किशनगंज पुलिस मासिक अपराध गोष्ठी: किशनगंज में पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। रविवार देर रात पुलिस सभागार में आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी और पुलिस सभा में कई अहम निर्णय लिए गए। इस बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने की। बैठक में जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अंचल पुलिस निरीक्षक, थानाध्यक्ष और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी मौजूद रहे।
इस बैठक में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निष्पादन, नशा तस्करी पर रोक, साइबर अपराध, मानव तस्करी और आगामी पर्वों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों पर सख्त निर्देश
बैठक में पुलिस अधीक्षक ने सभी थानों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि जांच की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
साथ ही अपराध नियंत्रण को लेकर सभी थानों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय गश्त बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

ANTF (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) का गठन
बैठक का सबसे बड़ा फैसला नशे के खिलाफ था। जिले में बढ़ती मादक पदार्थों की तस्करी और सेवन को रोकने के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के गठन की घोषणा की गई।
इस टास्क फोर्स को विशेष रूप से नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने, सप्लाई चेन का पता लगाने और अवैध ड्रग्स कारोबार पर सख्त कार्रवाई करने की जिम्मेदारी दी गई है।
सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया कि वे अपने क्षेत्र में सक्रिय नशा तस्करों की पहचान करें और उनके खिलाफ विशेष अभियान चलाएं।

‘ड्रग्स फ्री कैंपस’ अभियान पर जोर
पुलिस प्रशासन ने शिक्षण संस्थानों को नशामुक्त बनाने के लिए ‘ड्रग्स फ्री कैंपस’ अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।
इसके तहत स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया जा सके। साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जनभागीदारी के माध्यम से नशा मुक्ति अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
इंडो-नेपाल सीमा पर सख्त निगरानी
किशनगंज जिला इंडो-नेपाल सीमा से जुड़ा होने के कारण यहां सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीमा क्षेत्र के थानों को फर्जी आधार कार्ड, नकली दस्तावेज और फर्जी कंपनियों के माध्यम से होने वाली ठगी पर कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन का मानना है कि ऐसे मामलों पर रोक लगाना बेहद जरूरी है ताकि अंतरराष्ट्रीय सीमा का दुरुपयोग न हो।
यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई
बैठक में यातायात व्यवस्था को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए। बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों और निजी वाहनों पर अवैध रूप से ‘पुलिस’ या ‘प्रेस’ लिखकर चलने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के आदेश दिए गए हैं।
इस कदम का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ाना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
महिला सुरक्षा और ‘पुलिस दीदी योजना’
महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए महिला थाना को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
‘पुलिस दीदी योजना’ के तहत एक नई कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है, जिससे महिलाओं को सुरक्षा, सहायता और त्वरित पुलिस सहयोग मिल सके।
इसके अलावा मानव तस्करी रोकने के लिए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) को पुनर्गठित कर और अधिक सक्रिय बनाने के आदेश दिए गए हैं।
साइबर अपराध पर सख्त रुख
डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए साइबर थाना को निर्देश दिया गया है कि लंबित मामलों का जल्द से जल्द निष्पादन किया जाए।
ऑनलाइन ठगी, बैंक फ्रॉड और सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों पर तेजी से कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है। पुलिस का उद्देश्य है कि आम जनता को साइबर अपराध से सुरक्षित रखा जाए।
आगामी बकरीद पर्व को लेकर सुरक्षा व्यवस्था
आगामी बकरीद पर्व को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, गश्त बढ़ाने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। किसी भी तरह की अफवाह या सांप्रदायिक तनाव को रोकने के लिए सख्त निगरानी रखी जाएगी।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों का सम्मान
बैठक में कुछ पुलिस अधिकारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित भी किया गया।
पहाड़कट्टा थानाध्यक्ष फुलेन्दर कुमार को बिजली तार चोरी के सफल मामले के लिए पुरस्कृत किया गया, जबकि दिघलबैंक थानाध्यक्ष विपिन कुमार को बेहतर कांड निष्पादन के लिए सम्मान मिला।
वहीं, कोचाधामन, पाठामारी और विशनपुर थानाध्यक्षों के कार्य प्रदर्शन पर असंतोष जताते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
निष्कर्ष
किशनगंज पुलिस मासिक अपराध गोष्ठी में लिए गए निर्णय यह दर्शाते हैं कि जिला प्रशासन अपराध नियंत्रण, नशा उन्मूलन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर है।
ANTF के गठन, साइबर अपराध पर सख्ती, महिला सुरक्षा योजनाओं और सीमा क्षेत्र की निगरानी जैसे कदम आने वाले समय में जिले की कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाएंगे।
इस बैठक से यह स्पष्ट संदेश गया है कि किशनगंज पुलिस अब अपराधियों के खिलाफ और अधिक आक्रामक रणनीति अपनाने जा रही है, जिससे जिले में शांति और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
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