किशनगंज: पवित्र रमजान माह की शुरुआत के साथ ही किशनगंज के बाजारों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। जिले की 70 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम आबादी के कारण बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। खासकर शाम के समय बाजारों में चहल-पहल देखने लायक होती है।

शहर का प्रसिद्ध चूड़ी पट्टी बाजार इस समय सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। रमजान के मद्देनजर बाजार को विशेष रूप से सजाया गया है। चूड़ी पट्टी चौक से लेकर मुख्य बाजार तक सड़क के ऊपर रंग-बिरंगी झालर लाइटें लगाई गई हैं, जो ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं। शाम होते ही यह पूरा इलाका दूधिया रोशनी से जगमगा उठता है, जिससे बाजार की खूबसूरती और बढ़ जाती है।
बाजार में लोग इफ्तार और सहरी से संबंधित सामानों के साथ-साथ कपड़े, चूड़ियां, इत्र, टोपी और अन्य पारंपरिक वस्त्र भी खरीद रहे हैं। खजूर, सेवई, फल, शरबत और पकौड़े जैसी खाद्य वस्तुओं की दुकानों पर भी ग्राहकों की अच्छी भीड़ देखी जा रही है।

दुकानदारों का कहना है कि रमजान का महीना उनके व्यवसाय के लिए महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इस दौरान बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए दुकानदार अपनी दुकानों को सजाते हैं और नए सामान भी मंगवाते हैं। इस वजह से शाम ढलते ही चूड़ी पट्टी बाजार में रंग-बिरंगी रोशनी और लोगों की चहल-पहल के बीच पूरा माहौल रमजानमय हो जाता है।

स्थानीय निवासियों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए किशनगंज के बाजारों में पहुंच रहे हैं, जिससे बाजारों की रौनक लगातार बढ़ रही है। खरीदारी करने आए लोगों का कहना है कि रमजान में बाजार का माहौल खुशनुमा हो जाता है और रोशनी-सजावट से दृश्य और भी खूबसूरत दिखता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के त्योहार और धार्मिक अवसर स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सक्रिय करते हैं, जिससे छोटे और बड़े व्यापारी दोनों को लाभ होता है। किशनगंज के बाजारों में इस समय का माहौल न केवल खरीदारी का है, बल्कि सामुदायिक उत्सव और एकता का प्रतीक भी बन गया है।
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