कटिहार। रमजान के पवित्र महीने में अल करीम यूनिवर्सिटी (कटिहार मेडिकल यूनिवर्सिटी) द्वारा एक भव्य इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे का भी संदेश देता नजर आया। खास बात यह रही कि इस कार्यक्रम में सभी धर्मों और समुदायों के लोगों ने बड़ी संख्या में शिरकत की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं विश्वविद्यालय के संरक्षक, पूर्व राज्यसभा सांसद अशफाक करीम ने रोजे के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रमजान का रोजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी निहित है। रोजा आत्मअनुशासन, आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम है। इसके साथ ही यह शरीर की आंतरिक सफाई कर स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है और कई बीमारियों से बचाव में सहायक होता है।

उन्होंने कहा कि रोजा व्यक्ति को संयम, धैर्य और सेवा की भावना सिखाता है। समाज में आपसी सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने में भी रमजान की महत्वपूर्ण भूमिका है। इफ्तार जैसे आयोजनों से विभिन्न समुदायों के लोग एक साथ बैठकर संवाद करते हैं, जिससे सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलता है।

इस अवसर पर शहर की मेयर उषा देवी अग्रवाल, डिप्टी मेयर मंजूर खान, जदयू नेता सूरज राय, सुनील सिंह, विनोद सिंह, अभिषेक सिंह, निरंजन पोद्दार, आशीष बलिदानी तथा राजद नेता समरेंद्र कुणाल सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। बड़ी संख्या में रोजेदारों ने सामूहिक रूप से इफ्तार कर सौहार्द का संदेश दिया।

अपने संबोधन में अशफाक करीम ने सीमांचल क्षेत्र के समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके प्रयासों की सराहना की जा रही है। साथ ही उन्होंने बताया that अल करीम यूनिवर्सिटी क्षेत्र में उच्च शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
समारोह का समापन सामूहिक दुआ और भाईचारे के संदेश के साथ हुआ। यह आयोजन सामाजिक एकता, धार्मिक सद्भाव और विकास के संकल्प का प्रतीक बनकर उभरा।
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