अररिया/किशनगंज, बिहार – केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के तीन दिवसीय सीमांचल दौरे का दूसरा दिन धार्मिक, सुरक्षा और विकास गतिविधियों से भरा रहा।
सुबह किशनगंज के पूर्व पाली स्थित हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना करते हुए अमित शाह ने क्षेत्रवासियों से आशीर्वाद लिया। इस दौरान बिहार के डिप्टी सीएम Samrat Choudhary भी उनके साथ मौजूद थे।

सुरक्षा बैठक और प्रशासनिक समीक्षा
मंदिर दर्शन से पहले गृह मंत्री ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज में अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें सीमा सुरक्षा, प्रशासनिक तैयारियों और आपराधिक गतिविधियों पर गहन चर्चा हुई। इस बैठक में बिहार और पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे।

बैठक के बाद अमित शाह माछमारा हवाई पट्टी से बीएसएफ हेलीकॉप्टर के जरिए अररिया के लिए रवाना हुए। अररिया में लगभग छह घंटे तक चलने वाले कार्यक्रम के दौरान उन्होंने:
- सीमा चौकियों का निरीक्षण किया
- नव-निर्मित सरकारी भवनों का उद्घाटन किया
- सीमावर्ती जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की
बैठक के प्रमुख एजेंडा में सीमा सुरक्षा को और मजबूत करना, घुसपैठ रोकने के उपाय और केंद्र की विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा शामिल थी।

राजनीतिक बयानबाजी
इस दौरे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। Ranvijay Sahu ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों को मिलाकर नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं।
गौरतलब है कि अमित शाह इससे पहले 21 सितंबर 2022 को भी किशनगंज आए थे, जब उन्होंने एमजीएम मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा संबंधी बैठक की थी। इस दौरे के दौरान उन्होंने बिहार सरकार के मंत्री Dilip Jaiswal के आवास पर भाजपा नेताओं के साथ राजनीतिक रणनीति और पश्चिम बंगाल चुनाव की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श किया।

प्रशासनिक तैयारियां
सीमांचल दौरे के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए और वाहनों की जांच भी तेज कर दी गई थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमित शाह का यह दौरा सीमांचल क्षेत्र के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह न केवल सीमा सुरक्षा को मजबूत करने का अवसर है बल्कि विकास परियोजनाओं की गति और क्षेत्रीय प्रशासन के कामकाज की समीक्षा का भी प्रमुख मंच है।
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