किशनगंज में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में लोग अपने लंबित ट्रैफिक चालान और अन्य मामलों के निपटारे के लिए पहुंचे। बिहार सरकार की “वन टाइम ट्रैफिक चालान सेटलमेंट स्कीम 2026” के तहत वाहन मालिकों को ई-चालान मामलों में विशेष राहत दी जा रही है।
लोक अदालत का यह आयोजन न्यायिक प्रक्रिया को आसान और आम लोगों तक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे लंबित ट्रैफिक चालान और अन्य छोटे-मोटे मामलों में समय और धन की बचत हो रही है।

ट्रैफिक चालान मामलों के लिए विशेष व्यवस्था
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार सुशांत कुमार के निर्देश पर ट्रैफिक चालान मामलों के लिए अलग व्यवस्था की गई।
- ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों का निपटारा शहीद अशफाकउल्लाह खां स्टेडियम, खगड़ा में किया जा रहा है।
- यह कदम अदालत परिसर में भीड़ कम करने और नागरिकों की सुविधा के लिए उठाया गया।
- अलग-अलग काउंटर और पूछताछ केंद्र बनाए गए, जहां लोग चालान और कानूनी प्रक्रिया के बारे में जानकारी ले सकते हैं।
वन टाइम ट्रैफिक चालान सेटलमेंट स्कीम 2026
इस योजना के मुख्य बिंदु:
- 90 दिनों से अधिक समय से लंबित ई-चालान और यातायात जुर्माने के मामलों में वाहन मालिक न्यूनतम राशि जमा कर अपने केस खत्म कर सकते हैं।
- इससे लंबी कानूनी प्रक्रिया और अतिरिक्त खर्च से नागरिकों को राहत मिलती है।
- लोक अदालत में फैसले आपसी सहमति से लिए जाते हैं और इन फैसलों के खिलाफ अपील नहीं की जा सकती, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है।
लोक अदालत में लोगों की भागीदारी
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की अपील के बाद बड़ी संख्या में लोग लोक अदालत में पहुंचे।
- लोग अपने ई-चालान, ट्रैफिक जुर्माने और अन्य मामूली विवादों का समाधान करवा रहे थे।
- ट्रैफिक चालान के अलावा अन्य मामले जैसे पारिवारिक विवाद, संपत्ति विवाद, मुआवजा मामले व्यवहार न्यायालय परिसर में निपटाए जा रहे हैं।
ट्रैफिक चालानों का निपटारा और राहत
लोक अदालत में ई-चालान के मामले कम जुर्माने में निपट रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि:
- इससे लोगों को जुर्माना कम देना पड़ रहा है।
- कानूनी प्रक्रिया जल्दी पूरी हो रही है।
- समय और धन की बचत के साथ-साथ नागरिकों का विश्वास भी बढ़ रहा है।
जिला अधिकारी और न्यायाधीश ने बताया कि लोक अदालत का यह मॉडल न्याय तक तेजी से पहुँच सुनिश्चित करता है।

लोक अदालत का महत्व
किशनगंज में आयोजित यह लोक अदालत यह दर्शाता है कि:
- न्याय प्रक्रिया को आम जनता तक सरल और सुलभ बनाया जा सकता है।
- लंबित ट्रैफिक चालान और छोटे विवादों का समाधान तेजी से किया जा सकता है।
- प्रशासन और न्यायिक विभाग का बेहतर समन्वय आम नागरिकों के लिए फायदेमंद है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे लंबित मामलों को समय रहते निपटाने के लिए लोक अदालत का लाभ उठाएं।

निष्कर्ष
किशनगंज की यह पहल न्याय व्यवस्था में सुलभता, त्वरित समाधान और कम खर्च सुनिश्चित करती है। ई-चालान मामलों का निपटारा कम जुर्माने में करने से नागरिकों को कानूनी राहत मिलती है और अदालतों पर दबाव भी कम होता है।
इस तरह के कार्यक्रम आम जनता को न्याय का भरोसा देते हैं और यह साबित करते हैं कि लोक अदालत मॉडल लंबित मामलों के समाधान में प्रभावी और लाभकारी है।
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