बेखौफ जुबां बे बाक अंदाज

PMFME योजना: अररिया के सुनील कुमार साह ने खड़ी की मूढ़ी फैक्टरी, 25 युवाओं को मिला रोजगार

Share Now :

WhatsApp

PMFME योजना: बिहार के अररिया जिले से एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जो बताती है कि अगर सही समय पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिल जाए, तो ग्रामीण भारत में भी आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रखी जा सकती है। बैद्यनाथपुर वार्ड संख्या-5, गिदरिया निवासी सुनील कुमार साह आज अपने इलाके में सफलता की एक मिसाल बन चुके हैं।

सुनील कुमार साह ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना यानी PMFME योजना का लाभ उठाकर अपनी जिंदगी की दिशा बदल दी। कभी रोजगार की तलाश में गांव छोड़ने की सोच रखने वाले सुनील आज अपने ही गांव में एक सफल उद्यमी बन चुके हैं और हर महीने लगभग 50 हजार रुपये की स्थिर आय अर्जित कर रहे हैं।

उनकी यह सफलता सिर्फ व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि पूरे गांव के लिए रोजगार का नया अवसर बन गई है। सुनील ने अपनी मूढ़ी (मुरमुरा) फैक्टरी के माध्यम से गांव के करीब 25 युवाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराया है, जिससे कई परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

PMFME योजना
PMFME योजना

यह कहानी तब शुरू हुई जब सुनील कुमार साह ने जिला उद्योग केंद्र, अररिया के माध्यम से PMFME योजना के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस योजना के तहत उन्हें लगभग पांच लाख रुपये का ऋण मिला। इसके साथ ही सरकार की ओर से 35 प्रतिशत तक का अनुदान भी प्रदान किया गया, जिससे उनका आर्थिक बोझ काफी कम हो गया।

इस सहयोग ने सुनील को वह हिम्मत दी, जिसकी उन्हें लंबे समय से तलाश थी। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने गांव में एक आधुनिक मूढ़ी फैक्टरी की स्थापना की। शुरुआत में कई चुनौतियाँ थीं, लेकिन सरकारी सहायता और अपने आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने धीरे-धीरे अपने कारोबार को खड़ा किया।

PMFME योजना का उद्देश्य ही सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे उद्यमियों को आर्थिक मदद, तकनीकी सहयोग और प्रशिक्षण मिल सके। सुनील कुमार साह की कहानी इस योजना की सफलता का जीवंत उदाहरण बन चुकी है।

फैक्टरी शुरू होने के बाद सुनील का जीवन पूरी तरह बदल गया। पहले जहां उन्हें रोजगार की अनिश्चितता सताती थी, वहीं अब उनके पास एक स्थिर आय का स्रोत है। उनकी फैक्टरी में तैयार मूढ़ी अब सिर्फ स्थानीय बाजारों में ही नहीं बल्कि आसपास के कई क्षेत्रों में भी सप्लाई की जा रही है।

उनकी यूनिट में काम करने वाले 25 युवा भी अब आत्मनिर्भर हो चुके हैं। इनमें से कई ऐसे युवा हैं जो पहले काम की तलाश में दूसरे शहरों में पलायन करने को मजबूर थे, लेकिन अब उन्हें अपने ही गांव में रोजगार मिल गया है।

सुनील कुमार साह का कहना है कि अगर उन्हें PMFME योजना का सहारा न मिलता, तो शायद वे भी आज दूसरे शहर में किसी छोटी-मोटी नौकरी की तलाश में होते। लेकिन इस योजना ने उन्हें न केवल रोजगार दिया, बल्कि दूसरों को रोजगार देने का अवसर भी प्रदान किया।

PMFME योजना
PMFME योजना

उन्होंने बताया कि शुरुआत में पूंजी की कमी सबसे बड़ी समस्या थी। लेकिन सरकारी ऋण और सब्सिडी ने इस बाधा को काफी हद तक दूर कर दिया। इसके बाद उन्होंने मशीनरी खरीदी, उत्पादन शुरू किया और धीरे-धीरे अपनी यूनिट को विस्तार दिया।

सुनील का मानना है कि सरकार की इस योजना ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। खासकर छोटे उद्यमियों के लिए यह योजना एक नई उम्मीद बनकर आई है।

उनकी फैक्टरी में तैयार होने वाली मूढ़ी की गुणवत्ता की भी स्थानीय बाजार में अच्छी मांग है। समय के साथ उनका कारोबार बढ़ रहा है और अब वे उत्पादन बढ़ाने की योजना पर भी काम कर रहे हैं।

इस सफलता ने सिर्फ सुनील की जिंदगी नहीं बदली, बल्कि पूरे गांव में एक सकारात्मक माहौल तैयार किया है। अब अन्य युवा भी प्रेरित होकर छोटे व्यवसाय शुरू करने की सोच रहे हैं।

जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों ने भी सुनील कुमार साह की उपलब्धि की सराहना की है। उनका कहना है कि PMFME योजना के तहत अररिया जिले में कई नए सूक्ष्म उद्योग स्थापित हो रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं और पलायन में कमी आ रही है।

यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन भी देती है, जिससे उद्यमी अपने व्यवसाय को बेहतर तरीके से चला सकते हैं।

सुनील की कहानी इस बात का प्रमाण है कि अगर सही दिशा, मेहनत और सरकारी सहयोग मिले, तो गांव में रहकर भी बड़ा और सफल व्यवसाय खड़ा किया जा सकता है। आज वे न सिर्फ एक सफल उद्यमी हैं, बल्कि अपने गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत भी बन चुके हैं।

उनकी यह यात्रा बताती है कि छोटे स्तर से शुरू किया गया व्यवसाय भी बड़े परिवर्तन की नींव बन सकता है, बशर्ते उसे सही मार्गदर्शन और समर्थन मिले।

 

5 Views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Other News

error: JEB News is copyright content