामक और अपमानजनक सामग्री पर रोक लगाने की भी मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसे विवादों से बचा जा सके।
यह मामला यह दर्शाता है कि डिजिटल माध्यमों पर फैल रही अपुष्ट और भ्रामक जानकारी न केवल सामाजिक शांति को प्रभावित कर सकती है, बल्कि जनप्रतिनिधियों के कार्य में भी बाधा डाल सकती है।
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