अररिया: जिले में मार्च महीने के दौरान आए तेज तूफान और भारी बारिश ने रबी फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। गेहूं, मक्का और सरसों जैसी प्रमुख फसलें खेतों में बर्बाद हो गईं, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत और निवेश पर बड़ा असर पड़ा है। कई जगहों पर फसलें पूरी तरह गिरकर नष्ट हो गई हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हुई है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार ने प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिला कृषि पदाधिकारी गौरव प्रताप सिंह ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया 10 अप्रैल से शुरू की गई थी, जिसकी अंतिम तिथि 5 मई निर्धारित की गई है। अब तक जिले से करीब 20 हजार किसान मुआवजे के लिए आवेदन कर चुके हैं।

प्रशासन के अनुसार, प्राप्त सभी आवेदनों की जांच की जा रही है। सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र किसानों के बैंक खातों में सीधे मुआवजा राशि ट्रांसफर की जाएगी। आवेदन के लिए किसानों को क्षतिग्रस्त फसल की तस्वीर, खेत का पूरा विवरण, पहचान पत्र और बैंक पासबुक की प्रति जमा करना अनिवार्य किया गया है।

कृषि विभाग की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का आकलन कर रही हैं। अररिया के नरपतगंज, रानीगंज, फारबिसगंज समेत कई प्रखंडों में सबसे अधिक फसल क्षति दर्ज की गई है।
हालांकि सरकार की इस पहल से किसानों में राहत की उम्मीद जगी है, लेकिन कुछ किसान मुआवजे की राशि को लेकर संशय भी जता रहे हैं। इस पर विभाग का कहना है कि मुआवजा वास्तविक नुकसान के आकलन के आधार पर ही तय किया जाएगा, ताकि जरूरतमंद किसानों को सही समय पर आर्थिक सहायता मिल सके और वे अगली फसल की तैयारी कर सकें।
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