बिहार के किशनगंज जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। जिले के जदयू विधायक गोपाल अग्रवाल ने आरोप लगाया कि जिले में दर्जनों स्कूल बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं और इसमें शिक्षा विभाग की मिलीभगत है।

स्कूल और कोचिंग की मिलीभगत
विधायक गोपाल अग्रवाल ने कहा कि कई जगह कोचिंग संस्थानों को स्कूल का रूप देकर चलाया जा रहा है। वहीं, कुछ स्थानों पर स्कूल के नाम पर केवल कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। उनके अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया बच्चों की शिक्षा के अधिकार और गुणवत्ता के लिए खतरा है।
विधायक ने बताया कि इन अनियमितताओं की न तो सही तरह से जांच हो रही है और न ही कोई निगरानी की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे संस्थानों के कारण छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और उनके भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है।

विधायक की कार्रवाई की मांग
गोपाल अग्रवाल ने कहा कि वे इस मुद्दे को जल्द ही मुख्यमंत्री के सामने उठाएंगे और विधानसभा में भी इसे प्रमुखता से रखेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिना मान्यता वाले स्कूलों का संचालन अपराध है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

स्थानीय प्रतिक्रिया और चिंता
इस बयान के बाद जिले की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोग भी इस मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कई अभिभावकों ने कहा कि बच्चों की शिक्षा को लेकर ऐसी लापरवाहियों को गंभीरता से देखा जाना चाहिए।
विधायक ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे राजनीतिक और कानूनी स्तर पर इस मुद्दे को उठाएंगे।
इस घटना ने किशनगंज जिले में शिक्षा प्रशासन की पारदर्शिता और जिम्मेदारी पर एक बार फिर ध्यान आकर्षित किया है।
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