ड्रग्स बरामदगी: किशनगंज जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बहादुरगंज थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान बब्लु गिरी के रूप में हुई है। पुलिस का दावा है कि आरोपी कथित तौर पर मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री और तस्करी से जुड़ा हुआ था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के घर से करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपये मूल्य के मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं। बरामदगी में 405 ग्राम हेरोइन यानी ब्राउन शुगर और 183 ग्राम MDMA शामिल है। दोनों मादक पदार्थों को मिलाकर कुल 588 ग्राम प्रतिबंधित नशीला पदार्थ जब्त किया गया है। पुलिस अब बरामद ड्रग्स के स्रोत और इसकी कथित सप्लाई चेन की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
यह कार्रवाई 16 सितंबर 2026 को बहादुरगंज थाना क्षेत्र के लोहागाड़ा हाट इलाके में की गई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बब्लु गिरी अपने घर से मादक पदार्थों की कथित तौर पर खरीद-बिक्री कर रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने पहले इसका सत्यापन किया। इसके बाद छापेमारी की योजना तैयार की गई।

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2 मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स यानी ANTF और बहादुरगंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने सूचना के आधार पर आरोपी के घर पर छापेमारी की। पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद हुए और मौके से बब्लु गिरी को गिरफ्तार कर लिया गया।
तलाशी के दौरान पुलिस को केवल ड्रग्स ही नहीं, बल्कि हथियार और कई अन्य सामान भी मिले। बरामद सामानों में एक देशी कट्टा और दो तलवार शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने छह मोबाइल फोन, छह डेबिट कार्ड, तीन फोन-पे स्कैनर और एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू भी बरामद किया है।
पुलिस ने आरोपी के पास से 1 लाख 1 हजार 300 रुपये नकद भी बरामद किए हैं। पुलिस अब इस नकदी और बरामद किए गए अन्य सामानों की भूमिका की जांच कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक तराजू और कई मोबाइल फोन की बरामदगी को भी जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, इन सभी सामानों का कथित ड्रग्स कारोबार से संबंध जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री में शामिल होने की बात स्वीकार की है। हालांकि, किसी आरोपी से पूछताछ के दौरान कही गई बातों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जानी होती है। पुलिस अब इस मामले में आरोपी से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।
जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि बरामद किए गए मादक पदार्थ कहां से लाए गए थे और इन्हें किन स्थानों तक पहुंचाया जाना था। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी के साथ इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

जांच एजेंसियां आरोपी के मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड और अन्य डिजिटल माध्यमों से जुड़े लेनदेन की भी पड़ताल कर सकती हैं। फोन-पे के तीन स्कैनर बरामद होने के बाद पुलिस कथित वित्तीय लेनदेन की जानकारी भी जुटा रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री के लिए किसी तरह का डिजिटल भुगतान नेटवर्क इस्तेमाल किया जाता था या नहीं।
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती कथित सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचना है। अगर जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ ही पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी के पास इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ कैसे पहुंचे।
पुलिस ने यह भी बताया है कि मामले में कथित तौर पर तस्करी से अर्जित अवैध संपत्ति की जांच की जाएगी। जांच के दौरान आरोपी की संपत्ति, वित्तीय लेनदेन और अन्य आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा सकती है। यदि जांच में किसी संपत्ति या धन के मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित होने की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामले को लेकर बहादुरगंज थाने में कांड संख्या 597/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने बरामद मादक पदार्थों, हथियारों, नकदी और अन्य सामानों को जांच का हिस्सा बनाया है। अब मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज बताए गए हैं। इनमें हत्या के प्रयास, मारपीट, चोरी और शराबबंदी कानून से जुड़े मामले शामिल हैं। पुलिस अब इन पुराने मामलों और मौजूदा ड्रग्स मामले के बीच किसी संभावित कड़ी की भी जांच कर रही है।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस की नजर अब कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क पर है। पुलिस का मानना है कि मादक पदार्थों की तस्करी का नेटवर्क केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता। इसलिए आरोपी से पूछताछ और बरामद डिजिटल उपकरणों की जांच के जरिए अन्य संभावित आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
किशनगंज की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए भी मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में सीमावर्ती और अंतरराज्यीय गतिविधियों की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। हालांकि, इस मामले में ड्रग्स की वास्तविक सप्लाई कहां से हुई और इसका नेटवर्क किन-किन स्थानों तक फैला था, इसका अंतिम खुलासा पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और बरामद 588 ग्राम मादक पदार्थों के साथ हथियार, नकदी और अन्य सामान को जांच के दायरे में रखा गया है। पुलिस की टीम आरोपी से पूछताछ कर कथित सप्लायर, खरीदार और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।
किशनगंज में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चल रही पुलिस कार्रवाई को सामने रखा है। करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपये मूल्य के बताए जा रहे मादक पदार्थों की बरामदगी के बाद अब जांच का फोकस केवल गिरफ्तार आरोपी तक सीमित नहीं है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित कारोबार के पीछे कौन लोग हैं, ड्रग्स की सप्लाई कहां से होती थी और इसके लिए किस तरह के वित्तीय और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता था।
अब आने वाले दिनों में पुलिस की जांच से इस मामले में और कौन-कौन से नाम सामने आते हैं और कथित नेटवर्क की कितनी परतें खुलती हैं, इस पर नजर रहेगी।










