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फिंगर स्कैनिंग डिवाइस से बैंक खातों में सेंध, 5 गिरफ्तार

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अररिया जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। फिंगर स्कैनिंग डिवाइस और अत्याधुनिक इंटरनेट उपकरणों की मदद से लोगों के बैंक खातों से अवैध रूप से पैसे निकालने वाले एक संगठित साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने पांच शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई महलगांव थाना क्षेत्र के किसनपुर गांव में की गई।

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पुलिस अधीक्षक अंजनी कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर थाना को गुप्त सूचना मिली थी कि किसनपुर गांव में विनोद मंडल के घर पर कुछ लोग एकत्र होकर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक सह थानाध्यक्ष, साइबर थाना के नेतृत्व में महलगांव थाना पुलिस के साथ एक संयुक्त छापेमारी दल का गठन किया गया।

फिंगर स्कैनिंग डिवाइस से बैंक खातों में सेंध, 5 गिरफ्तार
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संयुक्त टीम ने जब विनोद मंडल के घर पर छापा मारा तो घर के पिछले कमरे में छह लोग लैपटॉप, मोबाइल फोन और फिंगर स्कैनिंग डिवाइस के साथ संदिग्ध स्थिति में पाए गए। पुलिस को देखते ही सभी आरोपी मौके से भागने लगे, लेकिन पुलिस टीम की तत्परता से पांच लोगों को पकड़ लिया गया, जबकि एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनोद मंडल, मोहम्मद सरताज, सोनू कुमार मंडल, मोहम्मद निसार और भास्कर कुमार के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे जियो वाई-फाई राउटर के माध्यम से इंटरनेट कनेक्शन लेकर लैपटॉप और टैब का इस्तेमाल करते थे। इसके जरिए वे लोगों की निजी और बैंकिंग जानकारी हासिल करते थे। इसके बाद फिंगर स्कैनिंग डिवाइस की मदद से उंगलियों के निशान स्कैन कर सीधे बैंक खातों से पैसे निकाल लेते थे। पुलिस के अनुसार यह पूरी तरह योजनाबद्ध और संगठित साइबर ठगी का नेटवर्क था।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 14 मोबाइल फोन, दो फिंगर स्कैनिंग डिवाइस, एक लैपटॉप, एक टैब, एक जियो वाई-फाई राउटर, चार मोटरसाइकिल और दो कारें बरामद की हैं। बरामद वाहनों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से अन्य साइबर अपराधों के सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है।

इस संबंध में साइबर थाना अररिया में कांड संख्या 03/26 दर्ज कर ली गई है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और इनके नेटवर्क का दायरा किन-किन जिलों या राज्यों तक फैला हुआ है।

इस सफल छापेमारी का नेतृत्व पुलिस उपनिरीक्षक रजिया सुल्तान और धर्मेंद्र कुमार (साइबर थाना अररिया) ने किया। टीम में सह-अपर थानाध्यक्ष राजू कुमार (महलगांव थाना), कुंदन कुमार (साइबर थाना), रोमा कुमारी (महलगांव थाना) सहित दोनों थानों के रिजर्व बल के जवान शामिल थे। पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या बायोमेट्रिक जानकारी साझा करने से बचें और साइबर ठगी की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

अधिक अपडेट के लिए पढ़ें Jeb News.

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