किशनगंज: कोर्ट परिसर में हाई वोल्टेज ड्रामा: युवक पर शादी में धोखाधड़ी और धर्म परिवर्तन का आरोप, जेल में हुई थी पहचान
किशनगंज। किशनगंज व्यवहार न्यायालय परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक और युवती के बीच जमकर हंगामा हुआ। कोर्ट परिसर में हुई इस घटना ने कुछ देर के लिए न्यायिक कार्यवाही को भी प्रभावित किया। युवती ने युवक पर शादी में धोखाधड़ी करने, अपनी पहली शादी की जानकारी छिपाने और जबरन धर्म परिवर्तन कर विवाह करने जैसे गंभीर आरोप लगाए।
घटना उस वक्त सामने आई, जब युवक अपनी नियमित हाजिरी दर्ज कराने व्यवहार न्यायालय पहुंचा था। युवक को देखते ही युवती भी कोर्ट परिसर पहुंच गई और दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हंगामे में बदल गई। युवती का आरोप है कि युवक ने खुद को अविवाहित बताकर उससे शादी की थी, लेकिन बाद में उसे पता चला कि युवक पहले से शादीशुदा है।

धर्म परिवर्तन का भी लगाया आरोप
युवती ने आरोप लगाया कि शादी से पहले युवक ने उससे धर्म परिवर्तन करवाया। उसका कहना है कि यह सब धोखे और दबाव में कराया गया। इस दौरान युवती बार-बार न्याय की मांग करती नजर आई, वहीं युवक आरोपों से इनकार करता रहा। दोनों के बीच हो रहे विवाद को देखने के लिए कोर्ट परिसर में मौजूद वकील, फरियादी और आम लोग इकट्ठा हो गए।
जेल में हुई थी पहचान, पेशी के दौरान बढ़ी नजदीकियां
जानकारी के अनुसार, युवक और युवती दोनों पश्चिम बंगाल के निवासी हैं। दोनों की पहली मुलाकात किशनगंज मंडल कारा में हुई थी, जहां वे एक ही मामले में बंद थे। जेल में रहने और कोर्ट में पेशी के दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। कुछ समय बाद युवती को जमानत मिल गई, जबकि युवक जेल में ही रहा। युवती ने बाद में युवक की जमानत करवाई, जिसके बाद दोनों ने कोर्ट में शादी कर ली।

महिला नेपाल की मूल निवासी, पहले से है एक बच्ची की मां
पीड़ित महिला मूल रूप से नेपाल की रहने वाली है और फिलहाल पश्चिम बंगाल में रह रही है। वह पहले से विवाहित थी और एक बच्ची की मां भी है। महिला का आरोप है कि उसका पहला पति उसे छोड़कर फरार हो गया था। इसी दौरान उसकी मुलाकात युवक से हुई और दोनों ने साथ जीवन बिताने का फैसला किया। हालांकि, अब महिला का कहना है कि युवक ने अपनी पहली शादी की सच्चाई उससे छिपाई।
लोगों के हस्तक्षेप से शांत हुआ मामला
युवक की कोर्ट में पेशी की सूचना मिलने पर महिला जानबूझकर वहां पहुंची थी। विवाद बढ़ने पर स्थानीय लोगों और कोर्ट में मौजूद अन्य व्यक्तियों ने बीच-बचाव किया और दोनों को शांत कराया। काफी समझाने-बुझाने के बाद मामला काबू में आया और दोनों को कोर्ट परिसर से एक साथ भेजा गया।

पुलिस को नहीं मिली लिखित शिकायत
इस मामले पर सदर थाना अध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन ने बताया कि फिलहाल पुलिस को किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि महिला या युवक की ओर से आवेदन दिया जाता है, तो मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और कोर्ट परिसर में हुई इस घटना ने एक बार फिर रिश्तों में धोखाधड़ी और कानूनी जागरूकता के सवाल खड़े कर दिए हैं।











