किशनगंज। पूर्णिया यूनिवर्सिटी के अंतर्गत आयोजित स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षाओं के बार-बार रद्द किए जाने से नाराज छात्रों का गुस्सा शनिवार को फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं मारवाड़ी कॉलेज किशनगंज परिसर में एकत्र हुए और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी की। उनका कहना था कि बार-बार एडमिट कार्ड जारी किए जाते हैं, लेकिन जब वे परीक्षा देने कॉलेज पहुंचते हैं, तब उन्हें बताया जाता है कि परीक्षा रद्द हो चुकी है। इस अव्यवस्था से छात्रों में भारी आक्रोश है।
छात्राओं ने विशेष रूप से अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि वे 50 से 90 किलोमीटर दूर से परीक्षा देने आती हैं, लेकिन हर बार निराश होकर वापस लौटना पड़ता है। इससे न केवल उनका समय और पैसा बर्बाद हो रहा है, बल्कि मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है।

छात्रों के अनुसार, 11 अप्रैल से 16 अप्रैल तक निर्धारित परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। इससे पहले 9 अप्रैल की परीक्षा को रद्द कर 12 अप्रैल की नई तिथि घोषित की गई थी। वहीं 8 से 11 अप्रैल तक की परीक्षाएं भी पहले ही रद्द की जा चुकी थीं। लगातार हो रहे इन बदलावों ने छात्रों की तैयारी और योजना दोनों को प्रभावित किया है।
इस विरोध प्रदर्शन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेता विक्की ठाकुर भी शामिल हुए। उन्होंने विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि तीन-तीन बार एडमिट कार्ड जारी होने के बावजूद परीक्षा आयोजित नहीं की जा रही है, जो छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि परीक्षा रद्द करनी हो, तो इसकी सूचना समय रहते सुबह ही दे दी जानी चाहिए, ताकि छात्रों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय टाउन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। हालांकि, गुस्साए छात्र शुरुआत में शांत होने को तैयार नहीं थे, जिसके चलते परिसर में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब कुछ आक्रोशित छात्रों ने एक चाय दुकानदार के साथ मारपीट कर दी। पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए किसी तरह दुकानदार को सुरक्षित निकाला और स्थिति को काबू में किया।
इस पूरे मामले पर कॉलेज प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। मारवाड़ी कॉलेज किशनगंज के प्रिंसिपल ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
लगातार हो रही परीक्षा रद्दीकरण की घटनाओं ने विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब छात्रों और अभिभावकों की नजरें पूर्णिया यूनिवर्सिटी प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस समस्या का समाधान कब और कैसे करता है, ताकि छात्रों का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित न हो।
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