TRE-4 भर्ती विवाद: पटना में बुधवार को बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की TRE-4 भर्ती प्रक्रिया को लेकर चल रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन एक बार फिर उग्र हो गया। वैकेंसी जारी करने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सड़कों पर उतरे, जिसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली, जिसमें कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
इस घटना ने पूरे राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज कर दी है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को लगातार अनदेखा कर रही है, जबकि पुलिस कार्रवाई ने स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया है।

वैकेंसी की मांग को लेकर सड़क पर उतरे अभ्यर्थी
TRE-4 भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से नई वैकेंसी जारी नहीं की गई है, जिससे हजारों योग्य उम्मीदवारों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। इसी मांग को लेकर बुधवार को बड़ी संख्या में कैंडिडेट्स पटना में जुटे और प्रदर्शन शुरू किया।
प्रदर्शन में शामिल कई अभ्यर्थी प्रतीकात्मक रूप से हाथों में जंजीर पहनकर पहुंचे, जिससे उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि वे सिस्टम में फंसे हुए महसूस कर रहे हैं। उनका कहना था कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने के बावजूद प्रशासन ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की।
पुलिस की कार्रवाई और हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पटना कॉलेज इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जैसे-जैसे भीड़ बढ़ती गई, हालात बिगड़ने लगे। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए कार्रवाई शुरू की।
इस दौरान कई अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया। छात्र नेताओं में शामिल रिंकल यादव और खुशबू पाठक समेत कई लोगों को पुलिस द्वारा हटाए जाने का वीडियो भी सामने आया है। आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों को घसीटते हुए पुलिस वाहन तक ले जाया गया, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना है कि महिला अभ्यर्थियों के साथ भी सख्ती की गई और उन्हें जबरन थाने ले जाया गया।

पटना कॉलेज क्षेत्र में हाई अलर्ट
प्रदर्शन को देखते हुए पटना कॉलेज इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई और पुलिस बल को तैनात किया गया ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।
हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए वाटर कैनन की गाड़ियां भी मौके पर तैयार रखी गईं। प्रशासन ने कॉलेज गेट को बंद कर दिया और प्रदर्शनकारियों की आवाजाही पर रोक लगा दी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मौके पर डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे।
अभ्यर्थियों के आरोप: आवाज दबाने की कोशिश
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को सुनने के बजाय आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि वे केवल अपनी नियुक्ति और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अपराधी की तरह ट्रीट किया जा रहा है।
कई अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने बल प्रयोग किया। उनका यह भी कहना है कि जब तक TRE-4 वैकेंसी जारी नहीं की जाती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

शिक्षा मंत्री का बयान और विवाद
इस पूरे घटनाक्रम के बीच बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी पटना बोर्ड कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने पूछताछ-सह-शिकायत निवारण केंद्र का उद्घाटन किया। इसी दौरान पत्रकारों ने उनसे प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल पूछे।
जब उनसे पूछा गया कि क्या शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना गुनाह है और सरकार अभ्यर्थियों की आवाज दबा रही है, तो उन्होंने इस सवाल का सीधा जवाब देने से बचते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस समाप्त कर दी और “धन्यवाद” कहकर चले गए।
उनके इस व्यवहार को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष और अभ्यर्थी संगठनों ने इसे सवालों से बचने की कोशिश बताया है।
सरकार का पक्ष: बाहरी लोगों की भूमिका का दावा
शिक्षा मंत्री की ओर से यह भी दावा किया गया है कि इस आंदोलन के पीछे कुछ बाहरी लोगों की भूमिका हो सकती है, जो माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया नियमों के तहत की जा रही है और किसी भी तरह की अनियमितता नहीं होने दी जाएगी।
हालांकि इस बयान को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी और बढ़ गई है। उनका कहना है कि सरकार वास्तविक मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

राजनीतिक माहौल भी गरमाया
TRE-4 भर्ती विवाद अब केवल एक प्रशासनिक मुद्दा नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक रूप भी लेता जा रहा है। विपक्षी दलों ने सरकार पर बेरोजगार युवाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
वहीं, छात्र संगठनों का कहना है कि जब तक नई वैकेंसी जारी नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा तेजी से वायरल हो रहा है और लोग अभ्यर्थियों के समर्थन और विरोध दोनों में अपनी राय रख रहे हैं।
अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—
- TRE-4 भर्ती के लिए जल्द से जल्द वैकेंसी जारी की जाए
- पूरी भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जाए
- रिक्त पदों की सही जानकारी सार्वजनिक की जाए
- लंबित भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी लाई जाए
उनका कहना है कि बिहार में हजारों युवा वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन समय पर वैकेंसी न आने से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।
निष्कर्ष
पटना में TRE-4 वैकेंसी को लेकर हुआ यह प्रदर्शन अब एक बड़े आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है। एक ओर अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं, तो दूसरी ओर प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा है।
पुलिस कार्रवाई और सरकार के बयानों के बाद यह विवाद और गहराता जा रहा है। अब देखना यह होगा कि सरकार अभ्यर्थियों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और क्या इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस समाधान निकल पाता है या नहीं।









