किशनगंज। बिहार में भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति के मामलों को लेकर चल रही सख्ती के बीच एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। किशनगंज सदर थाना के पूर्व थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन को आय से अधिक संपत्ति के आरोपों में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पूर्णिया रेंज के आईजी विवेकानंद द्वारा यह आदेश जारी किया गया, जिसके तहत उनका मुख्यालय अररिया पुलिस केंद्र निर्धारित किया गया है।

ईओयू की जांच के बाद कार्रवाई
यह कार्रवाई आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की विस्तृत जांच के आधार पर की गई है। जांच में सामने आया कि अभिषेक कुमार रंजन की संपत्ति उनके ज्ञात आय स्रोतों से काफी अधिक है। यह मामला उस समय और गहराया जब पहले से जांच के दायरे में चल रहे निलंबित एसडीपीओ गौतम कुमार की जांच के दौरान रंजन की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई।
अवैध नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह संकेत मिले हैं कि रंजन के स्थानीय स्तर पर बालू, शराब, एंट्री और तस्करी से जुड़े कथित नेटवर्क से संपर्क हो सकते हैं। आरोप है कि इन गतिविधियों को संरक्षण देने के बदले उन्हें कमीशन के रूप में अवैध आय प्राप्त होती थी, जिसे बाद में विभिन्न संपत्तियों में निवेश किया गया।

कई राज्यों में संपत्तियों का खुलासा
ईओयू की जांच में सामने आया है कि आरोपी अधिकारी के नाम पर पश्चिम बंगाल, दिल्ली-एनसीआर सहित कई स्थानों पर संपत्तियां मौजूद हैं। इनमें सिलीगुड़ी में एक फ्लैट और दार्जिलिंग रोड के पास जमीन की खरीद की जानकारी भी शामिल है। इन संपत्तियों के वित्तीय स्रोतों की गहन जांच के लिए अलग-अलग जांच टीमें गठित की गई हैं।
छापेमारी से पहले लीक की आशंका
जांच के दौरान ईओयू की टीम पश्चिम चंपारण के सिकटा स्थित रंजन के ससुराल भी पहुंची थी, लेकिन छापेमारी की सूचना पहले ही लीक हो जाने के कारण वहां से कोई महत्वपूर्ण बरामदगी नहीं हो सकी। इस घटना ने जांच प्रक्रिया की गोपनीयता पर भी सवाल खड़े किए हैं।

115 प्रतिशत अधिक संपत्ति का आरोप
जांच में यह भी सामने आया है कि अभिषेक कुमार रंजन ने अपनी सेवा अवधि के दौरान अपनी ज्ञात आय से लगभग 115 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है। हालांकि, अब तक किसी प्रकार की नकदी या आभूषण की बरामदगी की पुष्टि नहीं हुई है, जिस पर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं भी हो रही हैं।
समान पैटर्न की जांच
ईओयू की जांच में यह भी देखा जा रहा है कि यह मामला पहले के एसडीपीओ गौतम कुमार से जुड़ी जांच की तरह ही एक समान पैटर्न दर्शाता है, जिसमें कथित तौर पर अवैध कमाई को संपत्तियों में बदलने का नेटवर्क तैयार किया गया।
जांच जारी, और खुलासों की संभावना
फिलहाल मामले की जांच जारी है और कई राज्यों में फैली संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे प्रशासनिक स्तर पर और कार्रवाई संभव है।
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