बेखौफ जुबां बे बाक अंदाज

अररिया राष्ट्रीय लोक अदालत: 15 बेंचों पर सुनवाई, सैकड़ों मामलों का निपटारा

Share Now :

WhatsApp

अररिया जिले में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय परिसर में किया गया। इस अवसर पर जिला जज गुंजन पांडे, जिला पदाधिकारी विनोद दुहन और अन्य न्यायिक पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई।

इस आयोजन का उद्देश्य लंबित मामलों का त्वरित निपटारा और न्याय प्रक्रिया को आम नागरिकों तक पहुँचाना है। लोक अदालत की प्रक्रिया से न केवल न्याय जल्दी मिलता है, बल्कि अदालतों पर लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है।

अररिया राष्ट्रीय लोक अदालत
अररिया राष्ट्रीय लोक अदालत

15 बेंचों पर सुनवाई का आयोजन

इस अवसर पर कुल 15 बेंचों का गठन किया गया, जहां लंबित मामलों की सुनवाई और निपटारा शुरू हुआ। जज गुंजन पांडे ने बताया कि अररिया जिले का डिस्पोजल रेट अन्य जिलों की तुलना में बेहतर है। शनिवार को कुल 2500 ट्रैफिक चालान चिन्हित किए गए थे, जिनमें से 700-800 मामलों का निपटारा आज होने की उम्मीद है।

जज पांडे ने कहा कि बिहार में पहली बार पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाध्याय के निर्देश पर ट्रैफिक चालानों को भी राष्ट्रीय लोक अदालत में शामिल किया गया है। उनका कहना था कि इस कदम से आम जनता को तेज, किफायती और बिना खर्च न्याय उपलब्ध कराया जा सकेगा।

लोक अदालत के फायदे

जज पांडे ने लोक अदालत को न्याय की तेज और किफायती प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि:

  • इससे अदालतों पर लंबित मामलों का बोझ कम होता है।
  • आम नागरिकों को अदालतों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
  • न्याय तुरंत और सुलभ होता है।
  • विवादों का समाधान बिना ज्यादा खर्च के किया जा सकता है।

जिला पदाधिकारी की भूमिका

जिला पदाधिकारी विनोद दुहन ने बताया कि साल के दूसरे राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन अधिक से अधिक मामलों का निपटारा सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि अब लोगों को न्याय पाने के लिए बार-बार अदालतों का रुख नहीं करना पड़ेगा, बल्कि न्याय उनके द्वार पर ही उपलब्ध कराया जा रहा है।

डीएम ने प्रशासन और न्याय विभाग के बेहतर समन्वय की भी सराहना की। उनका कहना था कि सशक्त प्रशासन और न्यायिक सहयोग से ही लोक अदालत सफल हो सकती है।

अररिया राष्ट्रीय लोक अदालत
अररिया राष्ट्रीय लोक अदालत

किन मामलों का निपटारा हो रहा है

इस राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों का निपटारा किया जा रहा है:

  • ट्रैफिक चालान
  • बैंक रिकवरी
  • चेक बाउंस
  • पारिवारिक विवाद
  • संपत्ति संबंधी मामले
  • मुआवजा

जज पांडे ने कहा कि ये सभी मामले आम नागरिकों के जीवन पर सीधे असर डालते हैं। लोक अदालत के माध्यम से इनका समाधान तुरंत किया जा सकता है।

ट्रैफिक चालानों का विशेष महत्व

इस लोक अदालत में ट्रैफिक चालान का विशेष महत्व है। जज पांडे ने बताया कि पहले लोगों को चालान का निपटारा करने के लिए कई बार अदालत जाना पड़ता था। अब यह प्रक्रिया लोक अदालत में शामिल होने से आसान हो गई है।

2500 ट्रैफिक चालानों में से लगभग 700-800 का निपटारा आज ही होने की उम्मीद है। इससे न केवल प्रशासन का काम आसान होगा बल्कि आम नागरिकों को भी राहत मिलेगी।

लोक अदालत का उद्देश्य

लोक अदालत का मूल उद्देश्य है न्याय तक तेजी से पहुंच सुनिश्चित करना। यह कार्यक्रम यह सुनिश्चित करता है कि:

  • लंबित मामलों का जल्दी निपटारा हो।
  • आम जनता को न्यायिक प्रक्रिया के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।
  • न्यायिक प्रक्रिया सुलभ और किफायती हो।

प्रशासन और न्यायिक समन्वय

जिला पदाधिकारी और जज ने बताया कि लोक अदालत में सफल निपटारा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और न्याय विभाग के बीच बेहतर समन्वय किया गया। सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी पूरी तैयारी के साथ मौजूद थे।

निष्कर्ष

अररिया में आयोजित यह राष्ट्रीय लोक अदालत साबित करता है कि न्याय सुलभ, तेज और किफायती बनाया जा सकता है। 15 बेंचों में सुनवाई के माध्यम से सैकड़ों लंबित मामलों का निपटारा होना आम जनता के लिए राहत का कारण है।

लोक अदालत के सफल आयोजन से यह संदेश भी मिलता है कि प्रशासन और न्यायिक विभाग के बेहतर समन्वय से न्यायिक प्रक्रिया को हर नागरिक तक पहुंचाया जा सकता है।

इस तरह की पहल न केवल लंबित मामलों को कम करती है, बल्कि आम लोगों के लिए न्याय की पहुंच आसान और सुलभ बनाती है।

अधिक अपडेट के लिए पढ़ें Jeb News.

4 Views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: JEB News is copyright content