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पूर्णिया पुलिस ने किया बिहार-बंगाल स्मैक सिंडिकेट का भंडाफोड़

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पूर्णिया पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 517.54 ग्राम स्मैक के साथ चार बड़े तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारगी के साथ बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच चल रहे स्मैक तस्करी के सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पकड़े गए तस्करों में दो बंगाल के और दो बिहार के पूर्णिया जिले के निवासी शामिल हैं। पकड़ी गई स्मैक की कीमत करीब 7.50 लाख रुपये आंकी गई है।

पूर्णिया पुलिस ने किया बिहार-बंगाल स्मैक सिंडिकेट का भंडाफोड़
पूर्णिया पुलिस ने किया बिहार-बंगाल स्मैक सिंडिकेट का भंडाफोड़

पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी

पूर्णिया पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक विशेष टीम का गठन किया और इसकी मदद से इन तस्करों को गिरफ्तार किया। सूचना मिलने के बाद, पुलिस टीम ने मुफस्सिल थाना के तहत बेलौरी चौक पर चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान चार संदिग्ध तस्करों को पुलिस ने देखा, जो पुलिस को देखकर भागने की कोशिश करने लगे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया और उनकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान इनके पास से 517.54 ग्राम स्मैक बरामद की गई। इस स्मैक की बाजार में कीमत करीब 7.50 लाख रुपये बताई जा रही है।

पूर्णिया पुलिस ने किया बिहार-बंगाल स्मैक सिंडिकेट का भंडाफोड़
पूर्णिया पुलिस ने किया बिहार-बंगाल स्मैक सिंडिकेट का भंडाफोड़

गिरफ्तार तस्करों की पहचान

गिरफ्तार तस्करों में मुख्य आरोपी विशाल उरांव है, जो पूर्णिया जिले के रामबाग इलाके के ड्राइवर टोला का निवासी है। विशाल उरांव इस स्मैक तस्करी सिंडिकेट का सरगना है और पहले भी तस्करी के आरोप में पकड़ा जा चुका है, तथा उसने जेल की सजा भी काटी है। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक थाना क्षेत्र के सिलामपुर गांव का वासिफ शेख भी गिरफ्तार किया गया है। अन्य दो तस्कर बिहार और पश्चिम बंगाल से ताल्लुक रखते हैं।

तस्करों की गिरफ्तारी से सिंडिकेट का भंडाफोड़

पूछताछ के दौरान तस्करों ने खुलासा किया कि वे पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक से स्मैक की खेप लेकर पूर्णिया आ रहे थे। इन तस्करों का सिंडिकेट बिहार और बंगाल के बीच सक्रिय था, और उनकी मुख्य आपूर्ति का रास्ता पश्चिम बंगाल के कालियाचक से पूर्णिया था। गिरफ्तार तस्करों ने पुलिस को बताया कि वे इस खेप को पूर्णिया और आसपास के इलाकों में सप्लाई करते थे।

8 अन्य तस्करों के नामों का खुलासा

पुलिस ने जब इन तस्करों से पूछताछ की, तो उनके मोबाइल से कई अहम जानकारी हासिल हुई। पूछताछ में इन तस्करों ने 8 अन्य धंधेबाजों के नाम उजागर किए, जो इस बिहार-बंगाल स्मैक सिंडिकेट के हिस्से थे। पुलिस अब इस सिंडिकेट के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज को खंगालने में जुट गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि इस सिंडिकेट का नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है और इसके साथ अन्य कौन लोग जुड़े हुए हैं।

पुलिस टीम की भूमिका

पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व एसपी कार्तिकेय शर्मा ने किया, जबकि विशेष टीम का गठन सदर सीडीपीओ पंकज शर्मा के नेतृत्व में हुआ था। टीम ने अत्यधिक सतर्कता और योजनाबद्ध तरीके से इस अभियान को अंजाम दिया। इस छापेमारी टीम में सदर एसडीपीओ पंकज कुमार शर्मा, मुफस्सिल थानाध्यक्ष उत्तम कुमार, डीआईयू के एसआई जितेंद्र राणा, एसआई दिव्य प्रकाश, सौरव कुमार, अरविंद कुमार, नितिन कुमार समेत सिपाही प्रशांत कुमार, रघुवीर कुमार, दीपक कुमार, अमनप्रीत कुमार, सरवन कुमार, चंदन कुमार, निरंजन कुमार, कौशल कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पुलिस की आगे की कार्रवाई

पुलिस अब इस मामले में तस्करों और उनके साथियों के नेटवर्क को और अधिक गहराई से जांचने की योजना बना रही है। जल्द ही अन्य तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिनके नाम गिरफ्तारी के बाद उजागर हुए हैं।

निष्कर्ष

पूर्णिया पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बड़े स्मैक तस्करी सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है, जो बिहार और बंगाल के बीच सक्रिय था। पुलिस की कड़ी मेहनत और रणनीति ने इस सिंडिकेट को न केवल सुलझाया बल्कि यह भी साबित कर दिया कि अपराधियों को किसी भी हालत में नहीं बख्शा जाएगा। पुलिस इस मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियों की उम्मीद कर रही है।

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